पेपर लीक मामले पर कन्हैया कुमार का हमला, बोले- शिक्षा को प्रोडक्ट बना दिया गया
कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने पेपर लीक, पाठ्यक्रम में गलतियों और शिक्षा के व्यवसायीकरण पर सवाल उठाए.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने पेपर लीक, पाठ्यक्रम में गलतियों और शिक्षा के व्यवसायीकरण पर सवाल उठाए. कुमार ने NEET और UPSC जैसी परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा उठाया, बेरोजगारी को देश के विकास में बाधक बताया और सरकार पर शिक्षा के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है.
कांग्रेस नेता और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के AICC इंचार्ज कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ओडिशा के पाठ्यक्रम में वैज्ञानिक को पायलट बता दिया गया. ऐसी कई गलतियां हैं. वहीं राजस्थान में परीक्षा में प्रश्न पत्र की जगह आंसर शीट दे दी गई. उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि लोगों को अशिक्षित रखकर देश को विकसित कैसे बनाया जाएगा? उन्होंने सवाल किया कि जब देश में लाखों लोग बेरोजगार हैं, तो भारत विकसित कैसे बनेगा?
कन्हैया कुमार ने कहा कि पर्ची वाले प्रधानमंत्री के राज में शिक्षा को ‘प्रोडक्ट’ बना दिया गया है. आज शिक्षा किसी के लिए आसान नहीं है और इसके जिम्मेदार वे अयोग्य लोग हैं, जो पदों पर बैठे हैं. दरअसल, मोदी सरकार का शिक्षा को लेकर अप्रोच ही गड़बड़ है.
कन्हैया कुमार ने पेपर लीक पर बोला हमला
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जुमला दिया था- हम हार्वर्ड वाले नहीं, बल्कि हार्डवर्क वाले हैं. इनका यही हार्डवर्क है कि पेपर लीक हो जा रहा है. बात साफ है- जो सरकार ‘वोट चोरी’ करेगी, वो पेपर चुराएगी.
उन्होंने कहा कि जिस सरकार में बैठे लोग Education का E नहीं जानते, वो ऐसा ही शिगूफा छोड़ेंगे और टेलीग्राम बैन कर देंगे. कन्हैया कुमार ने साफ कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. NTA को बैन करना होगा, लेकिन परीक्षा पर चर्चा करने वाले PM मोदी पेपर लीक पर एक शब्द नहीं बोलते.
उन्होंने कहा कि आज कोई ऐसी परीक्षा नहीं, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो. अब सवाल UPSC जैसी परीक्षा पर भी उठ रहा है. इस सबका कारण सरकार में बैठे लोगों का नाकारापन है. सरकार में शिक्षा के प्रति गंभीरता की कमी ने शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है.
शिक्षा व्यवस्था पर आम आदमी का भरोसा टूट गया
कन्हैया कुमार ने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने साफ-साफ कहा है कि हम शिक्षा पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन आज हर मां-बाप को डर लग रहा है कि हमारा बच्चा कुछ कर न ले. बच्चे भयंकर डिप्रेशन में हैं, मगर बीजेपी का एक भी नेता ये नहीं कह रहा कि NEET का EXAM दोबारा हो रहा है.
वे जिम्मेदारी लेने की बजाए राहुल गांधी से सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या केंद्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार है? पीएम मोदी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जी की बात सुननी चाहिए, क्योंकि शिक्षा राजनीति का मसला नहीं है.
कन्हैया कुमार ने कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था पर से आम व्यक्ति का भरोसा टूट गया है. छात्रों से सपना देखने का अधिकार छीन लिया गया है. देश की सरकार आम जनता की जेब काट रही है. मोदी सरकार ने शिक्षा को प्रोडक्ट में तब्दील कर दिया गया है. देश में बड़े-बड़े पदों पर अयोग्य लोगों को बैठाया जा रहा है और हम जब सवाल उठाते हैं तो हम पर राजनीति करने का आरोप लगाया जाता है. ऐसे में सवाल है- क्या पेपर लीक करवाना देशभक्ति का काम है?



