कानपुर: अमिताभ बाजपेई का अनोखा विरोध, पुलिस रोक के बाद घर बैठे किया वर्चुअल पूजन
कानपुर में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को स्कूल शिलान्यास कार्यक्रम में जाने से पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने घर से ही वर्चुअल पूजा की। उनके बयान और घटनाक्रम ने सपा-बीजेपी के बीच सियासी तनाव को और बढ़ा दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर में राजनीतिक तनाव एक बार फिर उस समय बढ़ गया जब समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई को परमट स्थित सरकारी स्कूल के शिलान्यास कार्यक्रम में जाने से पुलिस ने रोक दिया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया गया, जिसके बाद मामला और गरमा गया। विधायक को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक दिए जाने के बाद उन्होंने अपने घर से ही वर्चुअली शिलान्यास का पूजन किया। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस ने रोकने का फैसला क्यों लिया?
सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर पहले से ही सपा और बीजेपी समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी वजह से पुलिस ने एहतियातन कदम उठाते हुए विधायक अमिताभ बाजपेई को मौके पर जाने से रोक दिया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न पैदा हो। हालांकि इस फैसले के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई।
घर से वर्चुअल शिलान्यास और पूजा
कार्यक्रम में शामिल न हो पाने के बाद विधायक अमिताभ बाजपेई ने अपने आवास से ही वर्चुअल रूप में शिलान्यास प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में उनकी भागीदारी लगातार बनी रहेगी, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों। इस दौरान उनका एक बयान भी चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब तक विद्यालय का कार्य शुरू नहीं होता, तब तक वह न तो चप्पल पहनेंगे और न ही ऊपर के कपड़े पहनेंगे। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सियासी टकराव और बढ़ी बयानबाजी
परमट स्कूल शिलान्यास को लेकर पहले से ही सियासी खींचतान चल रही थी, लेकिन इस नए घटनाक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया है। सपा और बीजेपी दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास परियोजनाओं से जुड़े ऐसे कार्यक्रम अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का मुद्दा बनते जा रहे हैं।
पुलिस की निगरानी में कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस की कड़ी निगरानी रही और किसी भी तरह की भीड़ या टकराव की स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
कानपुर की राजनीति में बढ़ता तनाव
कानपुर में पिछले कुछ दिनों से विकास योजनाओं और शिलान्यास कार्यक्रमों को लेकर सियासी तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह मामला भी उसी राजनीतिक टकराव की कड़ी माना जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बयानबाजी और राजनीतिक प्रतिक्रिया से यह साफ है कि मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा



