केडीए के उपाध्यक्ष पूरे तेवर में

भ्रष्टाचार पर अंकुर कौशिक का बड़ा एक्शन

  • 12 लाख रुपये के लेनदेन के मामले में अमीन का डिमोशन
  • तीन कर्मचारियों पर गिराई गाज

प्रांजुल मिश्रा/4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण-केडीए के उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों पर गाज गिराई है। इनमें मुख्य रूप से केडीए वीसी के पूर्व पीए और वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे के खिलाफ हुई है। विवादित भूखंड को दोबारा आवंटित किए जाने के मामले में प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद दुबे को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ अब विभागीय जांच भी होगी। इसके अलावा द्वितीय श्रेणी लिपिक प्रदीप कुमार सविता को सेवा से बर्खास्त किया गया हैए जबकि अमीन संतोष कुमार को पदावनत कर दिया गया है।
तीसरी कार्रवाई अमीन संतोष कुमार के खिलाफ हुई है। लैंड बैंक में तैनाती के दौरान ग्राम गंगपुर चकबंदाए बिठूर रोड से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता को 1.38 करोड़ रुपये से अधिक के प्रतिकर भुगतान के बाद उससे ब्लैंक चेक लेकर पवन कुमार राय के खाते में 12 लाख रुपये का भुगतान कराने और टीडीएस प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दोबारा 12 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप था। इसी प्रकरण में संतोष कुमार को 7 मई 2025 को निलंबित किया गया था। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में उन्हें बहाल किया गया। अब जांच आख्या के आधार पर अंकुर कौशिक ने 10 सितंबर 2026 को उन्हें अमीन पद के मूल वेतनमान पर स्थायी रूप से पदावनत कर दिया है।

केडीए वीसी के पीए रह चुके हैं कश्यप कांत दुबे

केडीए के वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे पूर्व में उपाध्यक्ष के निजी सहायक पीए रह चुके हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई स्वराज नगर की योजना.40 में एच.24ए ब्लॉक.सी के एक भूखंड के आवंटन से जुड़ी है। जांच में सामने आया कि भूखंड को रिक्त दर्शाते हुए उसका दोबारा आवंटन किए जाने के कारण विवाद की स्थिति पैदा हुई और इससे प्राधिकरण के हित प्रभावित होने की बात सामने आई। इस मामले की प्रारंभिक जांच में कश्यप कांत दुबे को दोषी पाया गया। इसके बाद उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के द्वारा 8 सितंबर 2026 के आदेश पर उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्यवाही संस्थित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच के लिए वित्त नियंत्रक, कानपुर विकास प्राधिकरण को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

मुखर्जी विहार के भूखंडों में गड़बड़ी में लिपिक बर्खास्त

दूसरी बड़ी कार्रवाई द्वितीय श्रेणी लिपिक प्रदीप कुमार सविता के खिलाफ हुई है। मुखर्जी विहार में भूखंड संख्या 05ए 13ए 10 और 11 से जुड़े मामले में तथ्यों को छिपानेए मिथ्या/त्रुटिपूर्ण प्रस्तुतीकरण और धोखाधड़ी के आधार पर कार्रवाई की गई। नामित जांच अधिकारियों की आख्या के आधार पर उपाध्यक्ष ने सविता को सेवाच्युत डिसमिसल करने का दंड दिया है।

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