चुनावी माहौल में केजरीवाल का सरप्राइज! कोली समाज के साथ जताया समर्थन, BJP खेमे में हलचल
गुजरात के भावनगर में 151 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की अचानक मौजूदगी ने...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के भावनगर में एक ऐसा नजारा देखने को मिला.. जिसने राजनीति से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का संदेश दिया.. यहां 151 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया.. जिसमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए.. बता दें कि पूरा मैदान खुशियों, रंगों और आशीर्वाद से भरा हुआ था.. जहां आमतौर पर एक शादी में ही पूरा परिवार उत्सव में डूब जाता है.. वहीं यहां एक साथ 151 बेटियों की डोली उठ रही थी.. यह नजारा हर किसी के लिए भावुक और गर्व से भरा था.. यह कार्यक्रम श्री वीर मंधाता कोली समाज संगठन द्वारा आयोजित किया गया था.. यह संगठन पिछले 12 वर्षों से जरूरतमंद और अनाथ बेटियों की शादी करवाने का काम कर रहा है.. अब तक 2000 से अधिक बेटियों की शादी करवाई जा चुकी है.. कुछ साल पहले इसी संगठन ने 501 जोड़ों का सामूहिक विवाह कर एक मिसाल पेश की थी.. इस बार 151 जोड़ों का विवाह भी उसी परंपरा का हिस्सा था.. यह आयोजन सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में उठाया गया मजबूत कदम है..
आपको बता दें कि कोली समाज गुजरात में बड़ी संख्या में रहता है.. यह समाज मुख्य रूप से खेती, मछली पालन.. और मेहनत-मजदूरी से जुड़ा हुआ है.. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए शादी-ब्याह एक बड़ी जिम्मेदारी होती है.. कई बार सामाजिक दबाव और दिखावे की वजह से लोग अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च कर देते हैं.. नतीजा यह होता है कि परिवार कर्ज में डूब जाते हैं.. जमीन बेचनी पड़ती है या गहने गिरवी रखने पड़ते हैं.. ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे आयोजन गरीब परिवारों के लिए राहत का बड़ा सहारा बनते हैं.. इस समारोह में शामिल हर जोड़े की शादी पूरे सम्मान.. और रीति-रिवाजों के साथ करवाई गई.. मंच पर पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार हुआ.. परिवारों ने आशीर्वाद दिया और समाज के लोगों ने मिलकर इस पल को यादगार बनाया.. यहां फिजूल खर्च नहीं था, लेकिन सम्मान और खुशी में कोई कमी नहीं थी.. यही इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही…
बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने मंच से कोई राजनीतिक भाषण नहीं दिया.. उन्होंने चुनाव या पार्टी की बात करने के बजाय बेटियों की खुशियों.. और परिवारों की जिम्मेदारियों की चर्चा की.. उन्होंने कहा कि समाज को दिखावे और कुरीतियों से दूर रहना चाहिए.. शादी एक पवित्र रिश्ता है.. इसे अनावश्यक खर्च और सामाजिक दबाव का माध्यम नहीं बनाना चाहिए.. उन्होंने यह भी कहा कि अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा और सही अवसर मिलें.. तो वे देश और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं.. मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए..
आपको बता दें कि इस आयोजन की एक और खास बात यह रही कि इसमें सिर्फ एक समाज की नहीं.. बल्कि हर जाति और हर धर्म की बेटियां शामिल थीं.. यह कार्यक्रम सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया.. यहां किसी तरह का भेदभाव नहीं दिखा.. सभी ने मिलकर बेटियों को आशीर्वाद दिया.. और उनके नए जीवन की शुरुआत का साक्षी बने.. यह संदेश साफ था कि समाज को जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं.. आम आदमी पार्टी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और चर्चा में ला दिया.. राजनीतिक माहौल के बीच किसी नेता का इस तरह सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना लोगों के बीच भरोसा पैदा करता है.. जब नेता समाज के सुख-दुख में साथ खड़े होते हैं.. तो लोगों के दिलों में एक अलग जगह बनती है.. यही भरोसा आगे चलकर राजनीतिक ताकत में बदल सकता है..



