AAP की बढ़ती लोकप्रियता से डरी BJP? बैनर-झंडे हटाने से बढ़ा आक्रोश

गुजरात में आम आदमी पार्टी की बढ़ती सक्रियता और लोकप्रियता को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है... आरोप है कि कई जगहों पर AAP के बैनर... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गढ़ माना जाता है.. यहां भारतीय जनता पार्टी की सत्ता कई दशकों से मजबूत रही है.. लेकिन हाल के वर्षों में आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता ने BJP को बेचैन कर दिया है.. AAP के नेता अरविंद केजरीवाल और उनके साथी बार-बार आरोप लगाते हैं कि.. BJP इतनी डरी हुई है कि जहां कहीं भी AAP के बैनर, झंडे या पोस्टर दिखते हैं.. उन्हें हटा दिया जाता है.. गुजरात की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार यानी केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों में BJP की सत्ता AAP से क्यों डरती है.. यह सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.. AAP का दावा है कि उनकी पार्टी की ईमानदार राजनीति.. और जनकेंद्रित नीतियां गुजरात के लोगों को आकर्षित कर रही हैं.. जिससे BJP की जड़ें हिल रही हैं..

AAP की गुजरात में शुरुआत 2014 के लोकसभा चुनावों से हुई.. लेकिन असली उछाल 2022 के विधानसभा चुनावों में आया.. उस चुनाव में AAP ने 182 सीटों में से 5 सीटें जीती.. और 12.9 प्रतिशत वोट हासिल किए.. यह BJP के लिए चौंकाने वाला था.. क्योंकि गुजरात में BJP का दबदबा था.. AAP को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला.. और वह गुजरात में मुख्य विपक्षी पार्टी बनने की दिशा में बढ़ी.. 2022 के चुनावों में AAP ने कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाई.. जिससे BJP को फायदा हुआ.. लेकिन AAP की अपनी ताकत भी बढ़ी.. AAP ने दिल्ली और पंजाब मॉडल को गुजरात में खूब सराहा और प्रचार किया.. जिससे मुख्य रूप से मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें शामिल थी.. गुजरात के ग्रामीण इलाकों में AAP का फोकस बढ़ा.. जहां किसान और युवा BJP से नाराज थे..

आपको बता दें कि 2025 में AAP की लोकप्रियता और बढ़ी.. जब विसावदर उपचुनाव में AAP उम्मीदवार ने जीत हासिल की.. यह BJP के लिए बड़ा झटका था.. क्योंकि विसावदर BJP का मजबूत गढ़ था.. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि.. इस जीत ने BJP के नेताओं को डरा दिया.. BJP के व्हाट्सऐप ग्रुपों में ‘विसावदरवादी कर देंगे’ जैसे संदेश घूमने लगे.. यानी हर सीट को विसावदर जैसा बना देंगे.. BJP के विधायकों को चेतावनी दी गई कि अगर काम नहीं किया तो हार सकते हैं.. AAP की यह जीत पटेल समुदाय में लोकप्रिय हुई.. जो गुजरात की राजनीति में महत्वपूर्ण है.. वहीं BJP को लगा कि पटेल वोटर AAP की तरफ जा सकते हैं..

2026 में AAP की गतिविधियां और तेज हुईं.. जनवरी में अरविंद केजरीवाल गुजरात दौरे पर आए और BJP पर हमला बोला.. और उन्होंने कहा कि BJP ने 30 सालों में गुजरात को बर्बाद कर दिया.. किसान, युवा और गरीब परेशान हैं.. केजरीवाल ने AAP कार्यकर्ताओं से कहा कि डर हटाओ और बदलाव लाओ.. और उन्होंने आरोप लगाया कि BJP डर.. और भ्रष्टाचार से शासन कर रही है.. AAP के गुजरात इंचार्ज गोपाल राय ने कहा कि पुलिस का दुरुपयोग कर AAP के कार्यक्रम रोके जा रहे हैं.. एक कार्यक्रम का स्थान बदलना पड़ा.. क्योंकि BJP के दबाव में मालिक ने इजाजत रद्द कर दी.. केजरीवाल ने कहा कि AAP नेता पर जूता फेंकने वाला व्यक्ति.. BJP नेता से 50 हजार रुपये और शराब लेकर आया था..

AAP के बैनर और झंडे हटाने की घटनाएं गुजरात में राजनीतिक तनाव का प्रतीक बन गई हैं.. 2022 में जब केजरीवाल और भगवंत मान गुजरात दौरे पर थे.. तब BJP कार्यकर्ताओं ने वडोदरा में AAP के बैनर फाड़ दिए.. वजह AAP मंत्री के कथित हिंदू-विरोधी बयान थे.. AAP नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि यह BJP की हार के डर का सबूत है.. अहमदाबाद में BJP नियंत्रित अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने सुबह-सुबह AAP के बैनर.. और झंडे हटा दिए, जब मान गुजरात आ रहे थे.. AAP ने इसे BJP की बौखलाहट बताया.. सोशल मीडिया पर पोस्ट में दावा किया गया कि AAP की बढ़ती लोकप्रियता से BJP डरी है.. इसलिए जहां AAP के प्रतीक दिखते हैं, उन्हें हटा देती है..

एक और घटना 2022 की है.. जब AAP कार्यकर्ताओं ने एंटी-AAP पोस्टर हटाए.. जो BJP ने लगाए थे.. पोस्टरों में AAP को ‘हिंदू-विरोधी’ बताया गया था.. केजरीवाल ने कहा कि BJP कार्यकर्ता गुजरात में AAP को चुपचाप सपोर्ट कर रहे हैं.. और अपनी पार्टी की हार चाहते हैं.. 2026 में जब दुर्गेश पाठक को गुजरात का सह-प्रभारी बनाया गया.. CBI ने उनके घर पर रेड की.. AAP ने कहा कि यह BJP का डर है.. क्योंकि AAP गुजरात में चुनौती दे रही है.. पाठक ने कहा कि BJP समझ नहीं पा रही कि AAP डरती नहीं है..

वहीं अब सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि गुजरात की ट्रिपल इंजन सरकार केंद्र में मोदी, राज्य में भूपेंद्र पटेल.. और स्थानीय निकायों में BJP.. AAP से क्यों डरती है.. वजह AAP की वैकल्पिक राजनीति है.. AAP दिल्ली और पंजाब में सत्ता में है.. जहां उन्होंने मुफ्त सुविधाएं देकर लोकप्रियता हासिल की.. गुजरात में AAP इसी मॉडल को ला रही है.. 2022 के चुनावों में AAP ने BJP के गढ़ में सेंध लगाई.. AAP गुजरात में राष्ट्रीय पार्टी बनी.. जो BJP के लिए खतरा है.. AAP ने ग्रामीण इलाकों में किसानों और युवाओं को आकर्षित किया.. जहां BJP से असंतोष है..

जिसके चलते BJP को डर है कि AAP वोट काट सकती है या सीधे जीत सकती है.. 2025 के उपचुनाव में AAP की जीत ने BJP को हिलाया.. BJP के कैडर में असंतोष है.. कई चुपचाप AAP को सपोर्ट करते हैं.. केजरीवाल ने कहा कि BJP ने गुजरात को समृद्ध राज्य से पीछे कर दिया है.. AAP की लोकप्रियता बढ़ने से BJP के विधायक दबाव में हैं.. BJP AAP को ‘बी टीम’ कहती है.. लेकिन AAP कहती है कि BJP डर से हमले कर रही है.. पुलिस रेड, कार्यक्रम रद्द करना ये BJP की बौखलाहट दिखाते हैं..

AAP नेता गोपाल इटालिया ने BJP पर आरोप लगाया कि वे AAP से डरते हैं.. इटालिया ने कहा कि BJP गुजरात पुलिस का दुरुपयोग कर रही है.. एक बार इटालिया पर जूता फेंका गया.. जो AAP का दावा है कि BJP ने करवाया.. इटालिया ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर AAP जॉइन किया.. और कहा कि BJP आठवीं पास होम मिनिस्टर से चल रही है.. AAP की बढ़ती रैलियां BJP को डराती हैं.. 2026 में केजरीवाल की सभाओं में भीड़ देखकर BJP ने दबाव बनाया.. AAP कहती है कि BJP लोकतंत्र को मार रही है..

जानकारी के मुताबिक गुजरात में AAP की लोकप्रियता के कारण कई हैं.. AAP ने भ्रष्टाचार-मुक्त शासन का वादा किया.. दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक, फ्री बिजली ने गुजरातियों को आकर्षित किया.. पंजाब में AAP की जीत ने गुजरात में उम्मीद जगाई.. AAP ने गुजरात में 2027 चुनावों के लिए तैयारी शुरू की.. दुर्गेश पाठक को सह-प्रभारी बनाया गया.. लेकिन CBI रेड से AAP ने कहा कि BJP डर गई है.. AAP गुजरात में 2027 में सत्ता का दावा कर रही है..

 

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