फाल्गुन मास और चंद्र दोष: भावनात्मक संतुलन के लिए जानिए प्रभावी उपाय
फाल्गुन मास भावनाओं और मानसिक संतुलन से जुड़ा है. इस मास में चंद्रमा मन, भाव और चेतना पर गहरा प्रभाव डालता है, जिससे चंद्र दोष का प्रभाव बढ़ सकता है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: फाल्गुन मास भावनाओं और मानसिक संतुलन से जुड़ा है. इस मास में चंद्रमा मन, भाव और चेतना पर गहरा प्रभाव डालता है, जिससे चंद्र दोष का प्रभाव बढ़ सकता है. मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता के लिए शास्त्रों में शिव पूजा, चंद्र देव को जल अर्पित करना और मंत्र जप जैसे प्रभावी उपाय बताए गए हैं.
हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास को भावनाओं, आनंद और मानसिक संतुलन से जुड़ा विशेष समय माना गया है. फाल्गुन मास की शुरुआत 2 फरवरी, सोमवार से हो चुकी है. शास्त्रों के अनुसार, इस मास में चंद्रमा की स्थिति मन, भाव और चेतना पर गहरा प्रभाव डालती है. चंद्रमा मन का कारक ग्रह माना गया है और फाल्गुन में इसकी ऊर्जा विशेष रूप से संवेदनशील होती है. यही कारण है कि इस मास में चंद्र दोष, मानसिक अशांति और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को लेकर शास्त्रों में विशेष उपाय बताए गए हैं.
शास्त्रों में चंद्रमा को मन, भावना और चेतना का प्रतीक कहा गया है. फाल्गुन मास में जब प्रकृति वसंत की ओर बढ़ती है, तब चंद्रमा की ऊर्जा मन को अधिक कोमल और संवेदनशील बनाती है. इस समय व्यक्ति के भीतर प्रेम, करुणा और भावुकता स्वाभाविक रूप से बढ़ती है. पुराणों में उल्लेख मिलता है कि फाल्गुन में चंद्रमा का प्रभाव साधक को अंतर्मुखी बनाता है, जिससे आत्मचिंतन और भक्ति सहज हो जाती है. यही कारण है कि इस मास में ध्यान, जप और साधना का अनुभव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक गहरा महसूस होता है.
चंद्र दोष का फाल्गुन मास में प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में चंद्र दोष होता है, उन्हें फाल्गुन मास में उसका प्रभाव अधिक स्पष्ट रूप से महसूस हो सकता है. इस दौरान मानसिक अस्थिरता, चिंता, अनावश्यक भय और भावनात्मक भ्रम बढ़ सकता है. शास्त्र बताते हैं कि चंद्रमा कमजोर होने पर मन बार-बार भटकता है और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है. फाल्गुन की संवेदनशील ऊर्जा ऐसे लोगों के लिए चुनौती बन सकती है. यदि इस समय मन पर नियंत्रण न रखा जाए, तो संबंधों में गलतफहमी और तनाव की स्थिति बन सकती है इसलिए इस मास में चंद्र दोष को शांत करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
फाल्गुन मास में चंद्र दोष शांत करने के उपाय
शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास में चंद्र दोष शांत करने के लिए सरल और प्रभावी उपाय किए जा सकते हैं. इस दौरान सोमवार के दिन चंद्र देव को जल अर्पित करना, भगवान शिव की पूजा करना, सफेद वस्त्र धारण करना और दूध, चावल या सफेद मिठाई का दान करना शुभ माना गया है. इसके साथ ही ॐ सोमाय नमः मंत्र का नियमित जप मन को शांति देता है. रात्रि में चंद्र दर्शन कर मन ही मन प्रार्थना करने से भावनात्मक संतुलन बढ़ता है. शास्त्र कहते हैं कि फाल्गुन में श्रद्धा से किया गया छोटा उपाय भी बड़ा प्रभाव देता है.
चंद्र ऊर्जा संतुलन से जीवन में क्या बदलाव आते हैं?
जब फाल्गुन मास में चंद्रमा की ऊर्जा संतुलित होती है, तो उसका प्रभाव सीधे जीवन में दिखाई देता है. मन शांत रहता है, भावनाएं स्थिर होती हैं और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार चंद्र दोष शांत होने पर व्यक्ति मन शांत रहता है, मन भटकटा नहीं है और मानसिक थकान दूर होती है. इस समय साधना करने वाला व्यक्ति भीतर से आनंद और संतोष अनुभव करता है. फाल्गुन मास को आनंद का महीना इसलिए कहा गया है, क्योंकि चंद्र की ऊर्जा के संतुलन से जीवन में भावनात्मक हल्कापन और सकारात्मकता अपने आप बढ़ने लगती है.



