लाठीचार्ज के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल, काले कपड़ों में संसद पहुंचे नेता
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ट्वीट पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "उनकी शिक्षा मंत्री बने रहने की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ट्वीट पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “उनकी शिक्षा मंत्री बने रहने की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है. अब उनकी बातें कौन सुनेगा? उनकी नैतिक जिम्मेदारी कहां है? लोग उनका इस्तीफा मांग रहे हैं.
नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना प्रदर्शन तेज कर दिया है. राहुल गांधी की अगुवाई में कल प्रधानमंत्री के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन करने के बाद आज बुधवार को कई नेता संसद में काले कपड़े पहनकर पहुंचे. नेता सुरक्षाबलों की ओर से छात्रों और सांसदों के साथ कथित बदसलूकी का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे.
काले रंग के कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शामिल हुए. काले कपड़े में संसद भवन पहुंचीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “हमारे साथ जो हुआ वह अहम नहीं है. आप लोग मुझे बताएं कि छात्रों के साथ जो हुआ वह सही है या गलत? छात्रों की मांगें जायज हैं और वे अपने हक के लिए लड़ रहे हैं.”
शांतिपूर्ण प्रदर्शन अलोकतांत्रिक नहींः प्रियंका
उन्होंने आगे कहा, “शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन आप अडानी और अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर रहे हैं. लेकिन छात्रों का संघर्ष जायज है और वे बदलाव चाहते हैं. बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं. शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कुछ भी अलोकतांत्रिक नहीं है, लेकिन छात्रों और संसद में जो हो रहा है, वह अलोकतांत्रिक है.”
छात्रों को अपना समर्थन देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, बच्चे तो सिर्फ अपना अधिकार मांग रहे हैं. हर एग्जाम का पेपर लीक करा रहे हैं. बच्चे अपना अधिकार मांग रहे हैं. किसानों को कुछ नहीं. गरीबों को कुछ नहीं. छात्रों को कुछ नहीं. बस टूटा हुआ सिस्टम है. बच्चे कह रहे हैं बात तो करो. बच्चों पर क्या गुजरता है. ये सिर्फ बच्चे ही जानते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि हमारा लोकतांत्रिक प्रदर्शन है. सदन में चर्चा नहीं करते हैं. नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं देते हैं. ये लोकतंत्र बचा ही नहीं है. पूरा देश जानता है कि देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं है.
राहुल गांधी ने बयान नहीं बदलाः मसूद
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अपने नेता का बचाव करते हुए कहा, “राहुल गांधी ने कोई बयान और कोई मांग नहीं बदली है. आपने राहुल गांधी के साथ जो व्यवहार किया है तो क्या परंपरा आप दिखा रहे हैं. देश के नेता प्रतिपक्ष के साथ किस प्रकार का व्यवहार हो रहा था?”
छात्रों को डरा रहे लोगः खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “नियम के तहत सदन नहीं चल रही है. बीजेपी-आरएसएस के वॉलेंटियर्स भी काम करते हैं. छात्रों को डरा रहे हैं. हमारे बड़े नेताओं को कुचलने की कोशिश करोगे तो लाखों में लोग आएंगे. हम डरने वाले लोग नहीं हैं. कल फिर आप पछताएंगे. राहुल और प्रियंका के साथ जो किया वो सही नहीं था.”
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनने का फैसला कल मंगलवार के प्रदर्शनों के दौरान नेता प्रतिपक्ष और संसद के अन्य सदस्यों के खिलाफ पुलिस की “बर्बर” कार्रवाई का सीधा जवाब है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन सुरक्षाबलों की मनमानी के खिलाफ असहमति जताने का एक तरीका था.
उन्होंने यह कहा, “आज हम लोगों ने काले कपड़े पहने हैं क्योंकि हम मकर द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जो कल पुलिस ने विपक्ष के नेता और अन्य सांसदों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया था, उसके विरोध में.”
प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी कहांः वेणुगोपाल
इस विरोध में शामिल होते हुए RJD सांसद संजय यादव ने पेपर लीक की बार-बार होने वाली समस्या और बेरोजगारी के 50 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की. उन्होंने प्रशासन पर उन युवाओं के खिलाफ दमनकारी तरीके अपनाने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी पर निशाना साधने वाले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ट्वीट पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “उनकी शिक्षा मंत्री बने रहने की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है. अब उनकी बातें कौन सुनेगा? उनकी नैतिक जिम्मेदारी कहां है? लोग उनका इस्तीफा मांग रहे हैं, और उन्हें इस देश के बच्चों को बचाने के लिए इस्तीफा देना ही होगा.”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल की अगुवाई वाले विरोध प्रदर्शन पर कहा, “जिस तरह से हिंसा हुई है और नेता प्रतिपक्ष को बर्बरतापूर्वक हिरासत में लिया गया. उसके विरोध में हमने काले कपड़े पहने. राहुल गांधी की जो 3 मांगे हैं उन 3 मांगों का हम समर्थन करते हैं. इस सरकार से हमें वैसे ही लड़ाई लड़ना होगा जैसे अंग्रेजों से हमारे पूर्वज लड़े थे.
इससे पहले कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “हमारे सभी सांसद विरोध जताने के लिए काले कपड़े पहनें. यह विरोध इस बात के लिए है कि उन्होंने दिल्ली में देश के छात्रों के साथ क्या किया है. यह प्रदर्शन धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद पर बने रहने की जिद के खिलाफ है, और छात्रों के असंतोष पर सरकार के रवैये के खिलाफ है. सरकार के फैसलों के विरोध में हमारे सभी सांसद आज काले कपड़े पहन रहे हैं.”



