2022 से दर्ज मुकदमे में बड़ी कार्रवाई, फर्जी पहचान के मामले में अजय कुमार गिरफ्तार
गोला थाना क्षेत्र में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोला थाना क्षेत्र में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
गोला पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार पुत्र रामाश्रय कसौधन, निवासी गोपालपुर, थाना गोला, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2022 में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने समेत पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने अपनी वास्तविक पहचान और पते में बदलाव करते हुए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया गया और बाद में विदेश चला गया। शिकायत सामने आने के बाद गोला थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के जेठ के बेटे द्वारा कथित रूप से अपनी पहचान और पता बदलकर दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इसके बाद उन दस्तावेजों का इस्तेमाल पासपोर्ट बनवाने के लिए किया गया। पुलिस का कहना है कि पासपोर्ट बनने के बाद संबंधित व्यक्ति विदेश चला गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों और शिकायत से जुड़े तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई। इसी क्रम में पुलिस ने आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार किया है।
2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा
गोला थाने में इस मामले को लेकर मु0अ0सं0 492/2022 दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 467, 468 और 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मुकदमा दर्ज है।
इन धाराओं में फर्जी पहचान के जरिए धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और फर्जी दस्तावेजों को वास्तविक बताकर इस्तेमाल करने जैसे आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
आरोपी के पुराने मुकदमे का भी पुलिस ने किया उल्लेख
पुलिस ने बताया कि अजय कुमार के खिलाफ वर्ष 2011 में भी एक मुकदमा दर्ज रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 379, 406, 420, 504 और 506 के तहत कार्रवाई दर्ज थी।
हालांकि, किसी पुराने मुकदमे का दर्ज होना अपने आप में वर्तमान मामले में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मौजूदा मामले में आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
गोला पुलिस की टीम ने की गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई में गोला थाना पुलिस की टीम शामिल रही। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक इन्द्रजीत कुशवाहा, उपनिरीक्षक आशीष और महिला आरक्षी सोनी रावत शामिल थीं।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, पहचान और पते में कथित बदलाव तथा पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।
विदेश जाने से जुड़ा होने के कारण मामला महत्वपूर्ण
फर्जी पहचान या दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने का मामला केवल स्थानीय स्तर पर दस्तावेजी धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड की सत्यता से भी जुड़ता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच के दौरान दस्तावेजों की प्रमाणिकता, पहचान संबंधी रिकॉर्ड और पासपोर्ट बनवाने के लिए इस्तेमाल किए गए कागजात की भूमिका की पड़ताल की जाती है।
फिलहाल गोला पुलिस ने आरोपी अजय कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि की है और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



