अमेरिका में गायब हुआ यूपी का मर्चेंट नेवी अधिकारी, सांसद और विदेश मंत्री से मदद की मांग
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक बेहद चिंताजनक और दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक बेहद चिंताजनक और दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है।
जिले के पड़री थाना क्षेत्र के चौहानपट्टी गांव निवासी मर्चेंट नेवी अफसर मनीष द्विवेदी अमेरिका के पेंसिलवेनिया बंदरगाह से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव और रिश्तेदारों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।
7 मई से लापता हैं मनीष द्विवेदी
जानकारी के अनुसार मनीष द्विवेदी भारतीय मर्चेंट नेवी में सेकंड ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वह वर्तमान में “वेसल सिफ्नोस लेडी” नामक शिप पर कार्यरत थे। बताया गया कि 18 अप्रैल 2026 को वह घर से ड्यूटी पर निकले थे और उनकी तैनाती अमेरिका के पेंसिलवेनिया स्थित बंदरगाह पर थी।
परिजनों के मुताबिक 7 मई को मनीष अपने कुछ साथियों के साथ जहाज से बाहर मॉल गए हुए थे। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गए। परिवार का कहना है कि उसी दिन दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर मुंबई स्थित वेस्टर्न क्रू मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी गैरी गोम्स का फोन आया। उसने बताया कि मनीष पिछले चार घंटे से शिप पर वापस नहीं लौटे हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
आखिरी बार साथियों से हुई थी बातचीत
परिवार के अनुसार कंपनी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका के मार्क्स हुक, पेंसिलवेनिया पोर्ट पर जहाज खड़ा था। वहां से कैप्टन, चीफ ऑफिसर, मनीष द्विवेदी और कैडेट ऑफिसर प्रांजल मॉल गए थे। इस दौरान तीन लोग वापस जहाज पर लौट आए, लेकिन मनीष नहीं पहुंचे।
बताया गया कि कैप्टन ने मनीष को फोन किया तो उन्होंने कहा कि “आप लोग कैब करिए, मैं 10 मिनट में आता हूं।” लेकिन इसके बाद उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। काफी देर इंतजार के बाद बाकी लोग शिप पर लौट गए। तभी से मनीष का कोई पता नहीं चल पाया है।
कंपनी पर सही जानकारी न देने का आरोप
मनीष के पिता संतोष कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया कि शिप कंपनी और उसके अधिकारी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब परिवार ने बार-बार संपर्क किया तो कभी अलग जानकारी दी गई, तो कभी फोन बंद कर दिया गया।
पिता के मुताबिक बाद में दामाद अरविंद पांडेय के पास कैडेट ऑफिसर प्रांजल के नंबर से सेटेलाइट फोन आया। उसमें बताया गया कि मनीष मिल गए हैं और सुरक्षित हैं। यह भी कहा गया कि शिप पर पहुंचते ही उनकी बात करा दी जाएगी। लेकिन दो घंटे बाद जब दोबारा संपर्क किया गया तो कहा गया कि मनीष अभी तक नहीं मिले हैं। इसके बाद संबंधित नंबर बंद हो गया।
अमेरिकी एजेंट ने पुलिस कस्टडी की बात कही
परिजनों ने जब मुंबई स्थित कार्यालय से दोबारा संपर्क किया तो उन्हें अमेरिका में कंपनी के एजेंट जोश का नंबर दिया गया। परिवार का आरोप है कि एजेंट ने बताया कि मनीष को अमेरिकी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, बाद में छोड़ दिया गया।
हालांकि इसके बाद वह कहां गए, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि जहाज मनीष को पीछे छोड़कर आगे रवाना हो गया। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
परिवार ने सांसद और विदेश मंत्री से लगाई गुहार
मनीष द्विवेदी के पिता संतोष कुमार द्विवेदी ने मामले को लेकर जिले की सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की है।
इसके अलावा उन्होंने एस. जयशंकर से भी बेटे की तलाश कराने और सकुशल भारत वापस लाने की गुहार लगाई है। परिवार ने मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक को ज्ञापन सौंपकर मदद की मांग की है।
पुलिस और दूतावास हुए सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि एलआईयू और संबंधित अधिकारियों को परिवार की सहायता के लिए लगाया गया है। भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया जा रहा है और जल्द ही मनीष के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
गांव में पसरा मातम, मां का रो-रोकर बुरा हाल
मनीष के लापता होने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में चिंता और दुख का माहौल फैल गया। परिवार के सदस्य लगातार भगवान से उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और अमेरिकी प्रशासन की मदद से मनीष द्विवेदी जल्द सुरक्षित मिल जाएंगे।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर



