कानपुर में मेट्रो निर्माण स्थल बना हादसे का गड्ढा: जूही में युवक गिरा, गंभीर घायल
कानपुर के जूही में मेट्रो निर्माण स्थल पर बड़ा हादसा। गहरे गड्ढे में गिरा युवक गंभीर घायल। पुलिस और हाइड्रा की मदद से रेस्क्यू किया गया। घटना के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कानपुर के जूही थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना शहर में चल रहे विकास कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां एक तरफ मेट्रो परियोजना को शहर के भविष्य की रीढ़ बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसी निर्माणाधीन स्थल पर एक युवक का गिरना यह दिखाता है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा इंतजाम कितने कमजोर हैं।
क्या हुआ जूही के मिलिट्री कैंप चौराहा पर?
मंगलवार को जूही थाना क्षेत्र के मिलिट्री कैंप चौराहा स्थित मेट्रो निर्माणाधीन साइट पर एक बड़ा हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक युवक अचानक गहरे गड्ढे में गिर गया। गड्ढा मेट्रो निर्माण के लिए खोदा गया था, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा घेराबंदी या चेतावनी संकेत मौजूद नहीं थे। युवक की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन: हाइड्रा की मदद से निकाला गया घायल
सूचना मिलते ही जूही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गड्ढा गहरा होने के कारण स्थानीय संसाधनों से युवक को निकालना संभव नहीं था। इसके बाद हाइड्रा मशीन को बुलाया गया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।
लापरवाही या सिस्टम की चूक?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह महज एक हादसा है या निर्माण एजेंसियों की लापरवाही का नतीजा? स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रात के समय कोई चेतावनी लाइट या साइन बोर्ड लगाए गए थे। ऐसे में राहगीरों के लिए यह गड्ढा किसी खतरे से कम नहीं था।
पहले भी उठ चुके हैं सुरक्षा पर सवाल
कानपुर में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी होता है, ताकि आम नागरिकों की जान जोखिम में न पड़े।
प्रशासन की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। अगर इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो शहर में चल रहे अन्य निर्माण कार्य भी लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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