मिर्जापुर: ‘दुख में भी फोटोबाजी!’ ड्रमंडगंज हादसे के बाद BJP नेताओं पर सपा का तंज
मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी हादसे के बाद सपा ने बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। योगी-मोदी फोटो वाले चेक को लेकर सपा ने कहा कि मदद से ज्यादा प्रचार किया जा रहा है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद अब प्रदेश की राजनीति भी गर्माने लगी है। समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे आर्थिक सहायता चेक को लेकर बीजेपी सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा है। सपा का आरोप है कि हादसे के बाद मदद से ज्यादा प्रचार किया जा रहा है और शोक की घड़ी को राजनीतिक तस्वीरों में बदला जा रहा है।
ड्रमंडगंज हादसे के बाद सियासी बयानबाजी तेज
यूपी-एमपी हाईवे पर स्थित ड्रमंडगंज घाटी में कुछ दिन पहले हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। ट्रक ट्रेलर से भिड़ंत के बाद बोलेरो और कार में आग लग गई थी, जिसमें 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसा इतना भयावह था कि कई लोगों को वाहन से बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल पाया और वे जिंदा जल गए।
इसी हादसे के बाद सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन अब इसी मदद को लेकर सियासत तेज हो गई है।
‘आर्थिक सहायता कम, प्रचार ज्यादा’
अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी के मिर्जापुर जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने बीजेपी जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को सहायता राशि देने पहुंचे जनप्रतिनिधि मदद से ज्यादा फोटोबाजी करते नजर आए।
देवी प्रसाद चौधरी ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों को जो चेक दिए गए, उन पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की तस्वीरें लगी थीं। उनका कहना है कि दुख की इस घड़ी में राजनीतिक प्रचार करना संवेदनहीनता को दर्शाता है।
‘अगर मदद करनी थी तो दिखावा क्यों?’
सपा जिलाध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि अगर वास्तव में सहायता देनी थी तो पीड़ित परिवारों को सीधे असली चेक दिए जाते, न कि प्रतीकात्मक चेक पकड़ाकर फोटो खिंचवाई जाती। उन्होंने कहा कि नगर विधायक और छानबे क्षेत्र की विधायिका द्वारा पीड़ितों के घर जाकर कैमरों के सामने तस्वीरें खिंचवाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस तरह की राजनीतिक तस्वीरबाजी की निंदा करती है और सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
क्या था ड्रमंडगंज घाटी हादसा?
मिर्जापुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में बड़का मोड़ के पास यह हादसा हुआ था। बोलेरो और कार की ट्रक ट्रेलर से टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। हादसे में कुल 12 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 10 लोग वाहन के अंदर ही जिंदा जल गए थे। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया था, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।
हादसे के बाद राजनीति क्यों गरमाई?
उत्तर प्रदेश में बड़े हादसों के बाद राहत राशि और राजनीतिक दौरे अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं। इस बार भी आर्थिक सहायता वितरण के दौरान तस्वीरों और प्रचार को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक रंग ले सकता है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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