5 किलोमीटर के लिए 35 किलोमीटर का चक्कर! मीरजापुर में विकास बना सिर दर्द
मीरजापुर के अकोढ़ी, बबूरा और जोपा संपर्क मार्ग पर रेलवे अंडरब्रिज निर्माण के चलते चार महीने तक रास्ता बंद रहेगा। इससे नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर फ्लाईओवर की मांग उठाई और "फ्लाईओवर नहीं तो वोट नहीं" का नारा लगाया।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: विकास परियोजनाएं आमतौर पर लोगों की सुविधा के लिए शुरू की जाती हैं, लेकिन जब वही परियोजना लोगों के दैनिक जीवन को लंबे समय तक प्रभावित करने लगे तो नाराजगी स्वाभाविक हो जाती है। मीरजापुर के अकोढ़ी, बबूरा और जोपा संपर्क मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित अंडरब्रिज निर्माण को लेकर कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिल रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही आगामी चार महीनों तक मार्ग बंद रहने की सूचना ने क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में फ्लाईओवर निर्माण की मांग पूरी नहीं की गई तो आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा।
चार महीने तक आवागमन प्रभावित रहने की आशंका
रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते अकोढ़ी, बबूरा और जोपा समेत आसपास के कई गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित होगा। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान मार्ग बंद होने के बाद उन्हें छोटी दूरी तय करने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जहां सामान्य परिस्थितियों में लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, वहीं मार्ग बंद होने के बाद करीब 35 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे।
छात्रों, किसानों और व्यापारियों पर पड़ेगा असर
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग बंद होने का सबसे अधिक प्रभाव छात्रों, किसानों, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी, जबकि किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापारियों का भी मानना है कि परिवहन लागत बढ़ने से स्थानीय कारोबार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लोगों की मांग है कि निर्माण अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्ग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वर्षों से फ्लाईओवर की मांग, अब बढ़ा जनाक्रोश
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मीरजापुर के इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। सड़क, पुल और यातायात सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका मानना है कि फ्लाईओवर बनने से स्थायी समाधान निकल सकता है और बार-बार होने वाली यातायात समस्याओं से राहत मिल सकती है।
“फ्लाईओवर नहीं तो वोट नहीं” के लगे नारे
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “फ्लाईओवर नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि अंडरब्रिज निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि अंडरब्रिज निर्माण कार्य विकास के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन इसके दौरान जनता को होने वाली परेशानियों को कम करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि निर्माण अवधि में सुगम वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और क्षेत्र की यातायात समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। फिलहाल यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
रिपोर्ट- संतोष देव गिरी
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