मोदी देंगे इस्तीफा, TMC सांसद ने कर दिया चैलेंज
डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार में दावा किया था कि वे बंगाल की सभी 294 सीटों पर खुद उम्मीदवार की तरह हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बंगाल में वोटिंग के बीच सियासी बयानबाजी का दौर जारी है। दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। इस बीच टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी चुनौती दे दी है।
डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के जरिए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार में दावा किया था कि वे बंगाल की सभी 294 सीटों पर खुद उम्मीदवार की तरह हैं। मतलब लोग उन्हें देखकर वोट दें। डेरेक ने पूछा, “अब बड़ी-बड़ी बातें छोड़िए। अगर आपमें हिम्मत है तो यह चुनौती स्वीकार कीजिए।”
इतना ही नहीं दोस्तों उन्होंने आगे कहा, “4 मई को जब ममता बनर्जी और टीएमसी बंगाल जीत जाएगी, तो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दीजिए। क्या हिम्मत है?” यह बयान काफी तीखा और ध्यान खींचने वाला है। डेरेक का मकसद मोदी के दावे को उलटकर टीएमसी की जीत का भरोसा जताना है।
बंगाल चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। ममता बनर्जी की टीएमसी तीसरी बार सत्ता में बनी हुई है और चौथी बार जीतने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा ममता सरकार को हराने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान हुआ था, जो 90 प्रतिशत से ऊपर बताया गया। दूसरे चरण में भी मतदान जारी है। नतीजे 4 मई को आने वाले हैं।
टीएमसी इस चुनौती के जरिए भाजपा पर हमला बोल रही है। पार्टी का कहना है कि भाजपा केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग करके बंगाल में हस्तक्षेप कर रही है। ममता बनर्जी की सरकार पिछले कई सालों से बंगाल में विकास के काम कर रही है।
गरीबों के लिए योजनाएं, महिलाओं को सशक्त बनाना, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान—ये सब टीएमसी के काम हैं। लेकिन भाजपा लगातार झूठे आरोप लगाकर और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके ममता सरकार को परेशान कर रही है। डेरेक ओ ब्रायन की यह चुनौती दिखाती है कि टीएमसी भाजपा की घमंडी राजनीति से डरती नहीं है। मोदी जी ने बंगाल में बहुत बड़ा दांव खेला था। उन्होंने खुद को पूरे चुनाव का चेहरा बनाया।
अब अगर टीएमसी फिर से जीतती है तो भाजपा को जवाबदेही तय करनी चाहिए। लेकिन भाजपा वाले हमेशा हारने के बाद बहाने बनाते हैं। वे कभी ईमानदारी से हार स्वीकार नहीं करते। बंगाल की जनता जानती है कि ममता बनर्जी की सरकार उनके सवालों के साथ खड़ी रहती है। भाजपा की केंद्रीय नीतियां बंगाल की संस्कृति, भाषा और स्थानीय मुद्दों को नजरअंदाज करती हैं।
टीएमसी हमेशा बंगाल की अस्मिता की रक्षा करती आई है। डेरेक का यह बयान उसी अस्मिता की लड़ाई का हिस्सा है। चुनाव में अभी वोटिंग चल रही है और नतीजे 4 मई को आएंगे। अगर टीएमसी मजबूती से जीतती है तो यह भाजपा की हार होगी। डेरेक ओ ब्रायन की चुनौती भाजपा को आईना दिखाती है कि लोकतंत्र में घमंड नहीं चलता। जनता की इच्छा सबसे ऊपर होती है।
ममता बनर्जी की जीत बंगाल की जनता की जीत होगी, जो भाजपा की साजिशों से बंगाल को बचाना चाहती है। यह घटना चुनावी जोश को और बढ़ा रही है। टीएमसी कार्यकर्ता और समर्थक इस चुनौती से उत्साहित हैं। वे मानते हैं कि बंगाल फिर से ममता दीदी के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। भाजपा को अपनी गलत नीतियों पर सोचना चाहिए।



