मोहन भागवत जिस कोच में बैठे थे, उसी पर हुआ पथराव! 4 महीने में दूसरी घटना से बढ़ी चिंता

कानपुर से दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे RSS सरसंघचालक मोहन भागवत के कोच पर फिरोजाबाद में पथराव हुआ। चार महीने में दूसरी बार हुई ऐसी घटना के बाद रेलवे, आरपीएफ और पुलिस सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत की यात्रा के दौरान ट्रेन पर पथराव की दूसरी घटना सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। गुरुवार शाम कानपुर से दिल्ली जा रही 12003 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर फिरोजाबाद जिले में पथराव किया गया। संयोगवश जिस E-1 कोच पर पत्थर लगा, उसी कोच में मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। हालांकि घटना में उन्हें या किसी अन्य यात्री को कोई चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार संघ प्रमुख मोहन भागवत कानपुर में संघ के पूर्व क्षेत्र संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह की पौत्री एवं वरिष्ठ समाजसेविका व चार्टर्ड अकाउंटेंट नीतू सिंह की पुत्री के वैवाहिक आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के बाद स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रहे थे। वे E-1 कोच में सीट संख्या 39 और 40 पर सवार थे।

शाम करीब 7:15 बजे ट्रेन फिरोजाबाद जिले में मक्खनपुर स्टेशन पार कर टुंडला की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान पेमेश्वर रेलवे गेट के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया। पत्थर E-1 कोच की खिड़की से टकराया, जिससे बाहरी शीशा चटक गया। घटना के बाद कोच में बैठे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार पत्थर सीट संख्या 50 के पास लगा, जबकि मोहन भागवत सीट संख्या 39 और 40 पर बैठे थे। बाहरी शीशा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई। ट्रेन को सुरक्षा निगरानी में आगे बढ़ाया गया और शाम 7:34 बजे टूंडला जंक्शन पहुंचने पर सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया।

सुरक्षा कारणों से मोहन भागवत को ट्रेन से नीचे नहीं उतारा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने कोच के भीतर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और सुरक्षा की समीक्षा की। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ट्रेन को शाम 7:41 बजे दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।

एक संदिग्ध हिरासत में, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए आगरा जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी सक्रिय हो गए। आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेलखंड के आसपास जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।

चार महीने में दूसरी बार पथराव वो भी यूपी में..?

इस घटना ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि इसी वर्ष फरवरी में भी मोहन भागवत की यात्रा के दौरान ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आई थी। उस समय वाराणसी से मेरठ जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव हुआ था। तब भी मोहन भागवत ट्रेन में सवार थे और पत्थर उनके कोच के आसपास आकर लगा था। फरवरी की घटना की जांच में शुरुआती तौर पर यह कहा गया था कि आसपास खेल रहे बच्चों द्वारा पत्थर फेंके जाने की आशंका है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि अब चार माह के भीतर दूसरी बार संघ प्रमुख के कोच को ही निशाना बनाए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

संयोग या सुरक्षा में सेंध?

रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल दोनों घटनाओं को जोड़कर भी जांच कर रही हैं। हालांकि अभी तक किसी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह फरवरी में वंदे भारत एक्सप्रेस और अब स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में मोहन भागवत की मौजूदगी के दौरान उनके कोच पर पथराव हुआ है, उसने सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील यात्राओं की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट — प्रांजुल मिश्रा 

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