बीएड एंट्रेंस एग्जाम से पहले हड़कंप, नाले में गिरे 20 से अधिक छात्र
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में बीएड प्रवेश परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के साथ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मकराबर्टगंज स्थित केडी पैलेस के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नाले के ऊपर बनी स्लैब अचानक टूट गई,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में बीएड प्रवेश परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के साथ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मकराबर्टगंज स्थित केडी पैलेस के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब नाले के ऊपर बनी स्लैब अचानक टूट गई, और वहां खड़े करीब 20 से 25 परीक्षार्थी सीधे नाले में जा गिरे।
घटना के समय क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। बीएड प्रवेश परीक्षा से पहले जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी और अन्य तैयारियों के लिए अभ्यर्थियों की भीड़ नाले के ऊपर बनी एक फोटोकॉपी की दुकान पर जमा थी। इसी दौरान अचानक स्लैब टूट गई और वहां मौजूद कई लोग नीचे नाले में गिर पड़े।
परीक्षा केंद्र के आसपास मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। स्लैब टूटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। नाले में गिरने वालों में अधिकांश बीएड प्रवेश परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने बिना समय गंवाए नाले में गिरे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कई युवकों ने नाले में उतरकर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला।स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बड़ा नुकसान टल गया और सभी लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि राहत कार्य में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
जनहानि की कोई सूचना नहीं
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि कुछ छात्रों को मामूली चोटें आने की बात सामने आई है। घटना के बाद कई अभ्यर्थी घबराए हुए दिखाई दिए। कुछ छात्रों के कपड़े और जरूरी दस्तावेज भी नाले के गंदे पानी में भीग गए, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
गैस के दबाव से स्लैब टूटने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाले के भीतर गैस का दबाव बढ़ने के कारण स्लैब कमजोर होकर टूट गई हो सकती है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले के ऊपर बनी यह संरचना काफी समय से जर्जर स्थिति में थी, लेकिन इसके बावजूद यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना आते-जाते थे। ऐसे में प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही रहती है, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक ढांचों की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि नाले की स्लैब पहले से कमजोर थी तो उसकी मरम्मत या सुरक्षा घेराबंदी की जानी चाहिए थी ताकि इस तरह की घटना को रोका जा सके।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल हादसे की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि स्लैब टूटने की वास्तविक वजह क्या थी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं निर्माण में किसी प्रकार की खामी या रखरखाव में लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।
बड़ा हादसा टला, लेकिन छोड़ गया कई सवाल
बीएड प्रवेश परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के साथ हुआ यह हादसा भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गया हो, लेकिन इसने सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं और जर्जर संरचनाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे ढांचों की जांच और मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। फिलहाल सभी परीक्षार्थी सुरक्षित बताए जा रहे हैं और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर



