सपा में शामिल होने के बाद पहली बार बांदा पहुंचे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्मार्ट मीटर को बताया ‘लूट तंत्र’
सपा में शामिल होने के बाद पहली बार बांदा पहुंचे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने स्मार्ट मीटर को सरकार और निजी कंपनियों का लूट तंत्र बताया। अवैध खनन, महिला आरक्षण, परिसीमन और जाति जनगणना जैसे मुद्दों पर उन्होंने बीजेपी सरकार को घेरा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में खास उत्साह देखने को मिला, जब पूर्व बसपा के कद्दावर नेता और मौजूदा समय में सपा का बड़ा मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने गृह जनपद पहुंचे। समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद यह उनका बांदा का पहला दौरा था, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
फूल-मालाओं और नारों के बीच नसीमुद्दीन सिद्दीकी का स्वागत किया गया। इस दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रदेश सरकार, प्रशासनिक तंत्र और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। स्मार्ट मीटर, अवैध खनन, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को खुलकर घेरा।
स्मार्ट मीटर को बताया सरकार और निजी कंपनियों की ‘संयुक्त लूट’
प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सरकार और निजी कंपनियों के संयुक्त लूट तंत्र का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं से मनमाने बिल वसूले जा रहे हैं और आम लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार इस व्यवस्था के जरिए जनता की जेब पर सीधा हमला कर रही है। सपा नेता ने कहा कि बिजली व्यवस्था सुधारने के नाम पर जनता को आर्थिक बोझ दिया जा रहा है, जबकि असल फायदा निजी कंपनियों को पहुंचाया जा रहा है।
अवैध खनन पर सरकार और प्रशासन को घेरा
अवैध खनन के मुद्दे पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा भी साझा की। उन्होंने बताया कि नदी किनारे स्थित उनके खुद के खेत से बालू माफिया ने प्रशासनिक तंत्र की मिलीभगत से अवैध तरीके से बालू निकाल लिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ है कि सरकार और प्रशासन दोनों ही इस पूरे तंत्र में कहीं न कहीं शामिल हैं। उनका कहना था कि प्रदेश में अवैध खनन केवल पर्यावरण का नुकसान नहीं कर रहा, बल्कि किसानों की जमीन और अधिकार भी छीन रहा है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर BJP पर हमला
हाल ही में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर हुए राजनीतिक विवाद पर भी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बीजेपी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन सभी दल करते हैं, लेकिन सरकार ने इसके साथ परिसीमन को जोड़कर राजनीतिक षड्यंत्र रचा। इसी कारण विपक्ष ने उस बिल का विरोध किया। नसीमुद्दीन ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि महिला आरक्षण बिल पहले ही पारित हो चुका है और सरकार अब तक उसे लागू नहीं कर सकी है।
पहले जनगणना और जाति जनगणना की मांग
सपा नेता ने कहा कि हर 10 साल में जनगणना होना सामान्य प्रक्रिया है। वर्ष 2021 में यह जनगणना हो जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने 15 साल बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की स्पष्ट मांग थी कि पहले सामान्य जनगणना और जाति जनगणना कराई जाए, उसके बाद परिसीमन पर चर्चा हो। बिना जनगणना के परिसीमन लोकतांत्रिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
बांदा में सपा कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आगमन को लेकर बांदा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। लंबे समय बाद उनके गृह जनपद आगमन को पार्टी ने राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिससे यह साफ संकेत मिला कि पार्टी उन्हें क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहती है।
बीजेपी बनाम सपा की सियासत और तेज
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस दौरे और बयानों ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में स्मार्ट मीटर, अवैध खनन, महिला आरक्षण और जातीय जनगणना जैसे मुद्दे और तेज होने वाले हैं। बांदा से दिया गया उनका यह संदेश सिर्फ स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर सपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन मुद्दों पर बीजेपी किस तरह जवाब देती है।
रिपोर्ट -इक़बाल खान
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