कुत्ते उठा ले गए नवजात का शव, बांदा में सियासी बवाल; श्याम लाल पाल ने सरकार पर साधा निशाना

बांदा मेडिकल कॉलेज में नवजात के शव को कुत्तों द्वारा उठा ले जाने की घटना पर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने योगी सरकार को घेरा। पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपये की मदद देकर कार्रवाई की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  बांदा मेडिकल कॉलेज में मृत नवजात शिशु के शव को कुत्तों द्वारा उठा ले जाने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गया है। मंगलवार को बांदा पहुंचे समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी का स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार है।

नवजात की मौत के बाद शव की सुरक्षा पर उठाए सवाल

श्याम लाल पाल ने मेडिकल कॉलेज में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में नवजात का शव सुरक्षित नहीं रह सका और कुत्ते उसे उठा ले गए। इसे उन्होंने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने परिवार को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी दी।

300 बेड के अस्पताल के निजीकरण पर भी उठाए सवाल

सपा प्रदेश अध्यक्ष ने बांदा के 300 बेड वाले अस्पताल के संचालन और उसे निजी हाथों में सौंपे जाने की चर्चाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकारी अस्पतालों का निजीकरण गरीब और जरूरतमंद मरीजों के हित में नहीं है। इसके बाद वह नरैनी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पीडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए। यहां उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए सरकार बनने का दावा किया और संगठन को मजबूत करने की बात कही।

भाजपा सरकार पर हमला, बुंदेलखंड के लिए रोजगार का वादा

श्याम लाल पाल ने महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर बुंदेलखंड में खेती को मजबूत किया जाएगा और हाईवे व प्रमुख सड़कों के किनारे बड़ी मंडियां विकसित की जाएंगी, ताकि किसानों को बाजार और युवाओं को रोजगार मिल सके। एसआईआर के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। फिलहाल मेडिकल कॉलेज की घटना ने अस्पतालों में मरीजों और शवों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही का सवाल खड़ा कर दिया है।

रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा

यह भी पढ़ें: ट्रैक्टर-ट्रॉली का रास्ता बना विवाद की वजह, बदायूं में पहले गाली-गलौज फिर जमकर मारपीट 

Related Articles

Back to top button