अब घर बैठे होगी जनगणना! उन्नाव में शुरू हुआ डिजिटल मास्टर प्लान
उन्नाव में 2027 जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने डिजिटल और स्व जनगणना को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। 7 मई से स्व जनगणना अभियान शुरू होगा जिसमें लोग ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: उन्नाव में आने वाली जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अब तेजी पकड़ने लगी हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से जनगणना कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। यह बैठक केवल एक औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि इसमें डिजिटल तकनीक के उपयोग, नागरिकों की भागीदारी और डेटा की सटीकता जैसे अहम पहलुओं पर गंभीर चर्चा की गई।
स्व जनगणना अभियान की शुरुआत 7 मई से
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए “स्व जनगणना” (Self Census) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 7 मई से 21 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान आम नागरिक स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके साथ ही लोग अपने मकान की लोकेशन भी डिजिटल रूप से टैग कर पाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया
जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने बैठक में स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा-
- पहला चरण: 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक
- दूसरा चरण: 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक
पहले चरण में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य होगा, जबकि दूसरे चरण में विस्तृत जनसंख्या गणना की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि पूरे जिले में एक समान और त्रुटिरहित डेटा तैयार किया जाए, ताकि नीति निर्माण में इसका प्रभावी उपयोग हो सके।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग रणनीति
बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सहायकों और ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे लोगों को जनगणना प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी दे सकें। वहीं शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां नागरिकों को डिजिटल जनगणना और स्व-प्रविष्टि की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए कि केवल प्रशासनिक ढांचे तक ही यह अभियान सीमित न रहे, बल्कि इसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। इसी क्रम में स्कूलों, अस्पतालों और फैक्ट्रियों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल जनगणना से जोड़ना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजना बनाने का आधार है। इसलिए हर स्तर पर गुणवत्ता और सटीकता को प्राथमिकता दी जाए।
डिजिटल जनगणना की ओर बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “स्व जनगणना” और ऑनलाइन डेटा एंट्री जैसी सुविधाएं आने वाले समय में न केवल प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाएंगी, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ाएंगी। उन्नाव प्रशासन का यह मॉडल आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई
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