टेलीफोन का बिल नहीं चुका रही ओडिशा सरकार, BSNL का 28 करोड़ से ज्यादा बकाया

ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार करोड़ों का टेलीफोन का बिल नहीं चुका रही है. भारी-भरकम बकाये को देखते हुए संचार मंत्रालय ने राज्य सरकार को कई पत्र तक लिखे, लेकिन किसी तरह का कोई भुगतान नहीं किया गया. खास बात यह है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना कर रही है. यह स्थिति तब है जब 2 महीने पहले मांझी सरकार ने विधायकों की सैलरी में 3 गुना का इजाफा कर दिया.
संचार मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को कई रिमाइंडर लेटर भेजने के बावजूद, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा हाल के महीनों में भेजे गए 3 पत्र भी शामिल हैं, ओडिशा सरकार ने अपने बकाया टेलीफोन बिलों का भुगतान नहीं किया. भुगतान नहीं करने से बकाया करोड़ों में चला गया. 2025 के अंत तक, राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों पर BSNL का 28.54 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है.
सिंधिया ने पत्र के जरिए मांगा बकाया
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को भेजे पत्र में कहा था, “BSNL देश भर में, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाता है. यह सशस्त्र बलों समेत प्रमुख सरकारी विभागों के लिए काम करता है, साथ ही कई बैंकों और संस्थानों को भी सेवाएं प्रदान करता है.”
उन्होंने BSNL की ओर से दी जा रही सेवाओं और वित्तीय संकट का जिक्र करते हुए कहा, “अपने व्यापक नेटवर्क और मजबूत उपस्थिति की वजह से, BSNL सेवाओं को प्रदान करने के लिए एक विश्वसनीय और भरोसेमंद सर्विस प्रोवाइडर बना हुआ है. BSNL के वित्तीय संकट को देखते हुए, भारत सरकार ने निगम की मदद करने के लिए साल 2019, 2022 और 2023 में पुनरुद्धार पैकेज पास किए थे.”
पत्र के बाद कई विभागों ने चुकाया बिल
सिंधिया ने अपने पत्र में कहा, “इस सपोर्ट के बाद भी, BSNL को अपने नियमित संचालन और दूरसंचार बुनियादी ढांचों को अपग्रेड करने के लिए स्थिर नकदी प्रवाह की जरुरत है. 31 दिसंबर, 2025 तक, ओडिशा के कई विभागों और संगठनों पर करीब 28.54 करोड़ रुपये का बकाया हैं.”
उन्होंने यह कहते हुए कि दूरसंचार सचिव की ओर से पहले ही इन बकाया राशि के शीघ्र भुगतान का अनुरोध किया जा चुका है, इसके संचालन और सेवा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए इन बकाया राशि का समय पर भुगतान किया जाना जरूरी हो गया है. सिंधिया ने राज्य के सीएम माझी से संबंधित विभागों और संगठनों को BSNL के सभी बकाया राशि का जल्द से जल्द निपटान करने के लिए जरूरी निर्देश जारी करने का अनुरोध किया.
जनसंपर्क विभाग पर सबसे अधिक बकाया
ओडिशा के सूचना और जनसंपर्क विभाग पर सबसे अधिक 8.59 करोड़ रुपये का बकाया है, इसके बाद कानून विभाग का नंबर आता है और उस पर 4.42 करोड़ रुपये का बकाया है. कई विभाग ऐसे हैं जिन पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, इसमें शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, गृह और ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं.
नवंबर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की ओर से रिमाइंडर लेटर भेजने के बाद, कई विभागों ने अपने बकाया राशि को कम जरूर किया. वित्त और सूचना और जनसंपर्क विभागों ने अपने बिलों से जुड़े बड़े हिस्से का भुगतान कर दिया. हालांकि, बकाया टेलीफोन बिल चिंता का विषय बने हुए हैं. मई 2025 तक, ओडिशा के कुल बकाया टेलीफोन बिल करीब 80 करोड़ हो गए थे.
विधायकों की सैलरी में 3 गुना बढ़ोतरी
एक ओर ओडिशा सरकार का BSNL का करोड़ों का बकाया लंबे समय से चल रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने दिसंबर में विधायकों की सैलरी में तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी कर दी. विधायकों की सैलरी बढ़ाकर 1.11 लाख रुपये से 3.45 लाख रुपये कर दी गई और यह देश में विधायकों की सबसे अधिक सैलरी में से एक है.
तब राज्य के संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने सरकार के फैसले को लेकर बताया था कि बढ़ी हुई सैलरी जून 2024 से लागू होगी, जब से 17वीं विधानसभा का गठन हुआ. विधानसभा ने सर्वसम्मति से सैलरी बढ़ाने वाले 4 बिल पास किए. इसमें मुख्यमंत्री और मंत्रियों के अलावा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, विपक्ष के नेता की सैलरी और पूर्व विधायकों की पेंशन भी करीब तीन गुना बढ़ाई गई थी.



