एक दिन हिजाब वाली महिला बनेगी PM — ओवैसी के बयान के बाद सहर शेख की जीत

AIMIM ने राज्य की 29 में से 13 महापालिकाओं में से कुल 125 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं ठाणे के मुंब्रा क्षेत्र से जीत के आई AIMIM की सहर शेख पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र निकाय चुनाव में AIMIM की युवा पार्षद सहर शेख ने मुंब्रा में NCP के गढ़ में जीत हासिल कर सबको चौंका दिया है. ओवैसी के ‘हिजाबी प्रधानमंत्री’ बयान के संदर्भ में उनकी जीत और उनके बेबाक बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं.

हाल ही में हुए महाराष्ट्र महापालिका चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान खीचा है. AIMIM ने राज्य की 29 में से 13 महापालिकाओं में से कुल 125 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं ठाणे के मुंब्रा क्षेत्र से जीत के आई AIMIM की सहर शेख पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई हैं.

असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी और इसी चुनाव में हिजाब पहनने वाली सहर शेख पार्षद बन गई हैं. जिसे ओवैसी की इस सपने की पहली सीढ़ी भी माना जा रहा है.

ठाणे के मुंब्रा से AIMIM की पार्षद बनी सहर शेख ने जीतने के बाद विरोधियों पर न सिर्फ तंज कसा बल्कि यह भी कहा कि मुंब्रा को पूरी तरह से हरे रंग में रंग देना है. अगले चुनाव में सभी विजेता AIMIM के होंगे. अब उनके चर्चा देशभर की मीडिया में होने लगी है.

क्यों हो रही चर्चा?

125 पार्षदों में से सहर शेख की चर्चा के पीछे उनकी जीत और बयान है. वह वरिष्ठ नेता शरद पवार के करीबी और कद्दावर नेता जितेंद्र आव्हाड के गढ़ माने जाने वाले मुंब्रा से जीतकर आई हैं. वह आव्हाड के पुराने वफादार रहे यूनुस शेख की बेटी हैं. बता दें, पूर्व मंत्री आव्हाड पिछले 3 टर्म से मुंब्रा-कलवा क्षेत्र से विधायक हैं और इस क्षेत्र में अपना मजबूत प्रभाव रखते हैं.

सहर शेख ने जीतने के बाद कहा कि आने वाले पांच साल बाद इलेक्शन में विरोधियों को इससे भी बड़ा मुंहतोड़ जवाब देना है. पूरे मुंब्रा को ऐसे ग्रीन कलर में रंगना है कि बुरी तरह से इनको पछाड़ के भेजना है. हर एक कैंडिडेट 5 साल बाद AIMIM का आएगा, क्योंकि इस इलेक्शन में आप मजलिस की ताकत समझ चुके हैं. ये ताकत हमें अल्लाह ने दी है. उनके यह बयान खूब वायरल हो रहा है.

ओवैसी की सबसे कम उम्र की प्रत्याशी ने गिराया NCP का किला

सहर AIMIM की सबसे कम उम्र की पार्षद हैं उन्होंने NCP प्रत्याशी को हराकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है. इस जीत को मुंब्रा में AIMIM के बढ़ते जनाधार और युवा नेतृत्व की बड़ी सफलता माना जा रहा है. समर्थकों में जश्न का माहौल है और इसे पार्टी के लिए अहम राजनीतिक उपलब्धि बताया जा रहा है.

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