केरल से कर्नाटक तक कांग्रेस पर विपक्ष का प्रहार
राहुल गांधी के बयान पर सीपीएम और कांग्रेस में घमासान

भाजपा ने भी कसा नेता प्रतिपक्ष पर तंज
बीजेपी और जेडीएस ने कर्नाटक के टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर साधा निशाना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। के रल से लेकर कर्नाटक कांग्रेस पर विपक्ष का हल्ला बोल जा रही है। जहंा केरल में राहुल गांधी के नो हग बयान ने इंडी गठबंधन में दरार पैदा कर दी है, जहाँ सीपीएम नेता पिनाराई विजयन ने इसे राहुल की सोच पर सवाल उठाया, वहीं बीजेपी ने इस अंदरूनी कलह को सुविधा का गठबंधन बताते हुए विपक्ष पर तंज कसा है। इसबीच कर्नाटक मेें बेंगुलरू में एक टाउनशिप को लेकर भाजपा व जेडीएस कांग्रेस की सरकार को घेरा तथा वहां हो रही धांधली के बाबत नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस दिग्गज नेता राहुल गांधी को पत्र लिखा है।
विपक्षी गठबंधन एक बार फिर अंदरूनी कलह के संकट में घिर गया है। इस बार कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। विवाद की वजह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक बयान है। दरअसल, पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम के कद्दावर नेता पिनाराई विजयन को गले लगाने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद से सहयोगी दल उनकी तीखी आलोचना कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा था मैं गले नहीं मिल सकता
इंडी गठबंधन की 8 जून की बैठक का एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, हमारी अपनी लड़ाइयां होती हैं। लेकिन अगर आप मुझसे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाने के लिए कह रहे हैं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि उनके साथ मेरी राजनीतिक लड़ाई चल रही है। बता दें कि केरल में सीपीएम और कांग्रेस एक-दूसरे के कड़े विरोधी हैं, जहां कांग्रेस ने हाल ही में विजयन को सत्ता से बाहर किया है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर दोनों पार्टियां एक ही गठबंधन का हिस्सा हैं।
हमारे बीच गले मिलने का कोई रिवाज नहीं : विजयन
राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर पिनाराई विजयन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे बीच गले मिलने का कोई रिवाज नहीं है और उनकी बातचीत हमेशा औपचारिक हाथ मिलाने तक ही सीमित रहती है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, मुझे गले न मिलने से कोई आपत्ति नहीं है। मुझे चिंता उस टिप्पणी के पीछे छिपे राजनीतिक संदेश को लेकर है। यह राहुल गांधी के नजरिए और इंडी गठबंधन को लेकर उनकी सोच को दिखाता है।
लेफ्ट नेताओं ने राहुल को घेरा
इस विवाद के बाद लेफ्ट पार्टियों ने कांग्रेस पर दबाव बढ़ा दिया है। सीपीएम के सीनियर नेता एमए बेबी ने कहा कि किसी ने राहुल गांधी से विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा था, लेकिन उन्हें विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना बंद कर देना चाहिए। वहीं, वृंदा करात ने कड़े शब्दों में कहा, कम्युनिस्टों को किसी से गले मिलने की जरूरत नहीं है। हमें साफ-सुथरी राजनीति चाहिए। राहुल गांधी आप अपना गले मिलना अपने पास ही रखें, लेकिन विपक्ष के नेता के तौर पर पिनराई विजयन जैसे सीनियर नेताओं का सम्मान करना सीखें।
फोटो खिंचवाने के लिए तो साथ आ सकते हैं, लेकिन इनके दिल कभी नहीं मिल सकते : शहजाद पूनावाला
विपक्ष की इस अंदरूनी लड़ाई पर बीजेपी ने भी तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने विपक्षी गुट को सुविधा का गठबंधन करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, इस गठबंधन में सिर्फ फूट है, कोई मिशन नहीं है। यह गठबंधन सिर्फ कागजों पर ही दिखाई देता है, जमीन पर नहीं। ये दल फोटो खिंचवाने के लिए तो साथ आ सकते हैं, लेकिन इनके दिल कभी नहीं मिल सकते।
कर्नाटक के विपक्ष ने ज़मीन हड़पने के मामले में राहुल गांधी को पत्र लिखा
बिदादी में कर्नाटक के प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर चल रही राजनीतिक लड़ाई वीकेंड पर और तेज़ हो गई। बीजेपी और जेडीएस ने अलग-अलग कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे दखल देने और इस बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए हज़ारों एकड़ खेती की ज़मीन के अधिग्रहण को रोकने की अपील की। 14 जून को लिखे एक पत्र में, कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह 25 गांवों के 3,500 से ज़्यादा किसानों की चिंताओं को नजऱअंदाज़ कर रही है। ये किसान बिदादी और हारोहल्ली के बीच प्रस्तावित 18,000 करोड़ रुपये की लागत वाले टाउनशिप के लिए ज़मीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। विजयेंद्र ने दावा किया कि किसानों के लंबे विरोध के बावजूद लगभग 7,481 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे राज्य सरकार को निर्देश दें कि वह इस कदम को वापस ले, जिसे उन्होंने राज्य द्वारा प्रायोजित ज़मीन हड़पने की कार्रवाई बताया। इससे एक दिन पहले, कर्नाटक प्रदेश युवा जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने भी राहुल गांधी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने लोगों की पर्याप्त सहमति लिए बिना ज़मीन अधिग्रहण के अंतिम नोटिफिक़ेशन जारी कर दिए हैं। निखिल ने दावा किया कि इस अधिग्रहण से सैकड़ों किसान परिवारों पर असर पड़ेगा और आरोप लगाया कि सरकार ने ज़मीन अधिग्रहण में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 13 के तहत सुरक्षा उपायों को नजऱअंदाज़ किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम का सबसे ज़्यादा असर छोटे और सीमांत किसानों, दलितों, पिछड़े वर्गों और ज़मीन-विहीन खेतिहर मज़दूरों पर पड़ेगा, और उन्होंने राहुल गांधी से इन अंतिम नोटिफिक़ेशन को वापस लेने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तीखे हमले के बाद विवाद और गहरा गया। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि यह टाउनशिप प्रोजेक्ट सरकार और रियल एस्टेट कारोबारियों की मिलीभगत से चलाया जा रहा है।
नोएडा में तेज आंधी दिन में ही छाया अंधेरा
दिल्ली-एनसीआर में बारिश, लोगों को गर्मी से राहत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सोमवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। गुरुग्राम सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई इलाकों में सुबह-सुबह हुई बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। नोएडा समेत दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में दोपहर में तेज आंधी देखने को मिली। आसमान में काले बादल छा गए।
बारिश की बूंदों ने दिन की शुरुआत के साथ ही गर्मी के तेवर को नरम कर दिया। गुरुग्राम-दिल्ली समेत एनसीआर के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। इस मौसमी बदलाव का सीधा असर दिन के तापमान पर देखने को मिला, जो सामान्य से कुछ डिग्री नीचे चला गया। लोगों ने इस सुहावने मौसम का आनंद लिया और कई जगहों पर लोग अपने घरों से बाहर निकलकर इस बदलाव का अनुभव करते नजर आए। मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार दोपहर से शाम तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूल भरी आंधी चलने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया था। राजधानी में रविवार को गर्मी के कारण लोग बेहाल दिखे। 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। अगले एक सप्ताह तक कड़ी धूप निकलने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 20 जून तक अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।रविवार सुबह से पहले न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, यह अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। दोपहर में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 24 घंटों में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
रोशन आनंद को जमानत मिली
कोर्ट ने कहा- गुरु हैं, गुरु की तरह व्यवहार करें खान और रोशन
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आंनद को जमानत मिल गई। रोशन आंनद ने कोर्ट में कहा कि वे घटना में शामिल नहीं थे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। अब भाई प्रिंंस के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे। खान सर की कोचिंंग पर हमले के आरोप में पुलिस ने 3 जून को रोशन आंनद को जेल भेज दिया था. पिछले दिनों हुई सुनवाई में पटना सिविल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी आज उन्हें जमानत मिल गई।
जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा, गुरु हैं, खान और रोशन आनन्द गुरु की तरह व्यवहार करें्र दोनों टीचर हैं, हेल्दी कम्पीटिशन करें, क्रिमिनल एक्टिविटी में इन्वॉल्व न हों, रोशन आनंद के वकील ने कहा, रोशन घटना में शामिल नहीं था. खान ने हम पर अगर षड्यंत्र का आरोप लगाया तो बॉडीगार्ड की फायरिंग वाली बात क्यों छिपाई?। 12 जून को रोशन आनंद की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। खान सर के वकील मेडिकल ग्राउंड पर कोर्ट में अनुपस्थित होने की अनुमति मांग की थी।
इसकी वजह से कोर्ट ने सुनवाई टाल दी थी। 2 जून को पटना में खान सर की कोचिंंग पर हमला हुआ था। खान सर ने ज्ञान बिंंदु कोचिंंग डायरेक्टर रोशन आनंद और उसके भाई प्रिंंस यादव पर हमले का आरोप लगाते हुए मुकदमा कराया था. इसके बाद 3 जून को पुलिस ने रोशन आनंद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. प्रिंस यादव नेपाल चला गया था. नेपाल में अपने दोस्तों के साथ होटल में रुका हुआ था।
कांग्रेस पूरे देश में आंदोलन करेगी: केसी वेणुगोपाल
पेपर लीक मामले पर भाजपा को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने कहा लोगों के बीच मौजूदगी और डिजिटल माध्यम, कैंपस में संपर्क, कोचिंग सेंटरों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और युवा केंद्रों पर बातचीत, सोशल मीडिया अभियान, लाइव स्क्रीनिंग और छात्रों के साथ सीधे संवाद जैसे कार्यक्रम बड़े पैमाने पर किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, राहुल गांधी का मानना है कि युवा भारतीयों की उम्मीदों की बलि भ्रष्टाचार, अक्षमता या राजनीतिक उदासीनता की भेंट नहीं चढऩी चाहिए। इसी सोच के साथ, यह आंदोलन छात्रों को राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर उठकर एकजुट करेगा और प्रभावित युवाओं को अपने अनुभव साझा करने तथा बार-बार परीक्षा में विफलता और पेपर लीक घोटालों के लिए जवाबदेही की मांग करने का मंच प्रदान करेगा। वेणुगोपाल ने कहा, यह आंदोलन विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पहले उठाई गई मांगों को सडक़ों पर ले जाएगा। इन मांगों में नीट का विकेंद्रीकरण, परीक्षा शुल्क खत्म करना, पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सरकार के उच्चतम स्तर पर जवाबदेही (जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी शामिल है) की मांगें शामिल हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते से पूरी दुनिया खुश
होर्मुज खोलने से लेकर फ्रीज़ फंड के रिलीज तक चर्चा, भारत ने किया स्वागत, कांग्रेस व भाजपा ने भी सराहा
जल्द यूएस-ईरान के बीच डील साइन होगी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो चुका है। डोनाल्ड ट्रंप ने पीस डील का ऐलान किया। जल्द यूएस-ईरान के बीच डील साइन होगी, इसमें अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ शामिल होंगे। समझौते की शर्तों की डिटेल भी सामने आई है।
अमेरिका-ईरान डील के 3 चरण होंगे। सभी फ़्रंट पर युद्ध तुरंत रूक जाएगा। ईरान पर लगा नेवल ब्लॉकेड खत्म होगा। ट्रंप के मुताबिक, होर्मुज खुलेगा। होर्मुज पूरी तरह खुलेगा. ईरान को फ्र ीज किए गए कुल 24 बिलियन डॉलर में से 12 बिलियन डॉलर मिलेंगे। परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होगी. ईरान को बाकी 12 बिलियन डॉलर मिल जाएंगे। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने यूएस-ईरान के बीच 14 सूत्रीय डील की जानकारी प्रकाशित की है।
ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान
यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (15 जून) को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का ऐलान किया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट कर लिखा, यह महान समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाएगा। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरीके से खुल जाएगा. इससे क्षेत्र और दुनिया के लिए दोनों ओर से तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी।
पश्चिम एशिया में शत्रुता खत्म करने की दिशा में सकारात्मक कदम : जयराम
कांग्रेस महासचिव जयराम नरेश ने अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को जिनेवा में प्रस्तावित शांति समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह पश्चिम एशिया में शत्रुता खत्म करने की दिशा में सकारात्मक कदम है। हालांकि उन्होंने कहा कि समझौते की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि अमेरिका, ईरान और इजरायल सभी इसका पालन करेंगे और यह आगे स्थायी शांति का रास्ता खोलेगा।
इस समझौते के साथ इलाके में शांति और स्थिरता आएगी : मोदी
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के साथ उम्मीद है कि इलाके में शांति और स्थिरता आएगी। साथ ही आवाजाही, व्यापार की स्वतंत्रता फिर से बहाल होगी। पीएम मोदी ने कहा कि इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में गंभीर आर्थिक अड़चनें खड़ी हुईं और कई देशों को जानमाल का नुकसान हुआ. उन्होंने बातचीत से स्थायी समझौते की उम्मीद जताई। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, मैं पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूं। इस तनाव ने विश्व भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान खड़ा किया है और कई देशों में जानमाल का नुकसान हुआ है।
अमेरिका-इजरायल पर जीत हासिल कर ली : ईरान
ईरान ने इस शांति समझौते को एमओयू नाम दिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, ईरान ने अमेरिका-इजरायल पर जीत हासिल कर ली है। तेहरान के लोगों के समर्थन और सेना के अथक प्रयासों के चलते कई महीनों की कठिन और लंबी बातचीत के बाद 14 जून की शाम को ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच शांति समझौते को अंतिम रूप दिया गया है।



