वेनेजुएला से आए शव में अंग गायब, भारतीय दूतावास ने जांच की मांग उठाई
कंपनी ने राकेश चौहान की मौत की वजह गिरने से लगी चोटों को बताया और परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि उसके शव को एक हफ्ते के अंदर भारत वापस भेज दिया जाएगा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कंपनी ने राकेश चौहान की मौत की वजह गिरने से लगी चोटों को बताया और परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि उसके शव को एक हफ्ते के अंदर भारत वापस भेज दिया जाएगा. हालांकि, परिवार का कहना है कि शव करीब एक महीने बाद जून में देवरिया पहुंचा.
वेनेजुएला से लाए गए भारतीय नाविक के शव से अंग गायब मिलने की घटना को लेकर देश में खासी नाराजगी है. राजधानी कराकस स्थित भारतीय दूतावास ने घटना को शव के साथ अपमान बताया और मामले की गहन जांच की मांग की है. इससे पहले मृतक राकेश चौहान के परिवार की ओर से मामले की जांच की मांग की गई थी.
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया X पर अपने एक पोस्ट में कहा, “दिवंगत राकेश चौहान के शव के अपमान और उनके अंगों को निकाले जाने के मामले में वेनेजुएला के अधिकारियों से गहन जांच की मांग की गई है. घटना के सामने आने के बाद से ही दूतावास संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ इस मामले को लगातार उठा रहा है.”
काम करने के दौरान हुई थी मौत
इससे पहले 33 साल के भारतीय नाविक चौहान की मौत वेनेज़ुएला में एक मर्चेंट जहाज पर काम करने के दौरान हो गई थी, लेकिन भारत आने पर जब उसके शव का उत्तर प्रदेश में पोस्टमार्टम कराया गया तो कथित तौर पर शरीर के कई अंदरूनी अंग गायब पाए गए. इसके बाद परिवार ने मामले की हाई लेवल की जांच की मांग की है. फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी इस मामले को गंभीर बताया है और वेनेज़ुएला के अधिकारियों से जवाबदेही तय करने के साथ-साथ भारतीय दूतावास से तुरंत दखल देने की मांग की है.
कंपनी ने चोट के बारे में बताया
परिवार ने बताया कि देवरिया जिले के लंगड़ा बाजार टोला के रहने वाले राकेश चौहान नवंबर 2025 में एक प्राइवेट कंपनी के जरिए मर्चेंट जहाज पर क्रू मेंबर के तौर पर वेनेज़ुएला गए थे. लेकिन कंपनी ने इस साल मई में उन्हें सूचना दी कि गिरने की वजह से राकेश को गंभीर चोटें आईं और उनका इलाज चल रहा है. हालांकि अगली सुबह परिवार को बताया गया कि उनके बचने की संभावना महज 5 फीसदी ही रह गई है, और उसी दिन बाद में उन्हें उनकी मौत की सूचना दी गई.
मौत के 1 महीने बाद मिला शव
कंपनी ने राकेश की मौत की वजह गिरने से लगी चोटों को बताया और परिवार को यह भरोसा भी दिलाया कि उसके शव को एक हफ्ते के अंदर भारत वापस भेज दिया जाएगा. हालांकि, परिवार का कहना है कि शव करीब एक महीने बाद जून में देवरिया पहुंचा.
राकेश के परिजनों ने बताया कि जिन डॉक्टरों ने शुरू में उसके शव की जांच की, उन्होंने उन्हें बताया कि पोस्टमार्टम पहले ही हो चुका है, और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना फिर से पोस्टमार्टम नहीं किया जा सकता. ऐसे में जिला मजिस्ट्रेट के पास मामला पहुंचा और उनके आदेश पर दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया.
शव से सारे अंग गायब मिलेः CMS
देवरिया मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एचके. मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, राकेश के शव से दिमाग, दिल, लिवर, दोनों फेफड़े, प्लीहा (spleen), दोनों किडनी, अग्न्याशय (pancreas), पेट और आंतों सहित शरीर के कई मुख्य अंदरूनी अंग गायब थे. रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि थायरॉयड, हायोइड हड्डी, लैरिंक्स (larynx) और ट्रेकिया (trachea) भी गायब थे.
रिपोर्ट में गर्दन से लेकर प्यूबिक क्षेत्र यानी निचले पेट के हिस्से तक करीब 60 सेमी लंबा सिला हुआ चीरा और सिर के पिछले हिस्से में करीब 20 सेमी का एक और सिला हुआ चीरा होने की बात भी दर्ज की गई. इसमें यह भी कहा गया कि अंदरूनी अंगों के नहीं होने की वजह से मौत का सही कारण का पता नहीं लगाया जा सका.
परिवार को अंधेरे में रखाः पिता
मामले पर राकेश के पिता, रामदेव चौहान ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में परिवार को अंधेरे में रखा गया. उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्हें विदेश में हुई जांच से जुड़ी कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट या आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिए गए. साथ ही रामदेव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा दिलाने की मांग की.
दूसरी ओर, ‘फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया’ ने सोशल मीडिया X पर कहा कि शव को बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेजों के भारत भेज दिया गया. फेडरेशन की मांग है कि मामले में वेनेजुएला के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए, भारतीय दूतावास तुरंत दखल दे. साथ ही पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. मामले की जांच हो और पीड़ित परिवार को न्याय तथा उचित मुआवजा भी मिले.



