मालेगांव में ओवैसी का बयान: UAPA पर सवाल, ‘आई लव महादेव’ नारों को मुद्दों से भटकाने वाला कहा

महाराष्ट्र के मालेगांव में नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने यूएपीए कानून के दुरुपयोग पर सवाल उठाए और 'आई लव महादेव' जैसे नारों को मुद्दों से भटकाने वाला बताया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र के मालेगांव में नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने यूएपीए कानून के दुरुपयोग पर सवाल उठाए और ‘आई लव महादेव’ जैसे नारों को मुद्दों से भटकाने वाला बताया. ओवैसी ने पार्टी की जिम्मेदारी और इम्तियाज जलील पर हमले की भी निंदा की.

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार अपने आखिरी दौर में है. सभी राजनीतिक दल एक दूसरे को घेरने के लिए मैदान में उतर चुके हैं. शुक्रवार को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी मालेगांव में एक जनसभा करने पहुंचे थे. जहां, उन्होंने चुनाव के साथ-साथ पार्टी की जिम्मेदारी, इम्तियाज जलील पर हुए हमले, यूएपीए कानून और ‘आई लव महादेव’ जैसे नारे पर तीखी प्रतिक्रिया दी.

ओवैसी ने महाराष्ट्र में चुनाव पर कहा है कि पार्टी की जिम्मेदारी निभाना जरूरी है. उन्होंने बताया कि यहां के विधायक भी बिहार चुनाव के प्रचार में शामिल हुए थे. यह पार्टी की जिम्मेदारी का हिस्सा है. ओवैसी का दावा है कि इस बार पहले से ज्यादा उम्मीदवार जीतकर आएंगे.

इम्तियाज जलील पर हमला कायरता है- ओवैसी
वहीं, इम्तियाज जलील पर हमले को ओवैसी ने कायरता करार दिया. उन्होंने कहा कि जिस वार्ड में यह घटना हुई है, वहां की जनता शांति के साथ इसका जवाब देगी.जबकि शरजील इमाम और उमर खालिद के मामले पर एआईएमआईएम नेता ने कहा कि यूएपीए कानून उस समय बना था जब केंद्र में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी और पी चिदंबरम गृह मंत्री थे.

UAPA का दुरुपयोग हो रहा है’
उन्होंने कहा कि यूएपीए में आतंकवाद की परिभाषा में अंग्रेजी शब्दों में ‘any other means’ जोड़ा गया था, जिसके दुरुपयोग की आशंका उन्होंने तब ही जताई थी और वही हुआ. उन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र के गढ़चिरोली का उदाहरण देते हुए कहा कि आईडी ट्रिगर करने के आरोप में 15 पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में आरोपियों को जमानत मिली. वहीं, आई लव महादेव के बयान पर ओवैसी ने कहा कि संविधान में ऐसी कोई बात नहीं लिखी है. यह देश सभी जाति-धर्मों का है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके पास दिखाने को कुछ नहीं है, वे इस तरह के बयान देकर मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं.

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