योगी के जापान दौरे पर अखिलेश ने ली चुटकी, हो गया बवाल

यूपी में सियासी बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। चुनाव में भले ही वक़्त हो लेकिन नेताओं के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी में सियासी बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। चुनाव में भले ही वक़्त हो लेकिन नेताओं के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ गया है।

भले ही चुनावी तारीखों का ऐलान न हुआ हो लेकिन तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों जापान के दौरे पर हैं। उनका यह आधिकारिक दौरा है। वहां उन्होंने कई जापानी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन साइन किए।

इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ने कानपुर में मीडिया से बात करते हुए योगी पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “कोई जापान गए हैं और MoU साइन कर रहे हैं। जापान को निप्पॉन भी कहते हैं, जो उगते हुए सूरज का मतलब है। कहीं हमारे मुख्यमंत्री जी जापान का नाम बदलकर आदित्यपुर या आदित्यपुरम न कर आएं। जापान वाले घबरा न जाएं कि नाम बदलने वाले CM आ गए हैं।”

योगी सरकार ने यूपी में कई जगहों, शहरों, रेलवे स्टेशनों और जिलों के नाम बदले हैं। पुराने नामों को हटाकर मूल हिंदू या संस्कृत नाम वापस लाए हैं। उदाहरण देखिए – इलाहाबाद को प्रयागराज, फैजाबाद को अयोध्या, मुगलसराय रेलवे स्टेशन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, और भी सैकड़ों नाम बदले गए। सरकार का कहना है कि ये नाम मुगल या विदेशी शासकों के थे, अब असली भारतीय नाम लौटाए जा रहे हैं। इससे संस्कृति, इतिहास और गौरव वापस आएगा। बीजेपी इसे सांस्कृतिक सुधार बताती है। वहीं असल विकास महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर बात करने से कतराती है।

इतना ही नहीं दोस्तों अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में क्योटो और काशी की तुलना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इस तरह के अध्ययन से क्या नई योजना बन पाएगी। बोले, वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे।

उन्होंने यात्रा को ‘मनसुख-पर्यटन’ बताते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री इसे स्वीकार कर लें तो कम-से-कम एक सच बोलने के लिए याद रखे जाएंगे। इसके साथ ही ‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ को लेकर भी व्यंग्य किया और पूछा कि क्या इसका लाभ सिर्फ व्यक्तिगत रहेगा या करीबी लोगों के साथ भी साझा होगा।

दरअसल जापान का नाम “निप्पॉन” उगते सूरज से आता है। योगी का नाम “आदित्यनाथ” भी सूर्य देवता से जुड़ा है आदित्य मतलब सूरज। इसलिए अखिलेश यादव ने मजाक किया कि कहीं योगी जी जापान का नाम भी “आदित्यपुर” न रख दें। यह चुटकी योगी की नाम बदलने की आदत पर कसी गई है। अखिलेश कह रहे हैं कि CM इतने नाम बदल चुके हैं कि विदेश में भी कर सकते हैं। गौरतलब है की अखिलेश यादव का यह बयान सियासी गलियारों में जमकर चर्चा में बना हुआ है।

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