भाजपा सरकार के खिलाफ सडक़ पर उतरे लोग
नीट परीक्षा रद्द और पेपर लीक, महंगे पेट्रोल डीजल, गैस के दाम, दूध के दाम की बढ़ोतरी को लेकर हाहाकार

प्रदेश में बिजली संकट से हाहाकार, लोगों का जगह-जगह हल्लाबोल
समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नीट परीक्षा रद्द और पेपर लीक , महंगे पेट्रोल डीजल, गैस के दाम, दूध के दाम की बढ़ोतरी और महिला सुरक्षा को लेकर आज राजधानी में भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा सडक़ों पर फूटा। वहीं समाजवादी पार्टी का जोरदार हंगामा के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उधर प्रदेश प्रचंड गर्मी के बीच आठ-आठ घंटे बिजली कटने से लोग परेशान होकर बिजली घरों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी छात्र सभा यूथ ब्रिगेड समेत विभिन्न संगठनों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर हजरतगंज चौराहे पर जमा होकर हंगामा और नारेबाजी करने लगे।
नीट परीक्षा रद्द और पेपर लीक , महंगे पेट्रोल डीजल, गैस के दाम , दूध के दाम की बढ़ोतरी और महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथ में पोस्टर लेकर पहुंचे जिस पर लिखा था महंगाई की यह कैसी मार , मजे में नेता जनता बेलाचार। पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दाम सरकार नाकाम। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारा लगाया सरकार वीक पिक पेपर लीक।

पुलिस और कार्यकर्ताओं में जमकर नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में जमकर धक्का मुक्की और नोक झोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कपड़ा फाडऩे और अभद्रता करने का आरोप लगाया। लगभग आधे घंटे तक पुलिस संघर्ष करती रही जिसके बाद दो बसों में भरकर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और एक गार्डन भेजा । इस दौरान कई प्रदर्शनकारी बस की छत पर चढक़र नारा लगाने लगे जिन्हें उतारने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियो को बस में भरकर इको गार्डन भेजा।
बिजली संकट से जनता बेहाल प्रदर्शन पर केस हो रहे दर्ज
पूरा प्रदेश बिजली संकट से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा हे और जब जनता उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रही तो उनपर केस दर्ज किश जा रहा है। सडक़ जाम करने के मामले में पुलिस ने 1०० से 15० लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने उन पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। राजधानी लखनऊ से राज्य के हिस्सों में ऐसा हो रहा हे। तेलीबाग उतरेठिया उपकेंद्र से होने वाली बिजली आपूर्ति से क्षेत्र में लगातार बिजली संकट को लेकर स्थानीय लोगों के द्वारा बृहस्पतिवार को सुबह रायबरेली रोड को जाम कर दिया गया था। बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को को समझाने और जाम खुलवाने के लिए जब पुलिस पहुंची तो प्रदर्शनकारी पुलिस से भी भिड़ गए और पुलिसकर्मियों से धक्का मुक्की करने लगे। इस दौरान लगभग एक घंटे तक रोड जाम रहा। लोग परेशान हुए। घटना के बाद साउथ सिटी चौकी प्रभारी द्वारा प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि चौकी प्रभारी की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में 1०० से डेढ़ सौ अज्ञात लोग शामिल है जिन्होंने उपद्रव किया था।
दिल्ली सरकार बिजली संकट दूर करने में नाकाम : केजरीवाल
आप संयोजन ने भीषण गर्मी में पावर कट पर भाजपा सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिजली कटौती को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 45 डिग्री तापमान में दिल्लीवासी बिजली संकट से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार स्थिति संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली को 15 साल पीछे धकेल दिया है। केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में एक तरफ भीषण गर्मी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रहे पावर कट ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के कई इलाकों में बार-बार बिजली जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कई लोगों की शिकायतों के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि पूरी दिल्ली में कभी भी बिजली चली जा रही है और लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया बिजली कटौती की शिकायतों से भरा पड़ा है, लेकिन भाजपा सरकार इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने के बजाय सो रही है। केजरीवाल ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि तब दिल्ली में लोगों ने पावर कट को लगभग भूल ही गया था। उन्होंने कहा कि उस समय बिजली व्यवस्था इतनी बेहतर हो गई थी कि इनवर्टर की बिक्री तक कम हो गई थी। उनके अनुसार भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही बिजली व्यवस्था बिगड़ गई और दिल्ली को 15 साल पीछे धकेल दिया गया।
उमर खालिद को हाईकोर्ट से राहत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत दी है। यह निर्णय उनकी मां की सर्जरी के कारण लिया गया। अदालत ने 1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक के लिए जमानत मंजूर की। इसके लिए एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरना होगा।
खालिद को राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ही रहने का निर्देश दिया गया है। उन्हें घर पर रहना होगा और केवल अस्पताल जाने की अनुमति होगी। न्यायालय ने पहले भी खालिद को पारिवारिक समारोहों के लिए जमानत दी थी और उन्होंने सभी शर्तों का पालन किया था। अदालत ने उन्हें मामले में मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक बताया। हालांकि, मां की चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए सीमित अंतरिम राहत दी गई।
सुहैल अहमद थोकर को यूएपीए मामले में मिली जमानत
कश्मीर घाटी में कथित आतंकी साजिश से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से आरोपी सुहैल अहमद थोकर को बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया। सुहैल अहमद थोकर को राष्टï्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि आरोपी 5 अक्तूबर 21 से जेल में बंद है और वह लंबे समय से हिरासत में है। अदालत ने यह भी माना कि मामले की सुनवाई पूरी होने में अभी काफी समय लग सकता है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को जमानत देने का फैसला किया।
ट्विशा शर्मा मामले की होगी सीबीआई जांच
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर उत्पीडऩ के कारण एक महिला की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली 3० वर्षीय महिला 12 मई को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई।
हालांकि, उसके परिवार ने शरीर पर चोट के निशानों का हवाला देते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि महिला ने कहा था कि उसके पति ने उसके साथ मारपीट की थी। उसकी मृत्यु के बाद से कई घटनाक्रम सामने आए हैं, जैसे उसके पति का लापता होना, उसकी मृत्यु से ठीक पहले का सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैट जिसमें उसने ससुराल की स्थिति पर निराशा व्यक्त की थी। इन सभी घटनाओं ने कथित आत्महत्या के कारणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव 18 जून को
चुनाव आयोग ने किया तारीखों का एलान, 1० राज्यों में खाली हुई सीटें
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जानकारी दी गई है कि 1० राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर 18 जून 26 को चुनाव कराया जाएगा।
चुनाव आयोग की घोषणा के बाद संबंधित राज्यों में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यसभा से 21 जून से 19 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर 1० राज्यों के वर्तमान सांसद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर होंगे।
राज्यसभा से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवोगौड़ा जैसे प्रमुख नेता सेवानिवृत्त होंगे।। राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और रवनीत सिंह की सीटें भी खाली होने जा रही हैं। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।



