महिलाओं की पहली उम्मीद है पुलिस, कानपुर में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष का बड़ा संदेश
कानपुर में एडवांस जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग कार्यशाला 'शक्ति और सुरक्षा' का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं का पुलिस और न्याय व्यवस्था पर भरोसा हर हाल में कायम रहना चाहिए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से दो दिवसीय ‘एडवांस जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग’ कार्यशाला ‘शक्ति और सुरक्षा’ का शुभारंभ नागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
17 जिलों की पुलिस हुई शामिल, पुस्तक का भी हुआ विमोचन
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और आईजी डब्ल्यूसीएसए सुभाष चंद्र द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर ‘कंपैशनेट कॉप: शक्ति और सुरक्षा’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह कार्यशाला गाजियाबाद के बाद दूसरा चरण है, जिसमें कानपुर सहित 17 जिलों की पुलिस टीम भाग ले रही है। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को महिला सुरक्षा और संवेदनशील व्यवहार के प्रति प्रशिक्षित करना है।
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‘महिलाओं का पुलिस पर भरोसा कायम रहना चाहिए’
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। हालांकि, पुलिस इस व्यवस्था की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के लिए थाना केवल सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि न्याय की पहली उम्मीद होता है। इसलिए पुलिस को अनुशासन के साथ संवेदनशीलता भी दिखानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पारिवारिक और पति-पत्नी से जुड़े मामलों में पुलिस धैर्यपूर्वक समाधान निकालने का प्रयास करे और पीड़ित महिलाओं का विश्वास कभी टूटने न दे।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर
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