मप्र के सीएम मोहन यादव के परिवार की जमीन खरीद को लेकर सियासी भूचाल

दिल्ली से लेकर यूपी तक बवाल

कांग्रेस व सपा ने भाजपा पर किया करारा हमला
ओपी राजभर भी मामले में कूदे
प्रदेश में डबल इंजन सरकार के तहत लूट का इंजन चल रहा है : जयराम रमेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भोपाल। मप्र के सीएम मोहन यादव के परिवार की जमीन खरीद को लेकर दिल्ली से लेकर यूपी तक सियासी बवाल मच गया है। जहां कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। वहीं सपा प्रमुख ने मोहन यादव का समर्थन देते हुए बीजेपी पर उनको बदनाम करने का आरोप लगाया। उधर यूपी कैबिनेट मंत्री व सुभासपा ने सपा प्रमुख पर हमला करते हुए कहा कि उनका इस मामले में क्या भागीदारी है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में डबल इंजन सरकार के तहत लूट का इंजन चल रहा है और सत्ता के भीतर जमीन व राजनीतिक वर्चस्व को लेकर खींचतान जारी है। पूरे मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी अपना बयान जारी कर कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया है। कांग्रेस ने मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार ने उज्जैन में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी है। मंगलवार देर रात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर बयान जारी किया गया. साथ ही आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया।

मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा साजिश रची है : अखिलेश यादव

प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का समर्थन मिला है। इस पूरे विवाद को साजिश बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने साजिश रची है, उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या बीजेपी को पता नहीं था कि मोहन यादव रियल इस्टेट का काम करते थे। बकौल अखिलेश यादव, ये आरोप इसलिए लग रहा है कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि तीन मुख्यमंत्री कैसे बदलें। वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं, इन्हें मध्य-प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है। इन दो को इसलिए हटा रहे हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना है।

हल्ला मचाकर क्या छिपा रहे हैं अखिलेश यादव : ओपी राजभर

यूपी कैबिनेट में मंत्री ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अखिलेश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर जी के संबंध में इतना हल्ला क्यों कर रहे हो? इतना शोर करके छुपाना क्या चाहते हो आप? ऐसा क्यों चाहते हैं कि दुनिया वही देखे जो आप दिखाएं?अब बताता हूं, आपकी पीड़ा क्या है? आप क्यों घबरा गए! कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों आप बौखला गए? अखिलेश जी! एमपी कैडर के आईएएस भरत यादव जो राज्य सडक़ विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनसे आपने अपना रिश्ता छिपा लिया। अखिलेश जी भरत यादव आपके कुबेर चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। चंद्रपाल यादव सपा के कद्दावर नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष रहे हैं। उम्मीद है कि आपको याद आ गया होगा। इस मामले में अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है कि भरत यादव ने आपसे और अपने लोगों से वहां की जमीनों में भारी निवेश करवाया है। और जमीन खाने के मामले में सैफई परिवार बहुत अनुभवी है। इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है।

लूट की कमान मुख्यमंत्री मोहन यादव संभाल रहे : जयराम रमेश

इन जमीनों की कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश जमीनें उन इलाकों में स्थित हैं, जहां राज्य सरकार द्वारा सडक़ परियोजनाओं और भूमि उपयोग में बदलाव की घोषणाओं से लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित लूट की कमान स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव संभाल रहे हैं। रमेश ने आगे कहा कि यह चर्चा भी है कि मध्य प्रदेश से केंद्र में गए मंत्री ही मुख्यमंत्री के खिलाफ खबरें ‘प्लांट’ करवाने के पीछे हैं। उनका इशारा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर था। ऐसा लगता है कि यह अंदरूनी संघर्ष सत्ता की कुर्सी और हिस्सेदारी को लेकर है।

विकास परियोजनाओं से पहले भूमि खरीद पर सवाल : पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जिन क्षेत्रों में सडक़, बायपास, कॉरिडोर और अन्य विकास परियोजनाओं की घोषणाएं हुईं, उन्हीं इलाकों के आसपास भूमि खरीद के दावे सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि क्या विकास योजनाओं की पूर्व जानकारी का उपयोग निजी लाभ के लिए किया गया। पटवारी ने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्य सार्वजनिक करे।

पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह : सिंघार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े कथित भूमि प्रकरण ने केवल जमीन खरीद-फरोख्त ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हे गांव के सैकड़ों ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर उनके पास पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि एक मृत व्यक्ति के नाम पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, वोटर आईडी और अन्य पहचान पत्र बनाकर करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।

मोदी सरकार ने लाखों युवाओं का भविष्य किया बर्बाद: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष बोले- कुर्सी से चिपके हंै शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क 
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट पेपर लीक के विरोध पर धर्मेंद्र प्रधान की कथित टिप्पणियों को लेकर हमला बोला है। खरगे ने प्रधान पर छात्र आंदोलनकारियों को विघटनकारी तत्वों की बी-टीम कहकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मोदी सरकार पर 9० पेपर लीक और नीट विवाद से 2० छात्रों की आत्महत्या का दावा करते हुए लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हृश्वश्वञ्ज पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर उनकी कथित टिप्पणियों को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने और परीक्षा में गड़बडिय़ों के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों का अपमान करने का आरोप लगाया। मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं और इंटरव्यू देते समय स्टूडेंट्स इको को आतंकवादी कह रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार सवाल उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को देश-विरोधी करार देती है।
किसानों के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले प्रदर्शनकारी किसानों को आंदोलन-जीवी और परजीवी कहा था। खरगे ने ज़ोर देकर कहा कि छात्रों का आंदोलन पूरे देश में ज़ोर पकड़ेगा और उन्होंने प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की। देश यह नहीं भूला है कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद संसद में किसानों के हितैषियों को अपमानजनक ढंग से आंदोलन-जीवी और परजीवी कहा था। उन्होंने कहा कि जो कोई भी इस सरकार से सवाल करता है, उसे देश-विरोधी कहा जाता है। छात्रों की गूंज पूरे देश में ज़ोरदार ढंग से सुनाई देगी। मोदी सरकार के मंत्री प्रधान को इस्तीफ़ा देना होगा।

लोस स्पीकर ने शिवसेना (यूबीटी) के विभाजित नेताओं को बुलाया

दोनों गुटों को अपना रुख रखने को कहा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) में हुए विभाजन के बाद, सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को शाम 5 बजे पार्टी नेताओं को बैठक के लिए बुलाया है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और बागी सांसदों के गुट से जुड़े घटनाक्रमों पर अपना पक्ष रखेंगे। ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को अध्यक्ष के समक्ष पेश होकर इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा गया है। सावंत और देसाई द्वारा अध्यक्ष से बागी सांसदों के गुट को मान्यता न देने का अनुरोध किए जाने की संभावना है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब सोमवार को छह शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा सांसदों संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर ने औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए, जिसके परिणामस्वरूप ऑपरेशन टाइगर सफल रहा।

कॉकरोच जनता पार्टी युवाओं की निराशा का संदेश पहुंचाने का माध्यम: जयराम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को युवाओं की निराशा का संदेश पहुंचाने का माध्यम बताया, लेकिन ज़ोर दिया कि स्थापित राजनीतिक पार्टियां ही इन मुद्दों को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल आंदोलनों पर निर्भर नहीं रह सकता, इसकी नींव अंतत: राजनीतिक दल ही होते हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन पर अपनी राय रखते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि हालांकि यह युवाओं की निराशा का संदेश पहुंचाने का एक अहम ज़रिया था, लेकिन आखिरकार स्थापित राजनीतिक पार्टियों को ही उनके उठाए मुद्दे को आगे बढ़ाना होगा। कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि लोकतंत्र सिर्फ़ आंदोलनों पर निर्भर नहीं रह सकते और असल में वे राजनीतिक पार्टियों पर ही टिके होते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि इसे डीप स्टेट (छिपी हुई ताकतें) का समर्थन हासिल है, तो कुछ लोग इसे युवाओं की निराशा का नतीजा मानते हैं। इनमें से किसी भी बात को साबित करने का कोई तरीका नहीं है, लेकिन सच यह है कि इसने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी और कई हेडलाइंस में जगह बनाई, फिर भी यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है। रमेश ने कहा कि आखिरकार राजनीतिक पार्टियां ही मायने रखती हैं।
पार्टी का ढांचा ही अहम होता है। इसलिए, हालांकि यह युवाओं की निराशा का संदेश पहुंचाने का एक अहम ज़रिया था, लेकिन मुझे लगता है कि स्थापित राजनीतिक पार्टियों को ही इसे आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आंदोलनों की अपनी जगह है, लेकिन लोकतंत्र सिर्फ़ आंदोलनों पर निर्भर नहीं रह सकता लोकतंत्र की नींव आखिरकार राजनीतिक पार्टियां ही होती हैं।

यूपी में जल्द आएगा मानसून, पश्चिमी यूपी में बारिश के आसार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक तरफ भीषण गर्मी और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, तो दूसरी तरफ मानसून की दस्तक ने राहत की उम्मीद जगा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के रास्ते राज्य में प्रवेश कर सकता है।
अनुमान है कि 28 जून के आसपास मानसून दस्तक देगा और 29 जून से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि मानसून आने से पहले प्रदेश के कई हिस्सों को अभी कुछ दिन और गर्मी झेलनी होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 31 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने के संकेत हैं। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश इस समय भीषण तपिश और आने वाली फुहारों के बीच खड़ा है और लोगों की नजरें अब मानसून की पहली बारिश पर टिकी हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार मंगलवार को मुंबई पहुंच गया। यह सामान्य तारीख से 13 दिन की देरी से आया है। मानसून की दस्तक के साथ ही मुंबई में मंगलवार रात हुई भारी बारिश ने शहर के कई हिस्सों में मुश्किलें खड़ी कर दीं।

हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिली। मूसलाधार बारिश की वजह से निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। बीएमसी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि अंधेरी सबवे में पानी इतना ज्यादा भर गया कि उसे गाडिय़ों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

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