जनरल नरवणे की किताब पर मचा सियासी बवाल, FIR दर्ज, फंस गई बीजेपी सरकार!

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक किताब को लेकर विपक्ष हंगामा किये हुए है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस किताब को लेकर संसद से लेकर सड़क तक घेर रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  इन दिनों मोदी सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। देश का सियासी रंग बदलता जा रहा है बीजेपी सरकार की हर मुद्दे पर जमकर फजीहत होती हुई नजर आ रही है।

आलम से है कि सड़क से लेकर संसद तक मोदी सरकार को विपक्ष घेरकर आइना दिखा रही है। हालांकि बीजेपी नेता चुप्पी साधे हुए हैं, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक किताब को लेकर विपक्ष हंगामा किये हुए है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस किताब को लेकर संसद से लेकर सड़क तक घेर रहे हैं। वहीं इसी बीच खबर है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की जिस किताब के राहुल गांधी के ज़िक्र से संसद में हंगामा हुआ है और मोदी सरकार फंसती हुई नजर आ रही है, उसकी सॉफ्ट कॉपी के ऑनलाइन सर्कुलेट होने पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि किताब को छापने की इजाजत अभी अधिकारियों ने नहीं दी है, लेकिन किताब सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अन्य जगहों पर भी सर्कुलेट हो रही है.

इसकी पीडीएफ कॉपी कई वेबसाइट्स पर मौजूद है. साथ ही कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी किताब का कवर लगा है, जिसे देखकर लगता है कि यह बिकने के लिए तैयार है. जैसे की हमने जिक्र किया एमएम नरवणे की आत्मकथा वाली किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की एक प्रति लेकर राहुल गांधी भी सदन में पहुंचे थे. उन्होंने इस किताब को पीएम नरेंद्र मोदी को गिफ्ट करने की बात कही थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस की FIR में राहुल गांधी का नाम होने की बात सामने नहीं आई है. अब मतलब साफ़ है दिल्ली पुलिस अब इस मामले की जाँच-पड़ताल में अपनी ऊर्जा खपाएगी कि आख़िर यह किताब पीडीएफ़ फॉर्मेट में कैसे ऑनलाइन लोगों तक पहुँच रही है।  नरवणे की यह वही किताब है जिसको लेकर राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि 2020 में गलवान घाटी में चीनी आक्रामकता पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया की पोल खुल रही है और इसी डर से वह संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देने नहीं आए।

यह एफ़आईआर तब दर्ज हुई जब पिछले कुछ दिनों से लोकसभा में हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी 2 फरवरी से किताब के कुछ हिस्सों का हवाला देकर बोलना चाहते थे। उनका कहना है कि किताब में जनरल नरवणे ने लिखा है कि 2020 में गलवान घाटी में चीन के साथ टकराव के दौरान जब उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल और अन्य नेताओं को ‘चीनी टैंक आ रहे हैं’ की जानकारी दी, तो लंबे समय तक कोई सीधा जवाब नहीं मिला। बाद में पीएम मोदी का संदेश आया – ‘जो उचित समझो, वो करो’।

राहुल गांधी का आरोप है कि इससे पीएम ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और सेना प्रमुख को अकेला छोड़ दिया। वहीं सरकार का कहना है कि किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा, ‘मुझे यक़ीन है कि यह किताब कभी प्रकाशित नहीं हुई।’ उन्होंने राहुल गांधी से कहा, ‘जो किताब का दावा कर रहे हैं, उसे सदन में पेश करें, हम देखना चाहते हैं।’ स्पीकर ओम बिड़ला और बीजेपी सांसदों ने कहा कि अप्रकाशित किताब का हवाला देना सदन के नियमों के खिलाफ है और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है।

वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर तीखा हमला बोला और कई गंभीर आरोप भी लगाए। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट मीडिया के सामने पेश करते हुए कहा, “यह उनका ट्वीट है. मनोज नरवणे ने कहा था कि दोस्तों मेरी किताब अब उपलब्ध है. बस लिंक को फॉलो कीजिए.”

हालांकि सरकार द्वारा ऐसी किसी किताब के छपे होने के दावे को खारिज किए जाने के बाद राहुल गांधी ने पिछले 4 फरवरी को संसद परिसर में किताब की प्रिंटेड कॉपी दिखाई और कैमरों के सामने कहा, ‘देखिए, किताब है, सरकार कह रही है कि किताब नहीं है।’ उन्होंने एक्स पर वीडियो डालकर कहा, ‘मुझे लगता है पीएम आज लोकसभा में नहीं आएँगे, क्योंकि अगर आए तो मैं उन्हें यह किताब दूंगा।’

इस किताब की जिसे लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है  ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ नाम की यह किताब जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा है। जनरल नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख रहे। किताब में उनकी 40 साल की सेवा, सिक्किम में चीन से पहला आमना-सामना, गलवान संघर्ष, पाकिस्तान के साथ सीजफायर आदि का जिक्र है। किताब 448 पेज की है और अप्रैल 2024 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिली। अमेजन और फ्लिपकार्ट पर ‘अभी उपलब्ध नहीं’ लिखा था।

राहुल गांधी का दावा है कि ‘द कारवां’ मैगजीन में किताब के कुछ अंश छपे थे, जिनसे वे सिर्फ उद्धरण देना चाहते थे। लेकिन स्पीकर ने रोक दिया। अब पीडीएफ़ लीक होने से विवाद और बढ़ गया है। पुलिस जाँच कर रही है कि किताब कैसे लीक हुई, कौन फैला रहा है। यह मामला संसद में हंगामे, सांसदों के निलंबन और स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव की बातों के बीच आया है। अब देखना ये होगा कि यह मामला अभी कितना तूल पकड़ता है। अभी मौजूदा समय में यह मामला विपक्ष जमकर उठा रहा है और सत्ताधारी दल को जमकर घेर रहा है।

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