बांग्लादेशी क्रिकेटर को लेकर सियासत तेज, बीजेपी नेता ने शाहरुख खान को बताया जिहादी!

बीजेपी नेता किसी भी मौके पर नफरत फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। फिर चाहे वो राजनीतिक मंच हो या फिर खेल का मैदान।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बीजेपी नेता किसी भी मौके पर नफरत फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। फिर चाहे वो राजनीतिक मंच हो या फिर खेल का मैदान।

वहीं इसी बीच एक तरफ जहां कुछ राज्यों में चुनावों की तैयारियां चल रही हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं ने नफरती बयानबाजी शुरू करके लोगों को हिन्दू-मुसलमान का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। आलम ये है की अब राजनीति का नया मैदान खेल बनता नजर आ रहा है. इस बार निशाने पर हैं फिल्म अभिनेता और आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान। वजह बनी है आईपीएल के आगामी सीजन के लिए केकेआर द्वारा बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम में शामिल किया जाना. इस फैसले को लेकर भाजपा नेता संगीत सोम, कुछ धार्मिक नेताओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय समूहों ने तीखा विरोध शुरू कर दिया है।

इस पूरे मामले पर लोनी (गाजियाबाद) विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने जो बयान दिया है उसे लेकर सियासी पारा हाई हो गया है। विधायक ने कहा कि यह फैसला बेहद दुखद है और इससे पूरे देश में आक्रोश है. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के आरोपों के बीच ऐसे खिलाड़ी को खेलने का मौका देना गलत है. विधायक ने शाहरुख खान और उनकी टीम के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी को भारत की जमीन पर खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

नंदकिशोर गुर्जर ने यह भी कहा कि शाहरुख खान भारत की जनता का पैसा एक ऐसे जिहादी को देंगे, जिसके देश में हमारी मां-बेटियों की हत्या और बलात्कार हुए हैं. अगर उस खिलाड़ी को भारत में खेलने दिया गया तो इसका देशभर में विरोध होगा. उन्होंने शाहरुख खान की टीम के बहिष्कार की अपील की. सभी वर्गों से इसका विरोध करने की बात कही. यहां तक की अभिनेता को बीजेपी विधायक ने पक्का जिहादी तक बता दिया।

इस पूरे मामले को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। एक तरफ जहां भाजपा नेता शाहरुख खान को अनाप-सनाप बोल रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष बीजेपी पर जमकर निशाना साध रहा है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शाहरुख खान को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह दरिंदगी की पराकाष्ठा है. हिंदुओं को टारगेट करके जो मारा जा रहा है, उस पर भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए. लेकिन प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर खामोश हैं. क्रिकेट खिलाड़ी को टीम रखने पर शाहरुख खान को गद्दार करार दिया जा रहा है तो शेख हसीना को भारत में रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को क्या संज्ञा दी जाएगी?

संजय सिंह ने आगे कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों को मारा गया, उसके बाद पूरे देश ने कहा पाकिस्तान संग क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. जय शाह ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेला. इसको क्या कहेंगे? क्या इनको गद्दार की संज्ञा में लाया जाएगा? अभी बेगम खालिदा जिया की मौत पर दुख प्रकट करने के लिए विदेश मंत्री जयशंकर बांग्लादेश गए. ऐसे में हमें सलेक्टिव नहीं होना चाहिए. हमें दो तरह की बातें नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति क्या है, ये स्पष्ट होना चाहिए. कोई भी कुछ भी बोल देता है. इस तरह से शाहरुख को आरोपी बनाना ठीक नहीं. आईपीएल में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को नहीं लिया जाता, इसी तरह बांग्लादेश को भी बैन करिए फिर.

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने भी शाहरुख खान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश आज भारी कट्टरता के रास्ते पर चल रहा है. मोहम्मद युनूस जैसा आदमी वहां का केयरटेकर बना हुआ है, खुद पीएम मोदी ने उसका समर्थन किया था. ये संगीत सोम जो सरधना से विधायक थे, बुरी तरह हारे. अब इन्हें कवरेज नहीं मिलती इसलिए सु्र्खियों के लिए ये ऐसे बयान देते हैं. खुद भाजपा के वरिष्ठ सांसद इनके बयान को गलत बता चुके हैं.

हालांकि इसपर भाजपा नेताओं का कहना है कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और हत्याओं की खबरें सामने आ रही हैं, तब ऐसे देश के खिलाड़ियों को आईपीएल में शामिल करना गलत है. संगीत सोम ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की सरकार, वहां के खिलाड़ी और सेलिब्रिटी हिंदुओं के पक्ष में आवाज नहीं उठा रहे, ऐसे में भारतीय लीग में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को क्यों जगह दी जा रही है. उन्होंने सीधे तौर पर इस फैसले के लिए शाहरुख खान को जिम्मेदार ठहराया।

इस मुद्दे को बंगाल की सियासत से जोड़ते हुए भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. भाजपा नेताओं का कहना है कि शाहरुख खान को सिर्फ मजहब के आधार पर तरजीह दी जा रही है. आरोप लगाए गए कि राज्य सरकार उनके कार्यक्रमों में सहयोग करती है, ईडन गार्डन्स से जुड़े ठेके कथित तौर पर मुस्लिम ठेकेदारों को दिए जाते हैं और शाहरुख को बंगाल का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया. भाजपा का दावा है कि यह सब तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है।

न सिर्फ राजनेता बल्कि इस मामले को लेकर धार्मिक गुरुओं के भी बयान से सियासत गर्म है। इसी बीच आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने विरोध जताते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं का बेरहमी से कत्ल किया जा रहा है, उनके घर जलाए जा रहे हैं और उनकी बहनों और बेटियों का रेप किया जा रहा है। ऐसी बेरहम हत्याएं देखने के बाद कोई इतना पत्थर दिल कैसे हो सकता है, खासकर वह जो खुद को एक टीम का मालिक कहता है? वह इतना क्रूर कैसे हो सकता है कि उसी देश के क्रिकेटर को अपनी टीम में शामिल करे?

तुम इस देश का कर्ज कैसे चुकाओगे? एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को लाकर और उसे हमारी जमीन पर खिलाकर? हम KKR मैनेजमेंट और उनके बॉस से कहेंगे, इस बात को समझो और उस क्रिकेटर को टीम से निकालो। माफी और पछतावे के तौर पर, 9.2 करोड़ रुपए जो उस क्रिकेटर को दिए जा रहे हैं। उन्हें वहां मारे जा रहे हिंदू बच्चों के परिवारों को दिए जाने चाहिए।

वैसे, मुस्तफिजुर रहमान पिछले कई सीजन से अलग अलग टीमों के लिए आईपीएल खेल रहे हैं. लेकिन इस बार विवाद के पीछे चुनावी सियासत बड़ी वजह नजर आ रही है. हालांकि इन तमाम सियासी जुगालियों पर भारत सरकार या बीसीसीआई की ओर से न तो कोई सवाल उठाया गया है और न आपत्ति जताई गई है. लेकिन आईपीएल से पहले शाहरुख और उनकी टीम को लेकर सियासत खूब हो रही है। अब देखना ये होगा कि ये मामला और कितना तूल पकड़ता है और इसे लेकर और कितने नेताओं के बयान सामने आते हैं।

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