सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर सियासत तेज, जंतर-मंतर पहुंचे कई नेता

सोनम वांगचुक के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलता जा रहा है. वह 19 दिन से भूख हड़ताल पर हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सोनम वांगचुक के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलता जा रहा है. वह 19 दिन से भूख हड़ताल पर हैं. उनके समर्थन में आज अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं. इससे पहले कल 2 सांसद प्रिया सरोज और चंद्रशेखर भी पहुंचे थे.

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार 19वें दिन भी जारी है. वांगचुक ने राजनीतिक दलों के कई बड़े नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने से मना कर दिया. इस बीच दिग्गज हस्तियां का उनसे मिलने और हालचाल लेने का सिलसिला जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी आज गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यकर्ता वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं, और उनके आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने का दायरा बढ़ता जा रहा है. आज केजरीवाल मिलने जा रहे हैं. वहीं महाराष्ट्र के अमरावती से कांग्रेस सांसद बलवंत बसवंत वानखेड़े भी मिलने आने वाले हैं.

केजरीवाल के जाने से पहले कड़ी सुरक्षा

केजरीवाल के वहां जाने से पहले जंतर-मंतर और उसके आस-पास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस का कहना है कि एहतियातन विरोध-प्रदर्शन वाली जगह और आस-पास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने NEET-UG और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है. वांगचुक बाद में 28 जून को इस आंदोलन से जुड़े और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की भी घोषणा की है.

वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता और पूर्व सांसद साकेत गोखले ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि पिछले 18 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक को अगर कुछ भी हुआ तो इसके लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदार होगी.

कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले भी पहुंचे मिलने

केजरीवाल ने जंतर-मंतर जाने से पहले बताया कि AAP, कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की उसकी मांग का समर्थन करती है.” उन्होंने बताया कि वह गुरुवार शाम वांगचुक से मुलाकात करेंगे.

इससे पहले महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया से लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने कल बुधवार को जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया. पडोले ने यह भी कहा कि वह 20 जुलाई को संसद तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल होने वाले हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी उनकी जरूरत होगी, वह वहां मौजूद रहेंगे.

मिलने वालों सांसद प्रिया और चंद्रशेखर भी

उत्तर प्रदेश से मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज भी कल जंतर-मंतर पहुंचीं और आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया. वहीं नगीना से निर्दलीय सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ तथा वांगचुक के अनशन आंदोलन को अपना समर्थन दिया。

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2 दिन पहले मंगलवार को वांगचुक से फोन पर उनका हालचाल जाना और उनके आंदोलन को अपनी पार्टी का ‘खुला समर्थन’ देने की बात कही. वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी वांगचुक के आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं और सभी राजनीतिक दलों को अपने दलगत हितों से अलग रहकर इस आंदोलन के साथ खड़ा होने की बात कह चुके हैं.

महुआ मोइत्रा भी दिखा चुकी हैं समर्थन

संकटों से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद भी वांगचुक के आंदोलन का भी समर्थन कर चुके हैं. मोइत्रा तो जंतर-मंतर पर वांगचुक से मिलने जा चुकी हैं.

इसी तरह सिक्किम की राजनीतिक पार्टी सिटिजन एक्शन पार्टी-सिक्किम ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई और केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ ‘रचनात्मक संवाद’ शुरू करने की अपील की.

समर्थन में आईं कई दिग्गज फिल्म हस्तियां

फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी और सोनी राजदान ने सोशल मीडिया के जरिए वांगचुक से अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को खत्म करने की अपील की. आजमी ने इंस्टाग्राम पर वांगचुक का समर्थन करते हुए कहा कि देश को उनके जैसे और लोगों की जरूरत है. राजदान ने भी उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की और कहा कि वह उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रही हैं. फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने भी वांगचुक का समर्थन करते हुए उन्हें बहादुर बताया.

एक अन्य दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने भी पिछले दिनों केंद्र सरकार से वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि देश को अपने सबसे प्रतिभाशाली लोगों में से एक को इस तरह कुर्बान होते हुए नहीं देखना चाहिए.

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