महिला आरक्षण बिल पर सियासत: Tejashwi Yadav का बीजेपी पर हमला, ‘राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश’
तेजस्वी ने कहा कि यह बिल पहले से ही पास है. हमारी यह मांग थी कि इसमें ओबीसी महिलाओं और पिछड़ी महिलाएं क्यों नहीं है?

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में महिला बिल के गिरने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है.
तेजस्वी ने कहा कि यह बिल पहले से ही पास है. हमारी यह मांग थी कि इसमें ओबीसी महिलाओं और पिछड़ी महिलाएं क्यों नहीं है? ये बीजेपी, RSS का छुपा हुआ एजेंडा था. उसे ला रहे थे और बिल का गिरना तय था.
बिहार विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में महिला बिल के गिरने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस दौरान तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हम महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं है. बीजेपी का मकसद महिला बल को लाना नहीं बल्कि संविधान में संशोधन करने का है. बीजेपी इस बिल के जरिए राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. शनिवार को मीडिया से बातें करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कोई पार्टी, कोई सांसद इसके खिलाफ नहीं है. इस बात को समझना होगा. महिला बिल के बारे में सत्ता पक्ष से पूछना होगा.
तेजस्वी ने कहा कि यह बिल पहले से ही पास है. हमारी यह मांग थी कि इसमें ओबीसी महिलाओं और पिछड़ी महिलाएं क्यों नहीं है? हम चाहते हैं कि ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण मिले. लेकिन नहीं हो पाया है. यह आनन-फानन में लाया गया था, जब पांच राज्यों में चुनाव चल रहा है. तेजस्वी ने कहा कि इसमें डी लिमिटेशन की बातें हैं. ये लोग 2011 की जनगणना को लेकर के चल रहे थे लेकिन हमारा यह कहना है कि 2025 की जनगणना से होगी. जाहिर है कि पिछड़ों, दलितों की आबादी बढ़ेगी तो फिर आरक्षण देना होगा. जाति की जनगणना करनी होगी. ये बीजेपी, RSS का छुपा हुआ एजेंडा था. उसे ला रहे थे और बिल का गिरना तय था.
बीजेपी और RSS पर बोला हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी के लोग इतने बेवकूफ नहीं है. वह भी इस बात को जान रहे थे कि उनके पास दो तिहाई में जो बहुमत नहीं है फिर भी यह लाया गया ताकि यह दिखा सके कि वे लोग महिलाओं के हितैषी हैं. जबकि RSS के लोग पैर धुलवाते हैं. मनु स्मृति में महिलाओं की जगह क्या है? इसे पढ़ना चाहिए. यह लोग उसे ही मानते हैं. इन्हें क्या पता महिलाओं का क्या सम्मान होता है? इन लोगों को कोई मतलब नहीं है. इनको अपनी राजनीतिक चमकाने से मतलब है.
डीलिमिटेशन के बाद इन्होंने छह जगह पर चुनाव लड़ा. सभी राज्य में बीजेपी जीत गई. यह उनकी साजिश है. अगर ट्रेंड और डाटा देखेंगे तो पता चल जाएगा कि कौन सी सीट और कौन सी बूथ पर कौन मजबूत है? जो दूसरे किसी बूथ पर मजबूत होगा उसे काट दिया जाएगा. उसे चार भाग में बांट दिया जाएगा. यह साफ साजिश है. असल में इनका एजेंडा संविधान को बदलने का है. डीलिमिटेशन के बाद उनकी सोच यही थी कि उनकी बहुमत दो तिहाई से ज्यादा आ जाएगी तो संविधान को बदल देंगे. जबकि हमारे रहते हुए बाबासाहेब अंबेडकर की संविधान को कोई नहीं बदल पाएगा.
तेजस्वी ने सीएम सम्राट चौधरी को भी लपेटा
बिहार में शराबबंदी के जारी रहने की सीएम सम्राट चौधरी की बात पर जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि क्या यह कैबिनेट में पास हुआ है? ऐसी बात करने की नौबत कैसे आई? इस बात को बोलने की जरूरत क्या है? इनका सपना नीतीश कुमार को हटाने को लेकर के था. इसके लिए तो हम लोगों ने उन्हें धन्यवाद भी दे दिया है. अब वह काम ज्यादा करें, बातें कम करें. नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार पिछले 20 सालों से फिसड्डी है. आखिर बिहार टॉप फाइव राज्यों में कब आएगा? यह मेरा सवाल है. इस पर काम नहीं हो रहा है. खजाना खाली है. खजाने को भरने के लिए रेवेन्यू की क्या व्यवस्था होगी? इसका रोड मैप बताना चाहिए. हम सीएम से जानना चाहते हैं कि उनका विजन और रोड मैप क्या है? इस पर काम नहीं हो रहा है.
बिहार के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने कहा कि हर जिले में कारखाने देने की बात कही गई. हर महिला को दो लाख रुपए देने की बात कही गई है. मुख्यमंत्री ने बिजली की दर के बारे में कुछ बात की है क्या? 125 यूनिट बिजली फ्री में देने की बात कही थी और अब दर बढ़ा दी गई है. उस वक्त की दर बढ़ाई गई है, जब सबसे ज्यादा बिहार के लोग बिजली का उपयोग करते हैं. इस पर कोई सवाल नहीं है. यह लोग मुद्दे की बात नहीं करेंगे. इनके हाथ में कुछ नहीं है. सुनने में यह आ रहा है कि निर्देश पीएमओ से आ रहा है. इस बात को मैं कहता रहा हूं. अब बिहार गुजरात से ही चलेगा.



