Popular एक्ट्रेस को हुई दिमागी बीमारी, घिनौनी हरकत ने किया परेशान। आत्महत्या का आया ख्याल
एंटरटेनमेंट की दुनिया बाहर से देखने में जितनी ग्लैमरस और शानदार लगती है..उतनी अंदर से नहीं होती है। क्योंकि, यहां चका-चौंध तो खूब देखने को मिलती है..लेकिन, पर्दे के पीछे की कहानी कुछ अलग ही होती है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एंटरटेनमेंट की दुनिया बाहर से देखने में जितनी ग्लैमरस और शानदार लगती है..उतनी अंदर से नहीं होती है। क्योंकि, यहां चका-चौंध तो खूब देखने को मिलती है..लेकिन, पर्दे के पीछे की कहानी कुछ अलग ही होती है। और, सबसे ज्यादा अलग कहानी होती है..यहां काम करने वाली हसीनाओं की। जिनकी बाहरी दुनिया से उलट उनकी निजी ज़िंदगी होती है।
कई बार इनके साथ ऐसे किस्से भी हो जाते हैं..जिनकी वजह से वो डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं। और, ठीक ऐसा ही हुआ..उस मशहूर एक्ट्रेस के साथ, जिसने अपने काम से तो लाखों लोगों का दिल जीता..लेकिन, इसी हसीना के साथ एक ऐसी घिनौनी हरकत हुई..जिसने उन्हें आत्महत्या का कदम उठाने की सोच लाने तक मजबूर कर दिया। और तो और, इस जवान एक्ट्रेस को एक दिमागी बीमारी ने भी अपना शिकार बना लिया। जिसकी वजह से उन्हें गंभीर दिक्कतों का सामना तक करना पड़ा।
जिस एक्ट्रेस की हम बात कर रहे हैं..वो साउथ फिल्मों की जानी-मानीं अदाकारा पार्वती थिरुवोथु हैं। वही पार्वती जो दो बार ‘नेशनल अवार्ड’ जीत चुकी हैं। तो, उन्होंने खुलासा किया है कि, एक समय पर वो दिमागी संतुलन बनाए रखने के लिए थेरेपीज पर डिपेंड रहती थीं। एक्ट्रेस ने बताया कि वो अकेलेपन के लंबे दौर से जूझ चुकी हैं, लेकिन उन्हें उस ट्रॉमा से निकालने के लिए कोई अच्छा थेरेपिस्ट नहीं मिला।
अपने इंटरव्यू में पार्वती ने कहा-‘जब तक मुझे मेरा मौजूदा थेरेपिस्ट नहीं मिला, तब तक मुझे कई खराब थेरेपिस्ट झेलने पड़े। मेरे लिए ऐसा थेरेपिस्ट ढूंढना मुश्किल था जो मुझे एक पब्लिक फिगर की तरह न देखे। मेरा पहला थेरेपिस्ट अमेरिका में था, इसलिए सेशन्स रात 1–2 बजे होते थे। कुछ देसी थेरेपिस्ट, जिनमें रेड फ्लैग्स होते हैं, हालात और बिगाड़ देते हैं क्योंकि वे हमारी संस्कृति की कमजोर नसों को अच्छी तरह जानते हैं और वहीं दबाव डालते हैं। आखिरकार, यह सब बहुत दर्दनाक होता है’।
उन्होंने ये भी बताया कि- एक समय मैं बहुत अकेली थी। दोस्तों से कहती रहती थी कि नए-नए थेरेपिस्ट ट्राय कर रही हूं, लेकिन कुछ काम नहीं कर रहा था। मुझे लगने लगा था कि मैं मदद से बाहर हूं। हालात बहुत खराब हो गए थे। आत्महत्या के ख्याल बहुत ज्यादा आने लगे थे। 2021 के जनवरी-फरवरी के महीने मुझे अब याद ही नहीं, सब धुंधला है। फोन की गैलरी देखती हूं, तभी याद आता है कि तब क्या-क्या हुआ था? इसके बाद ही थेरेपी ने मेरे लिए काम करना शुरू किया। अब मैं दो तरह की थेरेपी लेती हूं।
एक है EMDR (आई मूवमेंट डिसेंसिटाइजेशन एंड रीप्रोसेसिंग), जिसने मेरी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है क्योंकि अब मेरे पास ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड थेरेपिस्ट है। EMDR के जरिए वह मेरी ताकत से जुड़ी सोच और शरीर में बैठी शर्म की फीलिंग को बदलने में मदद कर रही हैं। इसके अलावा मेरी एक सेक्स थेरेपिस्ट भी हैं। यानी अभी मेरी प्लेट पूरी भरी हुई है- काम, दोस्त, परिवार और खुद को दोबारा समझने-जानने की इस पूरी प्रोसेस के साथ। लोगों ने कहा था कि 30 साल के बाद इंसान खुद के और करीब आने लगता है, और तब रिश्तों को देखने का नजरिया भी बदल जाता है। जिंदगी ज्यादा बैलेंस्ड और पूरी लगने लगती है’।
इसके साथ, पार्वती ने बचपन में घटी एक घिनौनी घटना के बारे में भी इंटरव्यू में बताया। पार्वती ने अपने बचपन की वो बदसूरत यादें शेयर की, जिन्हें वो नहीं चाहतीं कि कोई भी बच्चा अपने साथ लेकर चले। पार्वती ने इस इंटरव्यू में बताया कि कई मौकों पर उन्हें अनजान लोगों मे हैरेस किया। किसी ने छाती पर मारा तो किसी ने चिकोटी काटी। पार्वती थिरुवोथु ने एक खौफनाक घटना वो भी बताई, जिसने उन्हें हमेशा के लिए डरा दिया था और वह खौफ बनकर कई साल तक उनकी यादों के साए में रही।
पार्वती थिरुवोथु ने एक पॉडकास्ट में बताया कि, कैसे कम उम्र में ही उनके साथ छेड़खानी शुरू हो गई थी? ऐसा उनके साथ कई मौकों पर हुआ। एक बार ऐसा कुछ हुआ कि वह दर्द से कराह उठी थीं। उनके मुताबिक, ”जब वो छोटी थी तो एक आदमी ने उनकी चेस्ट (छाती) पर बहुत जोर का हाथ मारा। उसने इतनी जोर की हाथ मारा था कि उन्हें दर्द हुआ। ऐसी कई घटनाएं और भी हुईं, जब किसी व्यक्ति ने पब्लिक प्लेस पर ही उनको अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया। यहां तक की गलत तरीके से टच करने वाले लोगों में, उनके कुछ करीबी भी शामिल रहे। इन घटनाओं ने एक्ट्रेस की मेंटल हेल्थ पर असर डाला।”
बहरहाल, पार्वती की बात करें तो, एक्ट्रेस का जन्म 7 अप्रैल 1988 को कोझिकोड , केरल में पी. विनोद कुमार और टी.के. उषा कुमारी के घर हुआ था। उनके दोनों पेरेंट्स पेशे से वकील हैं। उनका एक भाई है जिसका नाम औम थिरुवोथु करुणाकरण है।
तो, वो मलयालम और तमिल फिल्मों में ज्यादा काम करती हैं। पार्वती ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 2006 में मलयालम फिल्म ‘आउट ऑफ सिलेबस’ से की। जिसके बाद, उन्होंने तमिल रोमांटिक ड्रामा ‘पू’ (2008) में अपनी एक्टिंग के लिए खूब तारीफें बटोरी। ‘बैंगलोर डेज़’ (2014), ‘एन्नू निंटे मोइदीन’ (2015) और ‘चार्ली’ (2015) में उन्हें अपने काम से काफी फेम मिला।
इसके बाद वो, ‘टेक ऑफ’ (2017), ‘उयारे’ (2019), ‘वायरस’ (2019) और ‘पुझू’ (2022) में भी नजर आईं। ‘टेक ऑफ’ में अपने काम के लिए उन्हें ‘नेशनल अवार्ड’ भी मिला था। साल 2024 में एक साउथ इंडियन फिल्म ‘हर’ में भी नजर आईं। उन्हें कई अवॉर्ड मिले हैं, जिनमें एक ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड’, ‘दो केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड’ और ‘पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड’ (साउथ) शामिल हैं। वहीं, उन्होंने बॉलीवुड में भी काम किया। हिंदी फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ में वो दिवंगत इरफान खान के अपोजिट नजर आई थीं। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया था।
अब वर्कफ़्रंट की बात की जाए तो, पार्वती, बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन के HRX फिल्म्स के बैनर तले बन रहे प्रोजेक्ट ‘द स्टॉर्म’ में नजर आएंगी। इसे अजीतपाल सिंह ने डायरेक्ट किया है। इसकी कहानी मुंबई पर बेस्ड है और इस शो में अलाया एफ, सृष्टि श्रीवास्तव, रामा शर्मा और सबा आजाद भी नजर आएंगी।



