CAT 2026 में अच्छे स्कोर से आगे की तैयारी जरूरी, IIM एडमिशन में हुए ये बदलाव

IIM में एडमिशन के लिएको सिर्फ पिछले साल के कट-ऑफ या सिलेक्शन वेटेज पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: IIM में एडमिशन के लिएको सिर्फ पिछले साल के कट-ऑफ या सिलेक्शन वेटेज पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है. हर IIM की एडमिशन पॉलिसी अलग-अलग होती है. उस पाॅलिसी के हिसाब से योजना बनाएं.

कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है. इस वर्ष CAT 2026 का आयोजन IIM इंदौर कर रहा है. CAT 2026 का आयोजन 29 नवंबर 2026 को देशभर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर होगा.

कुल जमा CAT के स्कोर से देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) और अन्य टॉप बिजनेस स्कूलों में MBA करने का मौका मिलता है, लेकिन IIM में एडमिशन के लिए CAT स्कोर ही काफी नहीं है. कई IIM ने एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स को शॉर्टलिस्ट और सेलेक्ट करने का तरीका बदल दिया है. कई तरह के बदलाव किए गए हैं.

अब सभी IIM के लिए कॉमन नहीं CAP

IIM में एडमिशन के लिए बड़े बदलाव की बात करें तो इसमें कॉमन एडमिशन प्रोसेस (CAP) भी शामिल है. अब CAP सभी IIM में एडमिशन के लिए कॉमन नहीं है. मसलन, IIM बोधगया, IIM जम्मू और IIM सिरमौर ने CAP 2026 में हिस्सा लिया, जबकि कुछ अन्य IIM ने अलग एडमिशन प्रोसेस चुने हैं. इसमेंIIM उदयपुर ने अपना सिलेक्शन प्रोसेस तैयार किया है, जिसमें CAT परफाॅर्मेंस, एक लिखित परीक्षा और पर्सनल इंटरव्यू शामिल हैं.

4 IIM ने ज्वाइंट एडमिशन प्रोसेस शुरू किया

वहीं 4 IIM ने एडमिशन के लिए ज्वाइंट एडमिशन प्रोसेस शुरू किया है. इसमें IIM काशीपुर, IIM रायपुर, IIM रांची और IIM तिरुचिरापल्ली अब जॉइंट एडमिशन प्रोसेस (JAP) से एडमिशन देते हैं. वहीं इन सभी IIM का फाइनल मेरिट लिस्ट और सिलेक्शन क्राइटेरिया अलग-अलग है.

IIM इंदौर ने बदला सिलेक्शन फॉर्मूला

IIM इंदौर ने एकेडमिशन सेशन 2026-28 के लिए अपने एडमिशन क्राइटेरिया में बदलाव किया है. संस्थान ने MBA में एडमिशन के लिए CAT स्कोर को ज्यादा वेटेज दिया है. नए क्राइटेरिया में वर्क एक्सपीरियंस को भी शामिल किया गया. वहीं 10वीं क्लास के मार्क्स का वेटेज कम कर दिया.

CAT में बेहतर स्कोर ही क्यों काफी नहीं

IIM में एडमिशन के लिए CAT में बेहतर स्कोर ही काफी नहीं है. इससे ही एडमिशन नहीं मिलता है. एडमिशन के लिए IIM एकेडमिक परफॉर्मेंस, सेक्शनल स्कोर, वर्क एक्सपीरियंस जैसे फैक्टर भी देखते हैं. मसलन, हर IIM के अपने नियम होते हैं. ये नियम हर साल बदल सकते हैं.

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