पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: सरकारी भर्तियों में आयु सीमा बढ़ी, घटिया बीजों पर सख्ती

मंत्रियों ने बताया कि सरकार ने जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है,ग्रुप डी की सरकारी नौकरियों में उम्मीदवारों की आयु सीमा अब 18 से 37 वर्ष कर दी गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं।

बैठक के बाद राज्यके वित्त मंत्री हरपाल चीमा और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन निर्णयों की जानकारी दी। मंत्रियों ने बताया कि सरकार ने जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है,ग्रुप डी की सरकारी नौकरियों में उम्मीदवारों की आयु सीमा अब 18 से 37 वर्ष कर दी गई। पहले यह सीमा 18 से 35 वर्ष थी। इस फैसले से राज्य के अधिक युवा सरकारी भर्तियों में आवेदन करने के योग्य हो सकेंगे।

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शुक्रवार को कई बड़े फैसले लिए हैं. कैबिनेट बैठक लिए गए फैसलों के बाद सरकार में  वित्त मंत्री हरपाल चीमा और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने बताया कि बैठक में जनता के जनहित में कई फैसले लिए गए हैं. ग्रुप-डी की सरकारी भर्तियों में उम्र सीमा को बढ़ाया गया है. अब ये उम्र सीमा 18 से 37 साल तक होगी. पहले ये उम्र सीमा 18 से 35 साल तक थी.

पंजाब वैट के चेयरमैन और मेंबर्स को पहले हाई कोर्ट के जजों के मुकाबले की सैलरी और बेनिफिट मिलते थे. अब
उनकी सैलरी और बेनिफिट पंजाब सरकार के नियमों के मुताबिक होंगे. पंजाब के किसान संगठनों ने सरकार को बताया है कि उन्हें सब-स्टैंडर्ड के बीज सप्लाई होते हैं. इसी वजह से पंजाब सरकार एक नया एक्ट ‘द पंजाब सीड बिल 2025’(अमेंडमेंट) लेकर आ रही है.

मंत्रियों ने बताया कि पंजाब में बीज सप्लाई करने वाली कंपनी और व्यापारियों के लिए सख्त कानून लाया जा रहा है. ताकि नकली और घटिया बीज सप्लाई करने पर नकेल लगाई जा सके. पहली बार ऐसा अपराध करने पर 1 से 2 साल की सजा और 5 से 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान रहेगा. दोबारा ऐसा अपराध करने पर 2 से 3 साल की सजा और 10 से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा.

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इतना ही नहीं अगर कोई डीलर या व्यक्ति नकली या घटिया बीज बेचता है तो उसे 6 महीने से लेकर 1 साल की सजा और एक लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. दोबारा ऐसा करने पर 1 साल से 2 साल तक की कैद और 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा. अब कम पढ़े-लिखे किसान

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया, उद्योग जगत के संबंध में एक अहम फैसला लिया गया है. इसमें 1935 के अधिनियम में पहली बार संशोधन किया गया है. उद्योग लगाने के लिए दी गई प्रारंभिक राशि पर ब्याज माफ कर दिया गया है, जिससे व्यापारी वर्ग को राहत मिली है.रूपए 97 करोड़ का ब्याज 100% माफ कर दिया गया है
. सरकार रूपए 11 करोड़ की वसूली करने वाली है.

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