भ्रष्टाचार पर सरकार घिरी BJP सरकार | Chaitar Vasava का बड़ा हमला
आम आदमी पार्टी के नेता चैतर वसावा ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं... और उन्होंने दावा किया कि पार्टी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात कभी विकास का मॉडल राज्य माना जाता था.. आज भाजपा के लंबे शासन के साए में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है.. पिछले 30 सालों से भाजपा की सरकार यहां सत्ता में है.. लेकिन हाल की घटनाओं से लगता है कि नेता.. और उनके स्थानीय प्रतिनिधि अब आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय.. सिर्फ अपने शासन की उपलब्धियों का प्रचार कर रहे हैं.. हाल ही में दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं.. जो राज्य में भ्रष्टाचार, भय और भूख की समस्या को उजागर करती हैं.. पहली घटना नकली दूध के घोटाले से जुड़ी है.. जहां आम आदमी पार्टी के युवा नेता युवराज सिंह जडेजा ने सबूत पेश किए.. लेकिन कार्रवाई नहीं हुई..
वहीं दूसरी घटना एएपी की महिला नेता जिगीशा पटेल पर हुए हमले की है.. जहां पुलिस ने अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की.. बता दें कि ये घटनाएं न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही दिखाती हैं.. बल्कि आम नागरिकों के जीवन पर पड़ने वाले असर को भी सामने लाती हैं.. आपको बता दें कि भाजपा का गुजरात में 30 साल का शासन एक लंबी कहानी है.. 1995 से शुरू हुए इस दौर में राज्य ने आर्थिक विकास, औद्योगीकरण.. और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काफी प्रगति की है.. लेकिन आलोचक कहते हैं कि यह विकास सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहा है..
जबकि आम आदमी भ्रष्टाचार और असमानता का शिकार होता रहा.. हाल के वर्षों में विशेष रूप से 2020 के बाद, राज्य में खाद्य सुरक्षा से जुड़े घोटाले बढ़े हैं.. नकली दूध और दूध उत्पादों की समस्या ने पूरे राज्य को हिला दिया है.. गुजरात भारत का प्रमुख दूध उत्पादक राज्य है.. यहां अमूल जैसे ब्रांड की वजह से दूध की गुणवत्ता पर भरोसा किया जाता है.. लेकिन हाल की जांचों से पता चला है कि कई डेयरियां नकली दूध बना रही हैं.. जिसमें डिटर्जेंट, यूरिया और अन्य रसायन मिलाए जाते हैं.. यह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है.. बल्कि किसानों की आय पर भी असर डालता है.. क्योंकि असली दूध की कीमतें गिर जाती हैं..
आपको बता दें कि नकली दूध के घोटाले की शुरुआत समझने के लिए हमें अरावली जिले की एक फैक्ट्री पर नजर डालनी होगी.. पुलिस की एक रेड में खुलासा हुआ कि यह फैक्ट्री पिछले पांच सालों से नकली दूध और छाछ बना रही थी.. हर दिन 300 लीटर असली दूध से 1800 लीटर नकली दूध तैयार किया जाता था.. इसमें डिटर्जेंट, यूरिया, सोडियम बाइकार्बोनेट.. और अन्य हानिकारक रसायन मिलाए जाते थे.. जो कैंसर, किडनी की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं.. गांववासी अनजाने में इस जहर को पीते रहे.. यह जानकारी द लॉजिकल इंडियन नामक न्यूज पोर्टल से मिली है.. जहां बताया गया कि पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की.. इसी तरह, इकोनॉमिक टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि यह रैकेट पांच साल से चल रहा था.. और अब सवाल उठ रहे हैं कि फूड सेफ्टी अथॉरिटी ने पहले क्यों नहीं कार्रवाई की.. वहीं यह घोटाला सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है.. पूरे राज्य में ऐसी कई डेयरियां सक्रिय हैं..
आप के युवा नेता युवराज सिंह जडेजा ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया.. और उन्होंने डेयरियों में नकली दूध भरे जाने के वीडियो, फोटो.. और दस्तावेज उपलब्ध कराए.. एक एक्स पोस्ट में एएपी गुजरात ने इसे एक्सपोज किया.. जहां लिखा गया कि भाजपा सरकार आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है.. जडेजा ने आरोप लगाया कि सबूत देने के बावजूद सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है.. असली कार्रवाई की बजाय, कुछ छोटी-मोटी जांच करके मामला दबा दिया जाता है..
वहीं यह बात सही लगती है, क्योंकि पुलिस ने रेड तो की.. लेकिन बड़े सप्लायर्स या राजनीतिक कनेक्शन वाले लोगों पर हाथ नहीं डाला.. गुजरात फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने भी कुछ छापे मारे.. लेकिन वे अपर्याप्त थे.. जिसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि नकली दूध की समस्या भ्रष्टाचार से जुड़ी है.. एफएसएसएआई जैसी एजेंसियां भ्रष्ट हैं.. और निरीक्षण में लापरवाही बरतती हैं.. एक फेसबुक पोस्ट में कहा गया कि यह समस्या पूरे भारत में है.. लेकिन गुजरात में यह ज्यादा गंभीर है.. क्योंकि यहां दूध उत्पादन बड़ा है..
वहीं इस घोटाले का असर आम लोगों पर पड़ रहा है.. गांवों में लोग सस्ता दूध खरीदते हैं.. लेकिन वह जहरीला निकलता है.. बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे रसायनों से लिवर और किडनी की समस्याएं बढ़ रही हैं.. किसान भी प्रभावित हैं.. क्योंकि नकली दूध से असली दूध की मांग कम हो जाती है.. 2025 में एएपी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि.. भाजपा के 30 साल के शासन में अहंकार.. और भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि.. किसानों को दूध की सही कीमत के लिए विरोध करने पर पीटा जाता है.. एक किसान की मौत तक हो गई.. यह बयान आज भी प्रासंगिक है.. क्योंकि नकली दूध का मुद्दा किसानों की भूख से जुड़ा है..



