विदेश भागे गैंगस्टरों की खैर नहीं! AAP का दावा- एक दर्जन से ज्यादा अपराधी पंजाब वापस

पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर AAP नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि विदेश से एक दर्जन से ज्यादा अपराधियों को वापस लाया गया है। करमवीर देव की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पंजाब में नशे और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा दावा किया है। AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार के अभियान का असर अब पंजाब की सीमाओं से बाहर तक दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, विदेश भाग चुके एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टरों को वापस लाया जा चुका है।

अमेरिका से मोल्डोवा तक, विदेश से लौटे गैंगस्टर

चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब पुलिस ने अमेरिका, कनाडा, दुबई, मलेशिया और मोल्डोवा समेत अलग-अलग देशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। उन्होंने सचिन बिश्नोई, मनप्रीत सिंह उर्फ पीता, रमनजीत सिंह उर्फ रोमी, परमिंदर सिंह उर्फ पिंडी और अनमोल बिश्नोई समेत कई नाम गिनाए।

पन्नू के मुताबिक, अमृतपाल उर्फ अमृत ढल्लम को हाल ही में मोल्डोवा से वापस लाया गया। वहीं लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए गए करमवीर सिंह उर्फ करमवीर देव को कनाडा से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया।

हाईटेक पुलिसिंग पर सरकार का जोर

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि मान सरकार ने पंजाब पुलिस को आधुनिक तकनीक और बेहतर उपकरणों से लैस किया है। उनका कहना था कि इसका इस्तेमाल अपराधियों की निगरानी, नेटवर्क की पहचान और कार्रवाई को तेज करने में किया जा रहा है।

उन्होंने लुधियाना में हुए हालिया पुलिस एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस को एक हमले की पहले से जानकारी थी, जिसके आधार पर अपराधियों के प्लान को अंजाम देने से पहले कार्रवाई की गई।

विपक्ष पर निशाना, कहा- अपराधियों के लिए सुरक्षित जगह नहीं

AAP नेता ने पिछली सरकारों पर गैंगस्टरवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2007-2017 और 2017-2022 के दौरान भी पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क चर्चा में रहा।

पन्नू ने कहा कि मौजूदा सरकार का संदेश साफ है—पंजाब में अपराध करने वाला व्यक्ति विदेश भागकर भी कानून की पहुंच से बाहर नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसे अपराधियों को वापस लाने के लिए उन देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है, जहां भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है।

यह भी पढ़ें: स्टेम सेल थेरेपी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ऑटिज्म पर क्लिनिकल ट्रायल का पूरा डेटा तलब

Related Articles

Back to top button