राम मंदिर दान विवाद: संजय राउत बोले- ₹1 करोड़ और चांदी की ईंट की अब तक नहीं मिली रसीद
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने राम मंदिर निर्माण के लिए दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने राम मंदिर निर्माण के लिए दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे ने ₹1 करोड़ और चांदी की ईंटें हजारों शिवसैनिकों की मौजूदगी में दान की थी, पर आज तक उसकी कोई रसीद नहीं मिली.
अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावे को लेकर हुई गड़बड़ियों पर आशंकाएं और आरोप हर दिन बढ़ते जा रहे हैं. इसी बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने राम मंदिर मामले एक गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना की ओर से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे जी ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में ₹1 करोड़ और यह पवित्र चांदी की ईंट दान की थी. फिर भी, इतने सालों बाद भी ट्रस्ट की ओर से कोई रसीद या जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने सवाल पूछा और कहा कि आखिर वो ईंट कहां गई? अब पूरी जांच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया है!
राजू वी. मनवानी ने भी लगाया था आरोप
इसके पहले जाने-माने बिजनेसमैन का दावा है कि मंदिर के लिए दान की गई 200 चांदी की ईंटों का कोई हिसाब-किताब नहीं है. ‘कासल्स ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राजू वी. मनवानी ने बताया कि सिंधी समुदाय की ओर से, 26 जनवरी 2021 को अयोध्या में ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय को एक-एक किलोग्राम वजन वाली चांदी की 200 ईंटें सौंपी गई थीं.
‘भविष्य में दान के लिए कम हो रहा भरोसा’
मनवानी ने कहा कि हाल ही में मीडिया में मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी की खबरें आने के बाद चिंताएं बढ़ गई हैं. उन्होंने कहा, “हमने कभी यह सवाल नहीं उठाया कि चांदी का इस्तेमाल कहां किया जाएगा, लेकिन हाल की घटनाओं ने चिंताएं बढ़ा दी हैं.
हम जानना चाहते हैं कि क्या चांदी का इस्तेमाल मंदिर के लिए किया गया था और अगर हां, तो कैसे.” उन्होंने आगे कहा कि अगर मंदिर के लिए दिया गया दान कहीं और इस्तेमाल किया गया, तो इससे भविष्य में दान देने वालों का भरोसा कम हो सकता है.



