Middle East तनाव के बीच भारतीयों की वापसी, 7 दिन में 52 हजार स्वदेश लौटे

ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर भारतीय विदेश मंत्रालय खाड़ी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर भारतीय विदेश मंत्रालय खाड़ी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.

मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता दे रहा है. इसने स्थानीय दिशानिर्देशों का पालन करने और दूतावासों से संपर्क करने की सलाह दी है.

ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग को 9 दिनों का समय हो चुका है. इसके बाद भी यह युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. हर तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं. मिडिल ईस्ट में तनाव जैसे हालात हैं. इन मौजूदा हालातों पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से भी बयान सामने आया है. इस बयान में विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि खाड़ी क्षेत्र में चल रही तनावपूर्ण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है

विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और मदद पर ध्यान दिया जा रहा है जो वहां ट्रांजिट में फंसे हुए हैं या कम समय के लिए यात्रा पर गए थे. इसके साथ ही कुछ सलाह भी विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई हैं.

विदेश मंत्रालय की युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों के लिए सलाह

भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से सभी भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि जिस देश में हैं, वहां की स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें. भारतीय दूतावास या कांसुलेट द्वारा जारी एडवाइजरी को ध्यान से मानें. इन देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों और कांसुलेट ने 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू की है, ताकि लोगों की मदद की जा सके.

स्थिति पर नज़र रखने और लोगों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया है. यह कंट्रोल रूम वहां फंसे भारतीयों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब दे रहा है.

उड़ानें फिर से हो रहीं शुरू

युद्ध शुरू होने के बाद कुछ देशों ने अपने एयरस्पेस पूरी तरह से बंद कर दिए थे. हालांकि अब कुछ हिस्सों में एयरस्पेस को आंशिक रूप से खोला जा रहा है. यही वजह है की कई एयरलाइंस ने फिर से उड़ानें शुरू कर दी हैं.

विदेश मंत्रालय ने बताया कि 1 मार्च से 7 मार्च 2026 के बीच 52,000 से ज्यादा भारतीय खाड़ी देशों से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं. इनमें से 32,107 लोग भारतीय एयरलाइंस से आए हैं. आने वाले दिनों में और भी उड़ानों की योजना बनाई जा रही है.

दूसरे विकल्पों पर हो रहा काम

जिन देशों में अभी कमर्शियल फ्लाइट उपलब्ध नहीं हैं, वहां फंसे भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे नजदीकी भारतीय दूतावास या कांसुलेट से संपर्क करें. वहां से उन्हें उपलब्ध उड़ानों या अन्य विकल्पों की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही अन्य विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.

भारत सरकार का कहना है कि विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. सरकार क्षेत्र के विभिन्न देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीयों की मदद की जा सके.

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