‘BJP के दबाव में हटाए जा रहे PDA के वोट’ SIR पर फूटा सपा का गुस्सा, लगाए गंभीर आरोप!
SIR को लेकर इन दिनों सियासी पारा हाई चल रहा है इसे लेकर विपक्ष लगातार इसे लेकर बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर है। वहीं बात करें सूबे की तो सूबे की सियासत भी SIR को लेकर गर्म नजर आ रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: SIR को लेकर इन दिनों सियासी पारा हाई चल रहा है इसे लेकर विपक्ष लगातार इसे लेकर बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर है। वहीं बात करें सूबे की तो सूबे की सियासत भी SIR को लेकर गर्म नजर आ रही है।
ऐसे में एक बार फिर सपा ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के विधायक जाहिद बेग ने SIR यानी मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया को लेकर बड़ा आरोप लगाया है. भदोही विधानसभा से दो बार के सपा विधायक जाहिद जमाल बेग ने बीजेपी और योगी सरकार पर एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है. सपा विधायक ने अल्प संख्यक समाज का नाम कटने पर कहा कि सत्ता के दबाव में भदोही विधानसभा के अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित समुदाय के वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं. जिनके नाम 2003 में थे और 6 जनवरी 2026 में SIR के ड्राफ्ट में नाम दर्ज है बावजूद इसके नाम काटे जा रहे है.
विधायक जाहिद बेग ने दावा किया कि ग्राम सभा लालीपुर, सुरहन, दुलमदासपुर और वेदमनपुर जैसे क्षेत्रों में फर्जी फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जा रहा है. अब तक सैकड़ों लोगों के नाम साजिश के तहत काटे जा चुके हैं. सपा विधायक ने फर्जी फॉर्म-07 के दुरुपयोग को लेकर रोल आब्जर्वर/ आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश और जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की इस फर्जीवाड़े को रोकने की मांग की है. विधायक जाहिद बेग ने कहा कि प्रयागराज में जिस तरह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी की सरकार के अधिकारी उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग सकती है तो आप सोचिए कि हम लोग जो विपक्ष में है, हम लोगों का क्या होगा? हमारे वोटर जो दबे कुचले हैं उनका क्या होगा? कौन सुनेगा उनकी, योगी सरकार में अल्प संख्यक समाज डरा सहमा हुआ है.
उन्होंने कहा कि योगी सरकार 2027 के चुनाव में हार के डर की वजह से SIR ड्राफ्ट में सुनियोजित तरीके से नाम कटवाये जा रहे हैं. हम समाजवादी लोग चेतावनी देते हैं, तत्काल अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई तो हम लोग इसके लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे. SIR प्रक्रिया को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हमला बोल चुके हैं। उन्होंने इसे लेकर चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर हम कोई शिकायत करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग उसको नजरअंदाज कर रहा है। अखिलेश यादव ने यूपी में एसआईआर प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट में सुधार प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग जिसका वोट कटवाना चाहते कटवा देते हैं और जिसका जुड़वाना है जुड़वा लेते हैं.
चुनाव आयोग को अपनी इमारत पर बीजेपी का झंडा ही लगा देना चाहिए. सपा अध्यक्ष ने कहा कि “यूपी में जो एसआईआर चल रहा है. चिंता की बात ये हैं कि इसमें भाजपा के लोग शामिल हैं और जिसका वोट वो कटवाना चाहते हैं वो कटवाते हैं और जिसका जुड़वाना चाहते हैं उसका जुड़वाते हैं. अगर हम कोई शिकायत करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग उसे नजर अंदाज़ कर रहा है.” SIR प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग सवालों के घेरे में है। अब देखना ये होगा कि यह और कितना सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोरता है।



