शशि थरूर की हाई कोर्ट में याचिका, ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ को लेकर मांगी राहत
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है.
उन्होंने नाम, समानता और पर्सनैलिटी के गलत इस्तेमाल, खासकर डीपफेक और AI-मॉर्फ्ड कंटेंट को हटाने की मांग की है. थरूर अनिल कपूर व अमिताभ बच्चन जैसे सितारों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने पब्लिक अधिकारों के अनाधिकृत उपयोग पर रोक लगवाई है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी पर्सनैलिटी के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. थरूर ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने नाम, समानता और पर्सनैलिटी के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है. उन्होंने कई डिफेंडेंट के खिलाफ राहत मांगी है, जिसमें अनजान लोग (जॉन डो डिफेंडेंट) भी शामिल हैं. जस्टिस मिनी पुष्करणा की कोर्ट 8 मई को थरूर की याचिका पर सुनवाई करेगी.
शशि थरूर ने कोर्ट से कई डीपफेक और AI-मॉर्फ्ड कंटेंट को हटाने की भी मांग की है. इसी के साथ थरूर उन एक्टर्स, क्रिकेटरों और दूसरी जानी-मानी हस्तियों की लंबी लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने हाल के सालों में अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिक अधिकारों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.
इस मामले को लेकर कौन-कौन पहुंचा कोर्ट?
बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे एक्टर्स ने अपने नाम, आवाज़, इमेज और समानता के बिना इजाज़त इस्तेमाल के खिलाफ रोक लगाई है. खासकर एडवर्टाइजमेंट, मर्चेंडाइज और AI-जनरेटेड कंटेंट के मामले में. इस लिस्ट मेंबॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी का भी नाम है.
दो महीने पहले उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स सिक्योर करने और ऑनलाइन उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अपील की थी. इस मामले मेंकोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई की और एक अहम ऑर्डर जारी किया था. शिल्पा की टीम के एक ऑफिशियल बयान में इसकी पुष्टि की गई थी.
शिल्पा शेट्टी ने अपनी याचिका में क्या कहा था?
इसमें उनके नाम, फोटो, आवाज, समानता या पर्सनैलिटी का किसी भी तरह से इस्तेमाल करने या गलत तरीके से दिखाने पर रोक लगाने पर जोर दिया गया था.कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बदनाम करने वाले और उल्लंघन करने वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाए.
कोर्ट ने कहा था, इस तरह से किसी पब्लिक फिगर की पहचान का बिना उनकी सहमति के कमर्शियल इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने उनके पर्सनैलिटी राइट्स केस में यह साफ कर दिया था कि इंटरनेट डीपफेक और डिजिटल नकल का अड्डा नहीं बन सकता. अब कोई बिना शिल्पा की पर्मिशन के उनके नाम, आवाज या तस्वीर का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता.



