ऐतिहासिक इमामबाड़े में लाखों की चोरी से हडक़ंप

शायर एजाज जैदी की अंजुमनों से इंसाफ की अपील, एक मुस्लिम आईपीएस अधिकारी पर आरोपियों को बचाने का पीडि़त परिवार का आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । पुराने लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़ा क़स्रे हसनैन में हुई लाखों रुपये की चोरी ने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। इस मामले में मशहूर शायर एजाज़ जैदी ने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है और तमाम अंजुमनों से हस्तक्षेप की अपील की है।
पीडि़त परिवार का आरोप है कि मामले में नामजद महिला को बचाने के लिए एक प्रभावशाली पुलिस अधिकारी दबाव बना रहे हैं जिसके चलते अब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को सआदतगंज थाना क्षेत्र स्थित क़स्रे हसनैन इमामबाड़े में चोरी की वारदात हुई जिसकी प्राथमिकी संख्या 0315 दर्ज की गई।

परिवार की बहू पर चोरी का आरोप

पीडि़त परिवार के सदस्य हाशिम मेहदी जैदी और उनकी पत्नी शीबा रिजवी ने आरोप लगाया है कि चोरी का संदेह परिवार की ही एक बहू बतूल रिजवी पर है, जिनके पास अलमारियों की चाबियां रहती थीं। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौखिक रूप से भी यही संकेत दिया था कि चोरी अंदर के व्यक्ति द्वारा की गई है, लेकिन बाद में जांच की गति धीमी पड़ गई और कार्रवाई ठंडी पड़ गई। इस पूरे मामले में शायर एजाज़ जैदी ने एक भावुक अपील जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा कि क़स्रे हसनैन इमामबाड़ा लगभग सौ साल पुराना धार्मिक स्थल है, जहां आज तक कभी इस तरह की कोई आपराधिक घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह इमामबाड़ा न सिर्फ एक इमारत बल्कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सम्मान का प्रतीक है, जहां हर साल धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

एजाज जैदी के ताजा आरोप

एजाज़ जैदी ने अपनी अपील में यह भी आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जो आरोपी महिला के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, जांच को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल गैरकानूनी है बल्कि न्याय प्रक्रिया के खिलाफ भी है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी दबाव के जांच कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य उच्च अधिकारियों को भी पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं की और आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

ताला तोडक़र नहीं बल्कि खोल कर हुई चोरी

शिकायत के अनुसार चोरी घर के अंदर रखी अलमारियों से हुई, जिनके लॉक तोड़े नहीं गए बल्कि चाबी से खोले जाने के संकेत मिले। पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई कि घटना में किसी बाहरी व्यक्ति के बजाय घर के अंदर के किसी व्यक्ति की भूमिका होने की संभावना है। एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक चोरी गए जेवरात और कीमती सामान की अनुमानित कीमत करीब 31,75,250 रुपये आंकी गई है। इसमें लगभग 720 ग्राम सोने के सेट, सोने के कंगन, टीका, अंगूठियां, चांदी की पायल, एंटीक चांदी के सिक्के, फिरोजा सेट और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं। दस्तावेजों में उल्लेख है कि इनमें कई वस्तुएं पारिवारिक विरासत और दहेज से जुड़ी थीं, जिनका ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व भी है।

अंजुमनों में रोष जल्द हो घटना का खुलासा

इस मामले के सामाजिक और धार्मिक आयाम भी हैं। चूंकि घटना एक इमामबाड़े में हुई है, इसलिए इसे समुदाय की प्रतिष्ठा से भी जोडक़र देखा जा रहा है। एजाज़ जैदी ने तमाम अंजुमनों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे आगे आकर न्याय की मांग करें और इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने लखनऊ में इस तरह की घटना दुर्लभ है और इससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।फिलहाल यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना बल्कि सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक विश्वास की कसौटी बन गया है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या पीडि़त परिवार को न्याय मिलेगा या यह मामला भी प्रभाव और दबाव के बीच दबकर रह जाएगा।

पीएम मोदी के असम दौरे पर मचा सियासी घमासान

कांग्रेस ने भाजपा पर किया प्रहार
फ्लाइट की टिकट बुक मणिपुर भी चले जाएं पीएम : खेड़ा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पीएम मोदी के असम दौरे पर सियासी घमासान मच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उनसे हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने की मांग की है। उनके इस पोस्ट के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
पवन खेड़ा ने अपने पोस्ट में लिखा कि चुनाव वाले राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता बन जाते हैं, लेकिन मणिपुर को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मणिपुर 2023 से हिंसा झेल रहा है और हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।उन्होंने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री इस समय असम में हैं और मणिपुर वहां से ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में उन्हें वहां जाकर लोगों से मिलना चाहिए. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री की मौजूदगी से मणिपुर के लोगों को भरोसा मिल सकता है।

फ्लाइट टिकट की फोटो साझा की

कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट के साथ गुवाहाटी से इम्फाल की फ्लाइट टिकट की तस्वीर भी साझा की. उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री की सुविधा के लिए टिकट बुक कर दिया गया है और उन्हें सिर्फ विमान में सवार होना है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास प्रधानमंत्री का नंबर नहीं था, इसलिए टिकट सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। खेड़ा ने केंद्र सरकार के पीएम केयर फंड का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर यह दिखाना चाहिए कि वे सच में राज्य की चिंता करते हैं.
मणिपुर में 2023 से जातीय हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं. विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से सवाल करता रहा है. वहीं सरकार का कहना है कि हालात सुधारने और शांति बहाल करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. जहां कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक दिखावा कह रहे हैं।

मुंबई में भरभराकर गिरानिर्माणाधीन मेट्रो का पिलर, एक की मौत, कई घायल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मेट्रो का पिलर गिरने से भयानक हादसा हो गया। घटना मुलुंड की है। जहां अचानक भरभराकर मेट्रो का पिलर गिर गया। जिसकी चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।
मुलुंड पश्चिम में निर्माणाधीन मेट्रो पिलर का सीमेंट का हिस्सा नीचे से गुजर रहे ऑटो रिक्शा पर गिरा, जिससे कई लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना के बारे में बीएमसी ने बताया कि आज (शनिवार) दोपहर 12.20 बजे जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी, एलबीएस रोड, मुलुंड (पश्चिम) के पास मेट्रो पिलर का एक हिस्सा गिर गया।
निर्माण के दौरान सीमेंट मेट्रो पिलर का एक हिस्सा टूटकर एक रिक्शा पर गिर गया। हादसे के तुरंत बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, मेट्रो स्टाफ, वार्ड स्टाफ और 108 एम्बुलेंस सेवा मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया। हादसे में कई लोग घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि निर्माणाधीन मेट्रो रेल मार्ग के एक खंभे का हिस्सा गिरने से तीन से चार लोगों के घायल हो गए।

कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी

रोका गया विमान टॉयलेट से मिला लेटर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। कोलकाता एयरपोर्ट पर उस समय हडक़ंप मच गया जब शिलॉन्ग जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट के टॉयलेट से बम की धमकी वाला संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई. एहतियात के तौर पर विमान को तुरंत अलग स्थान पर ले जाया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। कोलकाता से शिलॉन्ग जा रही इंडिगोकी फ्लाइट 6ई-7304 के टॉयलेट से एक संदिग्ध नोट बरामद हुआ।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक नोट में बम होने की धमकी लिखी होने की आशंका जताई गई है। सुबह 9: 15 बजे उड़ान भरने वाली इस फ्लाइट को तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रियों से दूर आइसोलेशन बे में ले जाकर खड़ा कर दिया गया इसके बाद बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से उतार लिया गया है. एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।

इंडिगो का बयान- जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा

इंडिगो ने कहा है कि सभी जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की उड़ान संचालन को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा जांच जारी है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

राहुल की किसानों संग बैठक पर भाजपा ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता भ्रामक बातें फैला रहे हैं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद कार्यालय में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में उनकी चिंताओं को सुना। इस कदम पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस मुलाकात को सुनियोजित बताया और कांग्रेस नेता पर भ्रामक बातें फैलाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में शुल्क प्रावधानों को लेकर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के कपास किसानों और कपड़ा निर्यातकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। गांधी ने कहा कि जहां अमेरिका में भारतीय कपड़ों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगता है, वहीं बांग्लादेश को अमेरिकी कपास आयात करने की शर्त पर कपड़ों के निर्यात पर शून्य प्रतिशत शुल्क का लाभ दिया जा रहा है। नीतिगत ढांचे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी कपास का आयात घरेलू किसानों को नुकसान पहुंचाएगा, जबकि इसका आयात न करने से कपड़ा उद्योग को नुकसान होगा। उन्होंने आगे दावा किया कि बांग्लादेश भारत से कपास के आयात में संभावित कमी या रोक के संकेत दे रहा है, जिससे भारतीय उत्पादकों की स्थिति और खराब हो सकती है।

किसानों ने कहा- भारत-अमेरिका डील से कृषि क्षेत्र के लिए सुरक्षा उपाय कमजोर हो सकते हैं

इसके साथ ही विपक्ष के नेता गांधी ने देश भर के 17 प्रमुख किसान संघों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। प्रतिभागियों के अनुसार, संघों ने आशंका व्यक्त की कि व्यापार ढांचा भारतीय किसानों, विशेषकर मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे की खेती करने वाले किसानों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है। किसान प्रतिनिधियों ने समझौते के विरोध में एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया, यह तर्क देते हुए कि इससे किसानों की आय कम हो सकती है और कृषि क्षेत्र के लिए सुरक्षा उपाय कमजोर हो सकते हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा को किसानों की बता रही कांग्रेस : भाजपा

वहीं, एक्स पर एक पोस्ट में, भाजपा ने राहुल गांधी की मुलाकात की तस्वीर साझा की, जिसमें उपस्थित कई लोगों को हरियाणा और पंजाब में सहयोगी कांग्रेस दलों के नेताओं के रूप में चिह्नित किया गया है। पार्टी ने पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी का एक और झूठ, देश के सामने बेनकाब। जिसे किसानों के साथ बैठक बताया जा रहा था, वह वास्तव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा थी। राहुल गांधी ने इस देश की लगभग हर संस्था और समुदाय का राजनीतिकरण और अपमान किया है, और अब वे किसानों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। पार्टी ने आगे लिखा कि सुनियोजित राजनीति वास्तविक नेतृत्व का स्थान नहीं ले सकती। देश ईमानदारी का हकदार है, न कि कांग्रेस के मनगढ़ंत बयानों और राजनीतिक हथकंडों का।

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