सीएम बनते ही विपक्ष के निशाने पर आए शुभेन्दु

शिवसेना यूबीटी व टीएमसी ने उठाए सवाल, टीएमसी का ममता बनर्जी के नेतृत्व में लड़ाई जारी रखने का ऐलान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के साथ ही सियासी बयानबाजी में तेजी आई है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके सीएम बनने पर उन पर चौतरफा वार भी शुरू हो गया है। टीएमसी, शिवसेना युबीटी समेत कई विपक्षी दलों ने भाजपा पर करारा प्रहार किया है। इस बीच पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने अपना एक्स प्रोफाइल अपडेट कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद चुनाव आयोग, सरकारी एजेंसियों और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में करीब 3० लाख वास्तविक मतदाताओं को कथित तौर पर वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। पूरे चुनाव के दौरान कई सरकारी एजेंसियों और चुनाव आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण नजर आया। उन्होंने कहा कि जिन लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए था, उनकी भूमिका से चुनाव की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल सरकार के शपथ ग्रहण के बाद सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 9 मई 26 का दिन इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण दिन के रूप में अंकित किया जाएगा। यह तारीख हमारी स्मृतियों में एक ऐसे दिन के रूप में बना रहेगा, जो अपने साथ नियति का बोझ और आशा, गरिमा और सुशासन के एक नए अध्याय का वादा लेकर आया। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में, भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। मेरे और मेरे साथ कई अन्य लोगों को भी, इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यहाँ उस अवसर की कुछ झलकियाँ प्रस्तुत हैं।

ममता बनर्जी ने बदला एक्स पर प्रोफाइल

इस्तीफा न देने पर अड़ीं ममता बनर्जी ने बदला एक्स पर प्रोफाइल, मुख्यमंत्री पद को लेकर लिखी खास बात पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों में हार के बाद भी ममता बनर्जी अपने सीएम पद से इस्तीफा नहीं देना चाहतीं. उन्होंने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था. अब इस बीच उन्होंने अपना सोशल मीडिया अकाउंट का बायो अपडेट किया है।

चुनाव बाद हिंसा और हमलों करवाए : अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यालयों पर हमले किए जा रहे हैं, कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है और कई समर्थकों को अपने घर छोडऩे पर मजबूर होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता को अपनी सुरक्षा और राजनीतिक विचारधारा के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस दिल्ली और पश्चिम बंगाल दोनों जगह मजबूत और मुखर विपक्ष की भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की लड़ाई बिना किसी डर और समझौते के जारी रखेगी।

भाजपा में भ्रष्ट व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की परंपरा: संजय राउत

शिवसेना (उद्धव ठाकरे) पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने तीखा हमला किया है। संजय राउत ने कहा कि बीजेपी ने इन्हीं के खिलाफ भ्रष्टाचार की मुहिम चलाई थी भाजपा में बाहर से आने वाले भ्रष्ट व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की परंपरा है उसे उन्होंने कायम रखा है। संजय राउत ने शुभेंदु अधिकारी को बंगाल का मुख्यमंत्री बनाए जाने पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी का अभिनंदन करना चाहिए, जो अपनी परंपरा कभी तोड़ते नहीं. परंपरा कायम रखने में उनका हाथ कोई पकड़ नहीं पाएगा. कुछ साल पहले, इन्हीं शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भाजपा के लोगों ने, पूरे बीजेपी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाई थी. इन्हीं अधिकारी के खिलाफ बहुत बड़ी मूवमेंट चलाई थी। शिवसेना नेता ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी को ऑन कैमरा रिश्वत लेते हुए उनको पकड़ा गया था और पूरे बीजेपी के ट्विटर हैंडल और सोशल मीडिया पर शुभेंदु अधिकारी ही चल रहा था महीनों-महीनों तक कि कितने भ्रष्ट व्यक्ति हैं. इस भ्रष्ट व्यक्ति के ऊपर ईडी की रेड्स हो गईं. फिर ये महान व्यक्ति बीजेपी में चला गया और आज उस राज्य का मुख्यमंत्री बना दिया गया।

लखनऊ में सील पर चल रही डील!

एलडीए से मंडलायुक्त कार्यालय तक उठ रहे सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क/ मो. शारिक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माणों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शासन स्तर से शहर को सुनियोजित ढंग से विकसित करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा जिन इमारतों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है, उन्हीं भवनों पर दोबारा तेजी से निर्माण कार्य होने के आरोप लग रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है। निर्माण रुकने के बजाय और तेजी पकड़ लेता है।
कई मामलों में भवन निर्माण पूरा होने के बाद उनका संचालन भी शुरू हो जाता है, जबकि संबंधित प्रकरण मंडलायुक्त कार्यालय में अपील लंबित होने की बात कहकर जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। अवैध होटल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों के कारण राजधानी की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। नो-पार्किंग जोनों में खड़ी गाडिय़ों से सडक़ें संकरी हो रही हैं, वहीं अवैध होटलों और व्यावसायिक गतिविधियों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण शहर के वातावरण को जहरीला बना रहा है।

उपाध्यक्ष बोले पीआरओ से बात कर लीजिए

लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष से बात हुई उन्होंने बोला आप मेरे पीआरओ से बात कर लीजिए। आपको वर्जन मिल जाएगा। उसके बाद ज्ञानेंद्र वर्मा अपर सचिव से बात करना चाहा कॉल नहीं उठा। पीआरओ का भी काल नहीं उठा।

अवैध इमारत में फंस रहा है लोगों का पैसा

लगातार बस रहे अवैध इमारत में जब शासन स्तर पर मामला पहुंचता है तो कार्यवाही होती है इसके बाद सबसे बड़ी समस्या उन लोगों के सामने आती है जिन्होंने अपने गाढ़ी कमाई पाई पाई जोडक़र सपनों का आशियाना बनाने की सोचते हैं क्योंकि अवैध निर्माण पर बुलडोजर चल जाता है और इमारत में अपना घोंसला बनाने वाला अपने अरमानों को टूटता हुआ विभाग और बिल्डर की तरफ सिर्फ दो टूक निहारता रहता है।

सवालों के घेरे में जिम्मेदार तंत्र

लखनऊ विकास प्राधिकरण और मंडलायुक्त कार्यालय में आईएएस, पीसीएस और इंजीनियरिंग स्तर के अधिकारी तैनात हैं। इसके बावजूद सरकार की मंशा के अनुरूप कार्रवाई धरातल पर क्यों नहीं दिख रही? आखिर वह कौन सी कड़ी है जो बिल्डर, प्राधिकरण और अपील प्रक्रिया के बीच ऐसा तंत्र तैयार कर रही है, जिससे अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लग पा रही?

कई इलाकों में अवैध निर्माणों की भरमार

राजधानी के नाका, बाजारखाला, अमीनाबाद, चौक, गोमती नगर, जानकीपुरम विस्तार, फैजाबाद रोड, दुबग्गा, काकोरी, मोहन रोड, सरफराजगंज, अलीगंज और मडिय़ांव जैसे इलाकों में लगातार गगनचुंबी अवैध इमारतें खड़ी होने के आरोप लग रहे हैं। शासन और प्रशासन इन सवालों का जवाब कब तक देता है और राजधानी में अवैध निर्माणों के इस खेल पर कब लगाम लगती है। अक्सर विभागीय अधिकारियों की ओर से एक ही जवाब सामने आता है बिल्डिंग पर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है, मामला मंडलायुक्त कार्यालय में अपील पर विचाराधीन है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब मामला अपील में होता है, तब भी निर्माण कार्य आखिर कैसे जारी रहता है? आखिर कौन है जो सील भवनों में भी काम रुकने नहीं देता

तमिलनाडु में सरकार बनने में अब भी रार

टीवीके ने कुछ और दलों का समर्थन मिलने का किया दावा

एएमएमके चीफ दिनाकरन बोले उनका समर्थन पत्र जाली
वीसीके नेता एसएस बालाजी ने कहा आज करूंगा स्पष्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु जनादेश आने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस गहराया हुआ है। टीवीके चीफ थलपति विजय बीते दो दिनों के दौरान दो बार राज्यपाल से मिलने पहुंचे और सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, नंबर गेम में थलपति विजय पीछे दिख रहे थे।
हालांकि, कांग्रेस के बाद भाकपा, माकपा व वीसीके ने टीवीके को समर्थन का ऐलान कर दिया था। बावजूद इसके टीवीके चीफ बहुमत के आंकड़ें से पीछे नजर आ रहे । उन्होंने राज्यपाल को समर्थन पत्र भेजा है। इसबीच एक विवाद भी उभर आया है। एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय की पार्टी टीवीके के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उनके विधायक के समर्थन की बात कही गई थी, दिनाकरन ने समर्थन पत्र और वीडियो को एआई-जनरेटेड और फर्जी बताया है। इस राजनीतिक विवाद ने तमिलनाडु में विजय की गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं राज्यपाल पर विपक्ष सवालिया निशान लगा रहा है। वहीं चेन्नई में बोलते हुए, वीसीके नेता एसएस बालाजी ने कहा कि विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी को समर्थन देने के संबंध में पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के स्थान और समय की आधिकारिक घोषणा आज शाम लगभग 4 बजे की जाएगी।

टीवीके अहंकारी और घृणास्पद पार्टी : टीटीवी दिनाकरन

तमिलनाडु में पहली गठबंधन सरकार बनाने के विजय के गठबंधन का समर्थन करने से इनकार करने वाली पार्टी के टीटीवी दिनाकरन ने दावा किया है कि टीवीके द्वारा प्रदर्शित समर्थन पत्र जाली है। एएमएमके के महासचिव ने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कजग़म (टीवीके) को अहंकारी और घृणास्पद भी कहा है। बहुमत के लिए संघर्ष कर रही टीवीके ने पहले एक कार्यकारी गठबंधन बनाने के लिए अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कजग़म (एएमएमके) से उसके एकमात्र निर्वाचित विधायक कामराज एस का समर्थन मांगा था।

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