श्याम सिंह यादव पर हत्या का आरोप, फिर भी BJP में जिला मंत्री बनाए गए

मिर्ज़ापुर में भारतीय जनता पार्टी की नवगठित जिला कमेटी विवादों में आ गई है, जब कटरा कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव को जिला मंत्री बनाया गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर जिले में भाजपा की नवगठित जिला कार्य समिति विवादों में घिर गई है। कटरा कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव को जिला मंत्री बनाए जाने के फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है।

श्याम सिंह यादव पर 2008 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रामदुलार चौधरी के भतीजे की हत्या का आरोप है। रामदुलार चौधरी खुद 20 साल तक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रहे और राजनाथ सिंह के जिलाध्यक्ष कार्यकाल में जिला मंत्री भी रह चुके हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि दागियों को कार्यसमिति में जगह देने से पार्टी की छवि और अनुशासन को नुकसान पहुंचता है। इस विवाद ने मिर्जापुर में भाजपा की संगठनात्मक निर्णय प्रक्रिया और नैतिकता पर सवाल खड़ा कर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे फैसले पार्टी के अंदर असंतोष और राजनीतिक बहस को बढ़ा रहे हैं। अभी तक भाजपा के जिला नेतृत्व की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं आया है।

भतीजे की हत्या से मचा हलचल, रक्षामंत्री के करीबी का नाम जुड़ा

मिर्जापुर जिले में भारतीय जनता पार्टी की नवगठित जिला स्तरीय कार्य समिति विवादों के घेरे में आ गई है। कटरा कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव को जिला मंत्री बनाए जाने पर पार्टी के बड़े नेता असहज हैं। श्याम सिंह यादव पर 22 अप्रैल 2008 को लाल डिग्गी पुलिस चौकी के पास रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रामदुलार चौधरी के भतीजे शशि चौधरी की दिनदहाड़े हत्या का आरोप है। इस मामले में श्याम सिंह यादव के साथ कई अन्य लोग भी आरोपी हैं। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज ने श्याम सिंह यादव को अपनी जिला कमेटी में जिला मंत्री बना दिया। यह स्पष्ट नहीं है कि यह निर्णय जिलाध्यक्ष ने स्वयं लिया या किसी जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर किया गया।


इस फैसले के बाद भाजपा की नवगठित कमेटी विवादों में घिर गई है। कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि जो पार्टी अक्सर विपक्षी दलों पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाती रही, वही अपने संगठन में अपराधियों को कैसे जगह दे रही है। अभी तक भाजपा नेतृत्व की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है, जिससे संगठनात्मक विवाद और गहराने की संभावना है।

दागी को BJP में जगह मिलने से कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रामदुलार चौधरी जब मिर्जापुर जिले में बीजेपी जिलाध्यक्ष थे, तब उनके कार्यकाल में रामदुलार जिला मंत्री हुआ करते थे। रामदुलार चौधरी 20 साल तक भाजपा जिला उपाध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं और 1991 में सुरक्षित छनाबे विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन चुनाव हार गए थे।

रामदुलार के भाई जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि उनके बेटे शशि चौधरी की 22 अप्रैल 2008 को गाड़ी के आगे-पीछे होने को लेकर ड्राइवर से विवाद हुआ, जिसमें उनके बेटे की हत्या कर दी गई। इस मामले में श्याम सिंह यादव समेत अन्य लोग आरोपी हैं और मुकदमा मिर्जापुर एससी-एसटी कोर्ट में चल रहा है।

अगली सुनवाई 17 अप्रैल को है। श्याम सिंह यादव अभी बरी नहीं हुए हैं। श्याम सिंह यादव ने दुखी मन से तंज कसते हुए कहा, “अब पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बना दें, हमसे इससे कोई लेना-देना नहीं है। ना तो मैं किसी से शिकायत कर रहा हूँ, हां मुकदमा अभी चल रहा है और मैं अभी बरी नहीं हुआ हूँ।” इस मामले ने मिर्जापुर भाजपा संगठन में विवाद पैदा कर दिया है। कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि जो पार्टी विपक्षी दलों पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाती रही, वही अपने संगठन में ऐसे व्यक्तियों को कैसे जगह दे सकती है।

क्या दबाव में लिया गया बीजेपी जिलाध्यक्ष का निर्णय?

बताया जा रहा है कि भाजपा जिलाध्यक्ष ने कुछ जनप्रतिनिधियों और आरएसएस से जुड़े लोगों के दबाव में हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव को बीजेपी जिला मंत्री बनाया है. जिला मंत्री के साथ ही और दागियों को कार्य समिति में शामिल किया गया है. दागियों को कार्यसमिति में जगह मिलने से भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश है, को लेकर जब भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज से बात की गई तो उन्होंने फोन पर बताया कि “10 साल से मैं उनको जानता हूं उन पर झूठे आरोप लग रहे हैं, अलबत्ता उन्होंने यह भी कहा कि हिस्ट्रीशीटर खोले जाने की जानकारी नहीं है इसकी जांच कराई जाएगी.”

वहीं बीजेपी जिला मंत्री श्याम सिंह यादव ने बताया कि सारे मामले खत्म हो गए हैं अब कुछ भी नहीं है. सबसे हम बरी हो गए हैं. जबकि मृतक के पिता जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि 30 मार्च को तारीख थी अगली 17 अप्रैल को तारीख हैं. वही कटरा कोतवाली प्रभारी बैजनाथ सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल 2008 में हुई हत्या के मामले में श्याम सिंह यादव आरोपी है उसका नाम हिस्ट्री सीटर के सूची में भी है.

मुख्यमंत्री बुल्डोजर मोड में, जनप्रतिनिधि सुरक्षा कवच बन रहे

बीजेपी मिर्जापुर की नवगठित जिला कमेटी में जिला मंत्री श्याम सिंह यादव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। श्याम सिंह यादव के साथ पार्टी के कुछ जनप्रतिनिधियों और बीजेपी जिलाध्यक्ष की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं। इनमें एक विधायक ने श्याम सिंह यादव को चुनरी पहनाकर सम्मानित करते हुए भी देखा गया। स्थानीय लोग और कार्यकर्ता इस पर नाराज हैं। लोगों का कहना है कि सूबे के मुख्यमंत्री अपराधियों पर बुल्डोजर की तरह सख्त रुख अपनाने की चेतावनी देते हैं, लेकिन राज्य के अपने ही विधायक अपराधियों को संगठन में शरण देकर सुरक्षा कवच दे रहे हैं।

इस स्थिति ने बीजेपी की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के अंदर और बाहर चर्चा है कि किस प्रकार से संगठन में अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है जबकि मुखिया सख्त चेतावनी दे रहे हैं। अभी तक पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मिर्जापुर का यह मामला पार्टी की संगठनात्मक नीतियों और अनुशासन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

रिपोर्ट: संतोष देव गिरि, मिर्जापुर

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