सीतापुर: व्हाट्सएप कॉल पर 50 हजार की मांग का आरोप, फिर नगर पंचायत कार्यालय में हुआ बवाल!
सीतापुर के हरगांव नगर पंचायत में ईओ की तहरीर पर वार्ड सभासद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सभासद पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए 50 हजार रुपये मांगने, कार्यालय में घुसकर अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले के हरगांव नगर पंचायत में एक अधिशासी अधिकारी (ईओ) और वार्ड सभासद के बीच विवाद का मामला चर्चा का विषय बन गया है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर एक वार्ड सभासद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि सभासद ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से रुपये की मांग की और बाद में कार्यालय पहुंचकर अभद्रता, मारपीट तथा धमकी दी। मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत परिसर से लेकर स्थानीय राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ईओ ने लगाए गंभीर आरोप
नगर पंचायत हरगांव के अधिशासी अधिकारी श्रीश मिश्र ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि वार्ड सभासद ऋषभ गुप्ता ने उनसे व्हाट्सएप कॉल के जरिए 50 हजार रुपये की मांग की थी। तहरीर के अनुसार जब कथित मांग पूरी नहीं की गई, तो सभासद नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और वहां गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार तथा मारपीट की। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
कार्यालय का कामकाज प्रभावित होने का दावा
ईओ का कहना है कि घटना के दौरान कार्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए। अधिशासी अधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
हरगांव थाना पुलिस ने अधिशासी अधिकारी की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
नगर पंचायत से जुड़े इस मामले ने स्थानीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण होता है, ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।
रिपोर्ट – वली चौधरी
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