सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को किया याद, बोलीं- ‘इतिहास उन्हें अच्छे शब्दों में याद रखेगा’
सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार के 10 सालों के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि इन पिछले 12 सालों की तुलना में कहीं अधिक रही है और इससे लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद भी मिली.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार के 10 सालों के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि इन पिछले 12 सालों की तुलना में कहीं अधिक रही है और इससे लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद भी मिली.
मनमोहन सिंह को इतिहास अच्छे शब्दों में याद रखेगा… पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने यह बातें कहीं. सोनिया ने पूर्व प्रधानमंत्री को पिछले दिनों कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने का भी खुलकर स्वागत किया. उन्होंने एक अखबार में लिखे अपने लेख के जरिए कहा कि उनकी ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज के तरीके के बिल्कुल विपरीत है.
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह को एक मृदु, सौम्य लेकिन बेहद खास प्रधानमंत्रियों में से एक के रूप में याद करेगा. उन्होंने अंग्रेजी दैनिक द इंडियन एक्सप्रेस में छपे अपने लेख में कहा कि 29 जुलाई, 2026 का दिन भारतीय राजनीतिक इतिहास में अहम लेकिन अनदेखा दिन रहा, जब सुप्रीम कोर्ट ने कथित कोयला घोटाला मामले में मनमोहन को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखा.
बिना किसी ठोस कारण मनमोहन को गलत ठहराया
उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने अधीनस्थ अदालत द्वारा सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज करने और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ बिना किसी ठोस कारण प्रतिकूल कमेंट करने को भी गलत ठहराया.
मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व दौर में केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख रहीं सोनिया गांधी ने कहा, “यह हमारे सार्वजनिक विमर्श के सबसे दुखद अध्यायों में से एक, मनमोहन सिंह के खिलाफ चलाए गए अभियान का अंत है. वह असाधारण शुचिता और ईमानदारी वाले शख्सियत थे.” उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उनके खिलाफ अभियान सुनियोजित और समन्वित था, साथ ही इसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, नागरिक संगठन और निश्चित तौर पर RSS तथा BJP से जुड़े लोग शामिल थे.
रेनकोट… वाली पीएम की टिप्पणी निम्न स्तरों में से एक
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद इन दिनों देश के छात्रों को उन पर हमला करने के लिए माफ कर रहे हैं, इसलिए शायद वह मनमोहन सिंह को अमर्यादित तरीके से बदनाम करने के लिए खुद को भी माफ कर सकते हैं. सोनिया गांधी ने पीएम मोदी की ओर से राज्यसभा में 8 फरवरी, 2017 को पूर्व प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रेनकोट पहनकर नहाने की कला वाली पीएम मोदी की टिप्पणी हमारे संसदीय इतिहास के सबसे निम्न स्तरों में से एक के रूप में याद की जाएगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी जांच एजेंसियों का घोर दुरुपयोग कर रही है और उनका इस्तेमाल राजनीतिक नेताओं पर प्रेशर बनाने के लिए किया जा रहा है. सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली सरकार ने गहरे आर्थिक बदलावों की शुरुआत की और शानदार आर्थिक वृद्धि के दौर में निजी निवेश तथा खपत को बढ़ावा दिया.
12 साल की तुलना में 10 साल में ज्यादा तेज वृद्धि
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि साल 2008 के वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान भी भारत ने अपनी मजबूती दिखाई. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के 10 सालों के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि इन पिछले 12 सालों की तुलना में कहीं अधिक रही है और इससे लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद भी मिली.
यूपीए सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियों में शिक्षा का अधिकार, केंद्रीय वित्त पोषित उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में नागरिक संगठन को सरकार के खिलाफ आवाज उठाने और छात्रों को प्रधानमंत्री समेत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की आजादी हुआ करती थी.
मीडिया की आजादी का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह संसद और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहते थे. उन्होंने 100 से अधिक बिना पूर्व निर्धारित सवालों वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड भारतीय इतिहास में निर्णायक आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति के दौर के रूप में पहचाना जा रहा है.
उन्होंने कहा, “हमें निश्चित रूप से इस बात का अफसोस है कि वह इस दिन को देखने और अपने ज्ञान से देश का मार्गदर्शन करने के लिए हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन यह हमारे लिए संतोष की बात है कि जनवरी, 2014 में की गई उनकी भविष्यवाणी हर गुजरते दिन के साथ सच साबित होती जा रही है.” पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का 2 साल पहले 27 दिसंबर, 2024 को निधन हो गया था. कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े इस चर्चित आपराधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन्हें तलब करने का आदेश निरस्त किए जाने के बाद मामला उनके खिलाफ औपचारिक रूप से अब खत्म हो गया है.



