मीरजापुर में मतदाता सूची पर सपा का प्रदर्शन, हजारों डुप्लीकेट नामों की जांच की मांग
मीरजापुर में समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में हजारों डुप्लीकेट और कथित फर्जी नाम दर्ज होने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। मीरजापुर में समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट और फर्जी नाम दर्ज होने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पार्टी का दावा है कि जिले की पांचों विधानसभा सीटों की अंतिम मतदाता सूची में हजारों की संख्या में एक जैसे नाम, समान उम्र और मिलते-जुलते फोटो वाले मतदाता दर्ज हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
अखिलेश यादव के निर्देश पर हुआ प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को पांचों विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित डुप्लीकेट और कथित फर्जी मतदाताओं की सूची भी सौंपी गई।
पांचों विधानसभा क्षेत्रों में गड़बड़ी का दावा
सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने आरोप लगाया कि एक ही नाम, समान पिता या पति के नाम, लगभग समान उम्र और मिलते-जुलते फोटो वाले व्यक्तियों के नाम अलग-अलग वोटर आईडी नंबर के साथ कई बूथों पर दर्ज पाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी द्वारा की गई पड़ताल में निम्न विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं—
- 396 मीरजापुर सदर विधानसभा – 4,353 मामले
- 395 छानबे (सुरक्षित) विधानसभा – 5,120 मामले
- 397 मझवां विधानसभा – 6,403 मामले
- 398 चुनार विधानसभा – 5,475 मामले
- 399 मड़िहान विधानसभा – 6,667 मामले
पार्टी का कहना है कि यदि इन त्रुटियों को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो वास्तविक मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
सपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक बैठकों में बार-बार यह स्पष्ट किया जाता रहा है कि मतदाता सूची तैयार करने में लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पार्टी ने मांग की है कि प्रकाशित मतदाता सूची की तत्काल जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर त्रुटि या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने दिया जांच का भरोसा
प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए कहा कि प्रस्तुत तथ्यों और शिकायतों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में किसी प्रकार की गलती या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे सपा कार्यकर्ता
प्रदर्शन में पूर्व विधायक जगतम्बा सिंह पटेल, मुन्नी यादव, आशीष यादव, अशोक यादव, सुरेन्द्र सिंह पटेल, दामोदर प्रसाद मौर्य, रविन्द्र बहादुर सिंह, झल्लू यादव, आशीष कोल, रमाशंकर कोल, बलराम यादव, अभय यादव, मेवालाल प्रजापति, संदेश यादव, रामराज यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता क्यों महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों के अनुसार मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव की आधारशिला होती है। यदि सूची में डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियां मौजूद हों तो इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में समय रहते जांच और संशोधन करना निर्वाचन व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या वास्तव में मतदाता सूची में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है।
रिपोर्ट: संतोष देव गिरि
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