नवादा में छात्र की बेरहमी से हत्या, स्कूल बैग में मिला शव
बिहार के नवादा में 15 वर्षीय छात्र वंश राज की निर्मम हत्या ने मानवता को झकझोर दिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार के नवादा में 15 वर्षीय छात्र वंश राज की निर्मम हत्या ने मानवता को झकझोर दिया है.
गोनावा स्थित खदान के पानी में उसका शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, जिससे क्रूरता साफ दिखती है. ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. पुलिस इस दिल दहला देने वाले मामले की गहन जांच कर रही है और कुछ दोस्तों पर संदेह गहराया है.
बिहार के नवादा जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित गोनावा गांव में 15 वर्षीय स्कूली छात्र वंश राज उर्फ बंशु की बेरहमी से हत्या कर शव को खदान के पानी में फेंक दिया गया.
शनिवार सुबह जब बच्चे का शव पानी में तैरता मिला तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. शव की हालत देखकर ग्रामीणों और परिजनों का कलेजा फट पड़ा. घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.
मृतक की पहचान गोनावा गांव निवासी संतोष कुमार सिन्हा के इकलौते पुत्र वंशराज के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वंशराज शुक्रवार को रोज की तरह स्कूल पढ़ने गया था. परिवार को उम्मीद थी कि शाम तक वह घर लौट आएगा, लेकिन देर शाम तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित हो गए. खोजबीन शुरू की गई तो पता चला कि स्कूल में उसका बैग रखा हुआ है, लेकिन बच्चा गायब है. इसके बाद परिवार वालों के होश उड़ गए.
नहाने के लिए गया था छात्र
जानकारी के अनुसार वंशराज अपने पांच दोस्तों के साथ स्कूल से करीब पांच किलोमीटर दूर गोनी पहाड़ खदान में नहाने गया था. शाम को उसके चार साथी तो वापस लौट आए, लेकिन वंशराज नहीं लौटा. जब परिजनों ने पूछताछ की तो बच्चों ने पहले कहा कि वह खदान के पानी में डूब गया है.
इसके बाद कुछ देर बाद बयान बदलते हुए राजगीर वाटर पार्क में डूबने की कहानी बताने लगे. बच्चों के लगातार बदलते बयान ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया और परिजनों का शक उन्हीं साथियों पर गहराने लगा.
परिजन और ग्रामीण रातभर पुलिस के साथ खदान इलाके में बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाकर घर भेज दिया और कहा कि सुबह एसडीआरएफ टीम बुलाकर तलाश की जाएगी, लेकिन शनिवार सुबह जैसे ही लोगों की नजर खदान के पानी में तैरते शव पर पड़ी, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई.
पानी में तैरता मिला शव
जब ग्रामीणों ने शव को पानी से बाहर निकाला तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की रूह कांप उठी. बच्चे के कान में पेंचकस जैसी नुकीली वस्तु घोंपी गई थी और उसकी एक आंख बाहर निकली हुई थी. शरीर पर भी चोट के कई निशान बताए जा रहे हैं. शव की हालत देखकर साफ लग रहा था कि बच्चे की बेहद बेरहमी से हत्या की गई है. अपने बेटे की ऐसी हालत देखकर मां-बाप बेसुध हो गए और पूरे गांव में मातम छा गया.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ हत्या नहीं बल्कि हैवानियत की सारी हदें पार करने वाली घटना है. लोगों का कहना था कि आखिर एक मासूम बच्चे से किसी की इतनी दुश्मनी कैसे हो सकती है. मृतक परिवार का इकलौता बेटा था. परिजनों ने बड़े प्यार और उम्मीद से उसका नाम वंशराज रखा था ताकि वह परिवार का वंश आगे बढ़ा सके, लेकिन अपराधियों ने परिवार का चिराग ही बुझा दिया.
घटना के बाद लोगों में भाीर गुस्सा
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने काली मंदिर के समीप गोनावा डीह मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. सड़क पर टायर जलाए गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. लोग हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. जाम की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे.
स्थिति बिगड़ती देख नवादा के एसपी अभिनव धीमान खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत कराया. पुलिस ने तुरंत एफएसएल टीम को बुलाया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए. पुलिस आसपास के लोगों और मृतक के दोस्तों से लगातार पूछताछ कर रही है.
पुलिस मामले की कर रही जांच
सूत्रों के अनुसार पुलिस को मृतक के कुछ सहपाठियों पर शक है. बताया जा रहा है कि घटना के बाद से कुछ बच्चे डरे हुए हैं और उनके बयान लगातार बदल रहे हैं. पुलिस मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है.
इस निर्मम हत्या ने पूरे नवादा जिले को हिलाकर रख दिया है. गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है कि आखिर उस मासूम की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की गई. लोग दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.



