सुष्मिता देव का राज्यसभा से इस्तीफा, CM हिमंता से मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है. सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है. सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है. सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद उन्होंने असम के सीएम हिमंता से मुलाकात की. सुष्मिता देव 2021 में टीएमसी में शामिल हुई थीं. ममता के साथ आने से पहले सुष्मिता कांग्रेस में थीं, जहां वह महिला कांग्रेस की प्रमुख और प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी संभालती थीं.

सुष्मिता देव से पहले सुखेंदु शेखर रॉय ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दिया था. इनका इस्तीफा दिखाता है कि पार्टी पर ममता की पकड़ कमजोर होती जा रही है. बागी नेता रिताब्रता बनर्जी के समर्थन में 61 विधायक पहले ही उतर चुके हैं और अब सांसद अलग राह चुन रहे हैं.

देव असम के सिलचर से कांग्रेस की लोकसभा सांसद थीं. 2019 में हार के बाद पार्टी छोड़कर 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं. उन्होंने तेज़ी से तरक्की की और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनीं और बाद में उन्हें राज्यसभा की सीट मिली.

बागी गुट के साथ कितने सांसद?

बागी TMC सांसद काकोली घोष ने सोमवार को कहा था कि पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने NDA के साथ जुड़ने की इच्छा जताई. इस कदम के संबंध में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र सौंपा गया. इस उथल-पुथल के बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद पार्थ भौमिक ने अभिषेक बनर्जी को चिट्ठी लिखकर पार्टी का दिल्ली दफ्तर खाली करने की मांग की है. पार्थो भौमिक के सरकारी आवास 20 राजेन्द्र प्रसाद रोड टीएमसी का दफ्तर चलता है. पार्थो भौमिक टीएमसी बागी ग्रुप के सदस्य हैं.

मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के सीनियर नेता कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष के नेतृत्व वाले बागी गुट पर निशाना साधा. बनर्जी ने कहा कि जो नेता पार्टी से नाखुश हैं, उन्हें संगठन का सार्वजनिक रूप से विरोध करते हुए भी पदों पर बने रहने के बजाय इस्तीफा दे देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं रहना चाहता या पार्टी से उनके गंभीर मतभेद हैं, तो नैतिक रूप से सही कदम पद छोड़ना ही होगा.

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