बाइक मिर्जापुर में खड़ी थी, वाराणसी में कटता रहा चालान! मजदूर की कहानी सुन पुलिस भी दंग
मिर्जापुर के मजदूर की बाइक घर पर खड़ी रही, लेकिन उसके नंबर पर वाराणसी में बार-बार चालान कटता रहा। आरोप है कि दूसरी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाया जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः डिजिटल व्यवस्था ने जहां काम आसान किया है, वहीं सिस्टम की एक गलती आम आदमी के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। मिर्जापुर के लालगंज क्षेत्र में ऐसा ही मामला सामने आया है। रेही गांव निवासी मजदूर गंगासागर की बाइक घर पर खड़ी रहती है, लेकिन उसके नंबर पर वाराणसी में लगातार चालान कटते रहे। जांच में सामने आया कि किसी दूसरी बाइक पर उसके नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर वाहन चलाया जा रहा है।
घर पर खड़ी बाइक, वाराणसी में कट गया दो हजार से ज्यादा का चालान
गंगासागर लहंगपुर में कपड़ा सिलाई का काम कर मजदूरी करते हैं। उनका कहना है कि उनकी एचएफ डिलक्स बाइक घर पर ही रहती है और उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसके बावजूद वाराणसी यातायात पुलिस की ओर से फोन कर बाइक के बारे में पूछा गया।
चालान का स्टेटस चेक करने पर दो हजार रुपये से अधिक का जुर्माना सामने आया। गंगासागर ने बाइक का हुलिया बताया तो पता चला कि वाराणसी में जिस वाहन पर चालान हुआ, वह अलग मॉडल का था। आरोप है कि किसी दूसरी बाइक पर उनका नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी परेशानी, शिकायत के बाद भी समाधान नहीं
गंगासागर के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी उनकी बाइक के नंबर पर चालान कट चुका है। उन्होंने वाराणसी पुलिस को बाइक के कागजात और फोटो भेजे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
लहंगपुर पुलिस चौकी पहुंचने पर उन्हें 1076 पर शिकायत करने की सलाह दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली।
मजदूर का सवाल- हर चालान के लिए कहां-कहां जाऊं?
गंगासागर का कहना है कि वह मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। ऐसे में हर चालान के लिए मिर्जापुर से वाराणसी के चक्कर लगाना उनके लिए संभव नहीं है। उनका कहना है कि वाहन मिर्जापुर में पंजीकृत है, इसलिए संबंधित विभाग रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर वास्तविक वाहन की पहचान कर सकता है।
अधिवक्ता प्रभाशंकर दुबे ने मामले को फर्जी नंबर प्लेट के खतरे और डिजिटल चालान व्यवस्था की सटीकता से जोड़ते हुए जांच की जरूरत बताई। अब देखना है कि संबंधित विभाग पीड़ित को कब राहत दिलाता है।
रिपोर्ट: संतोष देव गिरि, मिर्जापुर
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