माउंट एवरेस्ट पर BSF की बेटियों का परचम, ‘वंदे मातरम्’ से गूंजा आसमान

बीएसएफ ने बताया कि महिलाओं की इस टीम ने गुरुवार सुबह 8 बजे कामयाबी के साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई पूरी की.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बीएसएफ ने बताया कि महिलाओं की इस टीम ने गुरुवार सुबह 8 बजे कामयाबी के साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई पूरी की. इन पर्वतारोहियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” भी गाया, जिससे राष्ट्रीय गौरव का एक गहरा पल भी बन गया.

देश की सीमा की सुरक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के खाते में एक और अनोखा कीर्तिमान दर्ज हो गया है. बीएसएफ की पूरी तरह से महिलाओं की पर्वतारोहण टीम ने कल गुरुवार को चुनौतीपूर्ण माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर नया रिकॉर्ड बना दिया. गृह मंत्री अमित शाह ने महिलाओं की इस कामयाबी की तारीफ करते हुए कहा कि नारी शक्ति ने सीमा सुरक्षा बल की अजेय ताकत को साबित कर दिया है.

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि कल गुरुवार को BSF की पूरी तरह से महिलाओं वाली एक पर्वतारोहण टीम ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर एक रिकॉर्ड बनाया और दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से “वंदे मातरम” भी गाया. इस महिला टीम में पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल सेरिंग चोरोल शामिल थीं.

एवरेस्ट पर रचा सुनहरा इतिहासः अमित शाह
अमित शाह ने इस कामयाबी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “नारी शक्ति ने बीएसएफ की अजेय ताकत को साबित कर दिया है. बीएसएफ की सभी महिला माउंटेनियरिंग टीम को मेरी हार्दिक बधाई, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर सुनहरा इतिहास रचा. बल की डायमंड जुबली मनाते हुए, उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की और आसमान में वंदे मातरम गाया, जिससे हिम्मत, देशभक्ति और लगन की एक अनोखी मिसाल कायम हुई. टीम के सभी सदस्यों को मेरा सलाम.”

महिला टीम की कामयाबी के बारे में जानकारी देते हुए बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 8 बजे इन महिलाओं ने कामयाबी के साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई पूरी की. उन्होंने आगे बताया कि इन पर्वतारोहियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” भी गाया, जिससे राष्ट्रीय गौरव का एक गहरा पल भी बन गया.

एवरेस्ट के लिए 6 अप्रैल को टीम हुई थी रवाना
बीएसएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया, “यह अभियान ‘वंदे मातरम’ की अमर विरासत को भी एक श्रद्धांजलि है. यह एक ऐसा गीत है जो देश की सेवा में भारतीय पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करता रहा है.” बल के महानिदेशक (DG) प्रवीण कुमार ने रेडियो लिंक के जरिए इन महिलाकर्मियों से बात की और उन्हें उनकी उपलब्धि पर बधाई दी. महिला पर्वतारोहियों के इस दल को उनके पहले अभियान के लिए 6 अप्रैल को दिल्ली से रवाना किया गया था.

पर्वतारोहण के दौरान 2 कार्यक्रम- 8,848.86 मीटर ऊंची चोटी पर महिलाओं का अब तक का पहला अभियान और राष्ट्रीय गीत का गायन- काफी अहम रहा. इनकी योजना सीमा सुरक्षा बल के हीरक जयंती वर्ष और 2026 में “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बनाई गई थी.

करीब 2.7 लाख कर्मियों वाली बीएसएफ का गठन साल 1965 में किया गया था. इसका मुख्य कार्य पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की सीमाओं की रक्षा करना है, इसके अलावा यह देश की आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी अलग-अलग भूमिकाएं निभाती है.

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